परीक्षा / विद्यार्थियों ने कहा-हम एक कागज के टुकड़े के कारण अपनी जान जोखिम में नहीं डालेंगे

Students said - we will not risk our lives due to a piece of paper
X
Students said - we will not risk our lives due to a piece of paper

  • विद्यार्थियों ने प्रभारी तहसीलदार को सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन, अफसर बोले- जनरल प्रमोशन नहीं परीक्षा देकर उत्तीर्ण होना जरूरी
  • घबराएं नहीं सभी विद्यार्थियों की सुरक्षा का रखा जाएगा ध्यान
  • मुख्यमंत्री जी भांजे-भांजियों को जनरल प्रमोशन देने के लिए राज्यपाल को नहीं मना पाए-विद्यार्थी

दैनिक भास्कर

May 30, 2020, 05:00 AM IST

बड़वाह. स्थानीय जवाहर लाल नेहरु महाविद्यालय के अंडर ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के छात्रों को जनरल प्रमोशन नहीं देने के निर्णय को गलत बताते हुए विद्यार्थियों ने मोर्चा खोला। 29 जून से 31 जुलाई तक फायनल ईयर की परीक्षा कराने के निर्णय की खबर सुन विद्यार्थियों में आक्रोश है। विद्यार्थी इसका विरोध दर्ज करा रहे हैं। सोशल मीडिया पर सुरक्षा की दृष्टि व अलग-अलग परेशानियां लिख कर पोस्ट कर रहे हैं। उनका कहना है इस महामारी में हमारी परीक्षा को आगे बढ़ाया जाए या हमें जनरल प्रमोशन दिया जाए। एक कागज के टुकड़े के लिए हमारी जान को जोखिम में नहीं डालेंगे।
शुक्रवार को स्थानीय महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर विद्यार्थियों से हस्ताक्षर कराए। इसके बाद कुछ विद्यार्थियों ने कार्यालय पहुंच कर प्रभारी तहसीलदार राहुल चौहान को मुख्यमंत्री के नाम आवेदन सौंपा। प्रभारी तहसीलदार ने कुछ ही घंटे पहले खरगोन से बड़वाह तहसील कार्यालय पहुंच कर पदभार ग्रहण किया था। उन्होंने विद्यार्थियों की समस्या को सुन कर उन्हें पहले तो समझाइश दी कि जनरल प्रमोशन जरूरी नहीं है। आप पढ़ाई करके उत्तीर्ण हो यह जरूरी है। आपकी जब भी परीक्षा होगी घबराएं नहीं, सभी विद्यार्थियों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों को लगनता के साथ पढ़ाई में जुटे रहने की बात कह कर उनके आवेदन को मुख्यमंत्री को भेजने की बात कही। इसके बाद विद्यार्थियों ने प्राचार्य डॉ. मंगला ठाकुर के निवास स्थान पर पहुंच कर उन्हें भी आवेदन सौंपा। इस दौरान विद्यार्थी कृष्ण सिटोले, प्रदीप चोबे, नाना दवाडे, विजय चौधरी, नारायण तटवारे, शिवानी केवट, डिंपल यादव मौजूद थी। 
परीक्षा के समय संक्रमण से ग्रसित हो सकते हैं विद्यार्थी
विद्यार्थियों ने बताया मुख्यमंत्री यदि वर्तमान स्थिति में परीक्षा के समय किसी छात्र-छात्रा व शिक्षक कोरोना वायरस से ग्रसित हुआ तो सभी के लिए परेशानी खड़ी हो जाएगी। इसकी जिम्मेदारी किसकी रहेगी। कुलपति को लगता है कि लाखों बच्चों की परीक्षा लेना आवश्यक है यह तो हमें मान्य है लेकिन जो विद्यार्थियों के माता पिता है उनके एक या दो बच्चे हैं लाखों बच्चे नहीं है अगर किसी विद्यार्थी या शिक्षकों को इस बीमारी से कुछ होता है तो इसकी जवाबदारी कुलपति की होगी या मप्र सरकार की रहेगी।

80 % विद्यार्थी आते हैं ग्रामीण क्षेत्र से 
विद्यार्थियों ने आवेदन के माध्यम से कहा स्थानीय जवाहर लाल नेहरु महाविद्यालय में 80 प्रतिशत विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्र के हैं। जो लगभग 50 से 60 किमी निवास कर महाविद्यालय  में अध्ययन करते हैं। इनमें से कोई होस्टल में रहता है कोई किराए के मकान में रहता है। रोजाना बस, टैंपो से महाविद्यालय पहुंचता है। इस समय लॉकडाउन के कारण सभी वाहन बंद है। विद्यार्थी भी अपने घरों में निवास कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में यदि परीक्षा होती है तो विद्यार्थियों को परेशानी होगी। छात्रहित में निर्णय लिया जाए कि स्नातक के प्रथम वर्ष व द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को जनरल प्रमोशन दिया जाए। जिससे विद्यार्थियों व शिक्षकों को कोरोना महामारी से बचाया जा सके।

लॉकडाउन : नया शिक्षण सत्र होगा लेट
लॉकडाउन की वजह से कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का पूरा शैक्षणिक कैलेंडर प्रभावित होगा। वर्ष 2020-21 में नया शिक्षण सत्र यूजी पीजी के प्रथम व द्वितीय वर्ष, सेमेस्टर पद्घति के विद्यार्थियों को एक सितंबर से प्रवेश दिया जाएगा। वहीं यूजी पीजी में प्रथम वर्ष सेमेस्टर में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का नया सत्र एक अक्टूबर से शुरू होगा। मौजूदा सत्र में परीक्षाएं देरी से होने का सीधा असर विद्यार्थियों के अगले शिक्षण सत्र पर पड़ेगा। इसके लिए विद्यार्थियों को मौजूदा शिक्षण सत्र में पिछड़े हुए कोर्स पूर्ण करने के साथ अगले सत्र में भी कम समय में कोर्स को पूर्ण करने की चुनौती से निपटना होगा।


आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना