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किल कोरोना:सर्वे की जानकारी नहीं दे पाए सीबीएमअाे, जिपं सीईओ बोले- अभियान को मजाक में ले रहे हो

बड़वाहएक महीने पहले
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  • जनपद पंचायत सभागृह में हुई बैठक में जिपं सीईओ ने सीबीएमओ से किए सवाल जवाब

किल कोरोना अभियान के तहत घर-घर सर्वे किया जा रहा है। अभियान 15 जुलाई तक चलेगा। अभियान के तीसरे दिन शुक्रवार को जिला पंचायत सीईओ गौरव बेनल ने जनपद पंचायत सभागृह में बैठक ली। सीबीएमओ डॉ.अनुज कारखुर अभियान के बारे में सही जानकारी भी नहीं दे पाए। सीईओ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा- बहानेबाजी नहीं चलेगी। आपकी मॉनीटरिंग जीरो है। सुबह 11.30 बजे जनपद पंचायत पहुंचे। इसके पहले ही एसडीएम मिलिंद ढोके, डिप्टी कलेक्टर राहुल चौहान, सीईओ बाबूलाल पंवार, सीएमओ हरिराम सिंधिया, स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंच गई थी। जिला पंचायत सीईओ ने सीबीएमओ कारखुर से पूछा- दो दिन में टीम ने कितने घरों में सर्वे किया। इंट्री कितनी हुई। कितने सर्दी-खांसी व बुखार के मरीज मिले। सैंपल कितनों का लिया। इनमें से एक की भी जानकारी नहीं देने पर जिपं सीईओ ने फटकार लगाते हुए कहा- आप हवा में फायरिंग मत करो, तुम्हारे पास ही जानकारी नहीं है। इसका मतलब तुम इस अभियान को मजाक में ले रहे हो। प्रतिदिन सर्वे टीम की इंट्री की जानकारी आपके पास होना चाहिए। सीबीएमओ कहने लगे ऑपरेटर नहीं होने के कारण इंट्री करने में परेशानी हो रही है। आप बहाना मत बनाओ। आपकी माॅनीटरिंग कुछ नहीं हो रही है। ऑपरेटर की व्यवस्था एसडीएम साहब करा देंगे। एसडीएम मिलिंद ढोके को तुरंत ही अन्य जगह के ऑपरेटर को स्वास्थ्य विभाग के ऑफिस में अटैच करने के निर्देश दिए। इस दौरान नोडल अधिकारी आरआर कोशले, सनावद हंसा पाटीदार, नायब तहसीलदार सुखदेव डाबर, राहुल डाबर सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम उपस्थित थी।

नगर में सर्दी-खांसी व बुखार के मरीजों का हो रहा सर्वे

नहीं कर रहे हैं ड्यूटी, भेजे प्रतिवेदन
शासकीय अस्पताल में पदस्थ डॉ. अजय कटारे की मेडिकल मोबाइल यूनिट टीम में ड्यूटी लगी है। जहां पॉजिटिव मरीज मिलते हैं। वहां क्षेत्र में सैंपलिंग निरीक्षण करना होता है लेकिन लॉकडाउन में एक भी दिन ड्यूटी पर नहीं आए। इसकी जानकारी सीबीएमओ कारखुर ने जिला पंचायत सीईओ को दी। उन्होंने कहा- डॉ. अजय की मेडिकल मोबाइल यूनिट में ड्यूटी लगने के बाद भी वह निरीक्षण के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने प्रतिवेदन बना कर भेजने की बात कही। अन्य डॉक्टर की ड्यूटी लगाई गई।

