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पॉलीथिन खाने से गायों की मौत:पशुपालन मंत्री के गृह जिले की गोशाला में 4 माह में 45 निराश्रित गायों की पॉलीथिन खाने से हुई मौत

राजपुर/बड़वानीएक महीने पहले
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  • मंत्री पटेल बोले मामले की जांच कर अफसरों पर करेंगे कार्रवाई
  • हकीकत-जिले में पॉलीथिन के उपयोग को राेकने के लिए कोई जमीनी प्रयास नहीं

प्रदेश के पशुपालन मंत्री प्रेमसिंह पटेल के गृह जिले में मवेशियों की पाॅलीथिन (पन्नी) खाने से मौतें हो रही है। राजपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बिलवानी की शासकीय गोशाला में 6 महीने पहले 55 निराश्रित गायों को पकड़कर वहां रखा गया। पिछले 4 महीने से एक दो-दिन छाेड़कर एक-एक करके 45 गायों की मौत हो गई।

गायों के शवों का पोस्टमार्टम कराने पर मौत का कारण पन्नी खाना सामने आया है। अब मंत्री मामले की जांच करने की बात कर रहे हैं। जबकि राेजाना मवेशी कचरे में पड़ी पन्नियां खा रहे हैं। शुक्रवार को भी राजपुर के ट्रेंचिंग ग्राउंड पर बड़ी संख्या मे मवेशी कचरे से पन्नी खाते नजर आए।

6 महीने पहले नगर पालिका बड़वानी ने सड़क पर घूमने वाली 55 निराश्रित गायांें को पकड़कर ग्राम बिलवानी की गोशाला में रखवाया था। गोशाला समिति की अध्यक्ष संगीता पति गौतम जैन ने बताया पिछले 4 महीने में एक-दाे दिन छोड़कर गायों की मौतें हाे रही हैं।

गायों के शवों का पोस्टमार्टम कराने पर उनके पेट से पन्नियां निकली। पेट में पन्नियां भरी होने से गायें चारा नहीं खा पा रही थी, इससे उनकी मौत हो गई। पशुपालन विभाग के उपसंचालक भी गायों की मौत पन्नी खाने से होना मानते हैं।

इस मामले में पशुपालन मंत्री पटेल मामले की जांच कराकर अफसरों पर कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। जबकि जिलेे में हजारों निराश्रित मवेशी रोजाना कचरे से पन्नी खाकर बीमार हो रही हैं। मवेशियों को पन्नी खाने से रोकने व प्रतिबंधित पॉलीथिन के उपयोग पर रोक लगाने के लिए कार्य योजना नहीं बनाई जा रही है।

ऐसी ही लापरवाही रही तो कई मवेशियों की मौत हो सकती है। शुक्रवार को राजपुर नगर के ट्रेंचिंग ग्राउंड पर मवेशी कचरे में पन्नियां खाते नजर आई। यहां पर हरी नेट लगाकर अस्थाई बाउंड्रीवॉल बनाई थी, इसे मवेशियों ने तोड़ दिया। मवेशियों को रोकने के लिए कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

गायों को दवाई देकर कर रहे इलाज, 3 का ऑपरेशन भी किया
पशु विभाग के उपसंचालक एलएस बघेल ने बताया बिलवानी की गोशाला में जिन गायों की मौत हुई वो सभी कमजोर थी। पाॅलीथिन खाने के बाद स्वास्थ्य खराब होने पर उनका इलाज भी शुरू िकया था। गायों को दवाई पिलाकर पन्नियां गलाने का प्रयास किया गया लेकिन वह काफी कमजोर होने से नहीं बची। तीन गायों का आॅरेशन कर उनके पेट से पन्नियां भी निकाली लेकिन उनकी भी कुछ दिन बाद मौत हो गई। गोशाला में आई अन्य गायाें को दवाई पिलाकर उनका इलाज कर रहे हैं।

मौतों को लेकर अफसर व मंत्री की सफाई
पोस्टमार्टम में पता चला गायों की पाॅलीथिन खाने से हुई मौत

तलवाड़ा व बिलवानी की गोशाला में ज्यादातर बड़वानी नपा से मवेशी भेजे थे। डॉक्टरों ने कुछ गायों की मौत के बाद पोस्टमार्टम किया तो पेट से 10 से 20 किलो पॉलीथिन निकली। पॉलीथिन खाने की वजह से चारा कम खा रही थी। जांच करवा रहे हैं। -लक्ष्मणसिंह बघेल, उपसंचालक पशु विभाग बड़वानी

मामले की जांच करवाकर दोषियों पर करेंगे कार्रवाई
जिले की गोशालाओं मे जितनी भी गाय भेजी है, वहां डॉक्टर या अधिकारी की लापरवाही से गायों की माैत हुई है तो अफसरों को सस्पेंड कर पूरी जांच कराएंगे। अगर खाना ना मिला हो, पन्नी खाने से मौत होने की बात सामने आ रही है तो जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई करेंगे।
प्रेमसिंह पटेल, पशु पालन मंत्री मप्र।

मवेशियों को पन्नी खाने से रोकेंगे, नगर से जब्त करेंगे पॉलीथिन
नगर के ट्रेंचिंग ग्राउंड पर हरी नेट लगाकर अस्थाई बॉउंड्रीवाल बनाई गई थी, नई बाउंड्रीवाॅल के लिए प्रस्ताव विभाग को भेजा है। वहीं नगर में प्रतिबंधित पाॅलीथिन जब्त करने की कार्रवाई करेंगे। मवेशियों को पन्नी खाने से रोकने का प्रयास करेंगे।
संतोष चौहान, सीएमओ नगर परिषद राजपुर।

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