पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

सूखे का खतरा अभी टला नहीं, काफी पिछड़े:मानसून के 51 दिन बीते, अब तक 21.48% बारिश, औसतन 50 फीसदी होनी चाहिए थी

बड़वानी4 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

मानसून को 51 दिन बीत चुके हैं। लेकिन एक जून से अब तक जिले में सिर्फ 21.48 फीसदी बारिश हुई है। जबकि अब तक 50 फीसदी बारिश हो जाना चाहिए थी। मौसम बन रहा है। बादल भी छा रहे हैं। लेकिन 5 से 10 मिनट बारिश के बाद फिर से धूप निकल रही है। इसके चलते जिले में सूखे के हालात बनने के आसार नजर आ रहे हैं। जिले में 1 जून से अब तक 160.3 मिमी बारिश ही हुई है। जबकि पिछले साल इस अवधि में 337.1 मिमी बारिश हो चुकी थी। पांच साल में इस बार सबसे कम बारिश हुई है। जिले की औसत बारिश 746.3 मिमी है।

जिले में पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश से फसलों को नया जीवन मिला है। जिले में 2.38 लाख हैक्टेयर में बाेवनी होना है। अब तक 96 फीसदी बोवनी हो चुकी है। अगले दो दिन में बोवनी में रकबा पूरा होने का अनुमान है। लेकिन बारिश की खेंच से फसलों को नुकसान हुआ है। पानसेमल, रेहगून, राजपुर, सेंधवा सहित कई गांवों में किसानों को फसल उखाड़कर दोबारा बोवनी करना पड़ी। किसान मंशाराम पंचोले ने बताया बारिश नहीं होने से ककड़ी फसल की पर्याप्त सिंचाई नहीं हुई। मक्का फसल का उत्पादन होगा। लेकिन मूंग, चवला, ज्वार, कपास, मिर्च व सब्जियों का उत्पादन प्रभावित होगा। बारिश को खेंच को देखते हुए आदिवासी संगठन सदस्य जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग कर चुके हैं।

अधीक्षक भू-अभिलेख मुकेश मालवीय ने बताया 31 जुलाई तक बोवनी व फसल की स्थिति देखकर उत्पादन का अनुमान लगाते है। इस आधार पर 15 अगस्त तक अनावरी रिपोर्ट तैयार की जाती है। बोवनी व उत्पादन के अनुमान के आधार पर ही जिले में सूखे की स्थिति स्पष्ट होती है। अभी जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने को लेकर शासन स्तर पर कोई आदेश नहीं आए हैं।

कम समय में पैदावार वाली लगाएं फसल
डीडीए कृषि केएस खपेड़िया ने बताया अब तक 96% रकबे में बोवनी हुई है। जिले का रकबा 2.38 लाख हैक्टेयर है। दो दिन में बोवनी पूरा होने का अनुमान है। बोवनी 20 दिन पिछड़ गई है। उन्होंने बताया किसान कम समय में जल्दी पैदावार वाली फसल लगाए, तो उन्हें लाभ होगा।

2019 से भी खराब थे हालात, बाद में भरपाई
इससे पहले 2019 में जिले में 1 जून से अब तक 207.9 मिमी बारिश हुई थी, जो पिछले सालों की तुलना में कम थी। इस कारण दोबारा बोवनी करना पड़ी थी। हालांकि बाद में बारिश में सुधार हुआ था। लेकिन नुकसान उठाना पड़ा था।

जिले में 5 साल में बारिश की स्थिति (मिमी में)
जिले में 5 साल में बारिश की स्थिति (मिमी में)
खबरें और भी हैं...