बिना किसी उपकरण के दल कर रहा सर्वे, ऐसे अभियान में कैसे किल होगा कोरोना

बीमार मरीजों के मुखिया और बीमार व्यक्ति का नाम रजिस्टर में कर रहे दर्ज भास्कर संवाददाता | बड़वाह कोरोना को पूरी तरह खत्म करने के लिए किल कोरोना अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत कर्मचारी लोगों के घर-घर जाकर सर्वे कर रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा सर्वे टीम को पहनने के लिए न तो पीपीई किट की व्यवस्था की है न ही उन्हें थर्मल स्क्रीनिंग मशीन दी गई है।  अभियान के तहत सर्वे कर रहे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के पास कोई उपकरण नहीं है। ऐसे में यह अभियान कैसे सफल होगा। केवल टीम घरों के गेट पर पहुंच कर पूछ रही है। आपके घर का मुखिया का नाम, कितने सदस्य है। किसी को सर्दी-खांसी तो नहीं है। यह जानकारी एकत्र करके उनके घरों की दीवार पर निशान लगा रही है। इसी तरह अभियान चलता रहा तो इसका कोई मतलब नहीं निकलेगा। आजकल लोगों को सर्दी-खांसी या बुखार होने के बाद भी वह अस्पतालों में जाने से डरते हैं। उनमें भय है कि क्वारंटाइन कर देंगे। इसके लिए मेडिकल से दवाइयां लाकर इलाज कर लेते हैं। यदि ज्यादा ही तबीयत खराब होती है तो वह अस्पतालों में पहुंचते हैं। इसके लिए सर्वे टीम को घर-घर पहुंचकर जांच भी करना चाहिए। अभियान में चार स्टेप की जानकारी लेकर इसे फार्मेट और एप पर भी भरना है। इसके लिए 16 तरह के सवाल भी तैयार किए गए हैं जो लोगों से पूछना है। जहां पर भी जवाब हां में आएगा तो उस व्यक्ति को जांच के लिए भेजा जाएगा। यदि उसे भर्ती कराना जरूरी है तो मोबाइल टीम ले जाकर उसे भर्ती कराएगी। प्रत्येक टीम को प्रतिदिन कम से कम 100 घरों का सर्वे कार्य करना है। अभियान 15 जुलाई तक चलेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने अलग-अलग टीमें बनाई हैं जो डोर टू डोर जाकर सर्वे का काम करेगी।

50 से ज्यादा उम्र वालों की करें जांच
जिला पंचायत सीईओ ने कहा- अभियान में आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व टीम को डोर टू डोर पहुंच कर जानकारी लेकर इंट्री करने के साथ ही 50 से अधिक उम्र वाले लोगों की स्क्रीनिंग करके जांच भी करें। संभावित मरीजों के तुरंत ही सैंपल भेजे। रिपोर्ट आने तक उन्हें अपने घरों में रहने की समझाइश दे। लोगों को मास्क,सैनिटाइजर का उपयोग करने के बारे में भी विस्तार से जानकारी दे। उन्होंने कहा- सर्वे टीम जैसे ही पहुंचे तो उनसे जानकारी लेकर तुरंत इंट्री अपडेट करें। सर्दी-खांसी वाले मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच के लिए भेजे।

डोर टू डोर सर्वे कर मरीजों की ली जा रही जानकारी
बबलाई | कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए शासन ने 1 जुलाई से 15 जुलाई तक किल कोरोना अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी घर-घर जाकर सर्दी, खांसी, बुखार के मरीजों का सर्वे कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर बीमारी वाले मरीजों की पहचान की जा रही है। मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रसन्न जैन ने बताया प्रत्येक ग्रामीण की जांच पल्स ऑक्सीमीटर व इंफ्रारेड थर्मामीटर से की जा रही है। किसी व्यक्ति में लक्षण पाए जाते हैं तो उसे नजदीकी स्वास्थ केंद्र या फीवर क्लीनिक पर इलाज के लिए भेजा जा रहा है। चोली सेक्टर के तहत कुल 2658 घरों का सर्वे किया जाना है। अभी तक 1500 घरों का सर्वे किया जा चुका है। सर्वे में 14 मरीज सर्दी-खांसी व 2 मरीज बुखार के पाए गए। अनिल व्यास, सुकमा बडूकिया,रूखमणी वर्मा, कुसुम वर्मा, रेखा मकासरे मौजूद थी।

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