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आदिवासी अधिकार समागम:आदिवासियाें के लिए आरक्षित सभी 4 विस सीटों वाले बड़वानी जिले से कांग्रेस का चुनावी शंखनाद

बड़वानी18 दिन पहले
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  • पूर्व सीएम कमलनाथ ने रोजगार, 15-15 लाख रु. खाते में आने और कोरोनाकाल के इंतजाम पर केंद्र व राज्य सरकार को घेरा
  • पूर्व सीएम कमलनाथ ने विधायक किराड़े से कहा- मैं तो आपको देखकर चौंक गया, ये होती है पारंपरिक पोषाक
  • 2023 में आजाद नगर में पूरा होगा कांग्रेस का अभियान

जिले में सोमवार को कांग्रेस ने आदिवासी अधिकार समागम के बहाने प्रदेश के आदिवासी वोटरों को साधने की कोशिश शुरू कर दी है। आदिवासी बहुल धार, अलीराजपुर और खरगोन जिले से घिरे बड़वानी जिले को जयस का गढ़ माना जाता है। अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित जिले की सभी विस सीटों वाले बड़वानी जिला आंदोलनों का गवाह बनता रहा है। इसलिए कांग्रेस ने भी खंडवा लोकसभा और प्रदेश की तीन विस सीटों के उपचुनाव और आगामी 2023 के विस आम चुनाव का शंखनाद यहीं से किया। पिछले कुछ दिनों से इस क्षेत्र में आदिवासी संगठनों की बढ़ती पैठ के बाद कांग्रेस ने अपनी ताकत दिखाई है।

जिला मुख्यालय पर कृषि उपज मंडी में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने और लोगों के खातों में 15-15 लाख रुपए आने का वादा किया था। लेकिन यह वादा पूरा नहीं किया। कमलनाथ ने कहा- कोरोनाकाल में यहां ऑक्सीजन सिलेंडर व रेमडेसिविर की किल्लत थी। 10 हजार लोगों की मौत हुई। यानी इस तरह प्रदेश में ढाई लाख लोग मरे। जनप्रतिनिधियों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।

सभा के दौरान सेंधवा विधायक ग्यारसीलाल रावत, खरगोन विधायक रवि जोशी, कसरावद विधायक सचिन यादव, राजपुर विधायक बाला बच्चन, राऊ विधायक जीतू पटवारी, कुक्षी विधायक सुरेंद्रसिंह बघेल, धरमपुरी विधायक पांचीलाल मेड़ा, इंदौर विधायक संजय शुक्ला, बड़वाह विधायक सचिन बिरला वीरेंद्र दरबार, तुलसीराम यादव, राजन मंडलोई, मनेंद्रसिंह पटेल, गजेंद्रराजूखेड़ी सहित कई पदाधिकारी व बड़ी तादाद लोग शामिल हुए।

हेलीपैड पर पानसेमल विधायक चंद्रभागा किराड़े को देखकर पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा- मैं तो आपको देखकर चौंक गया। यह होती है पारंपरिक पोशाक। इसके बाद उन्होंने किराड़े के साथ फोटो भी खिंचवाया।

अलीराजपुर के कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले- आदिवासी तीर लेकर उठा तो भागना पड़ेगा

अलीराजपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेश पटेल ने कहा विधायक पर झूठी एफआईआर दर्ज की गई। जिस दिन आदिवासी उठ जाएंगे, भाजपा को उखाड़ फेकेंगे। टंट्या मामा, बिरसा मुंडा की तरह आदिवासी तीर कमान लेकर उठ गया, तो भागना पड़ेगा। यह यात्रा बड़वानी से शुरू हुई है, जो 2023 में सरकार बदलकर आजाद नगर में खत्म होगी।

नीमच व नेमावर कांड पर जताया आक्रोश

सभा को कुलदीप इंदौरा, प्रताप ग्रेवाल, अजय शाह, डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ, केदार डाबर, झुमा सोलंकी, डॉ. गोविंद मुजाल्दे, कांतिलाल भूरिया ने संबोधित किया। इन सभी ने आरक्षण खत्म करने, नीमच में युवक को वाहन से घसीटने से मौत, नेमावर में पांच लोगों को मारकर गाड़ने को लेकर आक्रोश जताया। साथ ही शिक्षा पर ज्यादा ध्यान देने पर जोर दिया, ताकि अधिकार के लिए लड़ाई लड़ सके।

बड़वानी जिले से हुआ चुनावी अभियान शुरू, क्योंकि... आंदोलनों का जन्मदाता रहा है बड़वानी जिला 69.42%आबादी आदिवासी, सभी सीटें कांग्रेस के पास, आदिवासी जिलों से जुड़ाव के साथ आदिवासी बहुल जिला है बड़वानी

बड़वानी, धार को जयस का गढ़ माना जाता है। अब कांग्रेस ने 2023 के विधानसभा चुनाव का शंखनाद कर दिया है। बड़वानी और इससे लगे जिले धार, झाबुआ, अलीराजपुर के जनप्रतिनिधि व लोग भी इसमें शामिल हुए। आने वाले समय में प्रदेश के अन्य आदिवासी बहुल जिलों में कांग्रेस आयोजन करेगी। बड़वानी जिले की चारों विधानसभा सीट आरक्षित है। बड़वानी जिला आंदोलनों का जन्मदाता जिला रहा है। जिले में आदिवासी मुक्ति संगठन, आदिवासी दलित जाग्रत संगठन के बाद अब जयस (जय आदिवासी युवा संगठन) भी अपना वर्चस्व बढ़ा रहा है। आदिवासी जिलों से जुड़ाव के साथ हमारा जिला पिछड़ा और आदिवासी बहुल जिला है।

जानिए इन कारणों से बड़वानी से हुई शुरुआत

  • 1-बड़वानी जिले में की सभी चारों विस सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। झाबुआ, अलीराजपुर, मंडला, डिंडोरी, शहडोल, उमरिया में भी सभी विस सीटें अजजा के लिए आरक्षित हैं लेकिन यहांं विस सीटों की संख्या सबसे ज्यादा है।
  • 2- बड़वानी जिला धार, खरगोन, अलीराजपुर जिले की सीमा से घिरा है। तीनों ही जिलों में आदिवासियों का वोट बैंक सबसे ज्यादा है।
  • 3- कांग्रेस बड़वानी, खरगोन में मजबूत स्थिति में भी है। बड़वानी की चार विस सीटों में से तीन और खरगोन की छह में से पांच विस सीटों पर काबिज है।
  • 4- जिले में 69.42 % आबादी आदिवासी है।

​​​​​​​​​​​​​​सोशल मीडिया पर भाजपा ने कहा-भीमा का हुआ अपमान

सोशल मीडिया में भाजपा जिला महामंत्री विक्रम चौहान ने पोस्ट शेयर की है। इसमें दो तस्वीर लगाई है। एक में सीएम शिवराजसिंह चौहान को टंट्या मामा की फोटो के आगे शिश झुकाते दिखाया है। वहीं दूसरी तस्वीर में कमलनाथ के सामने भीमा नायक की फोटो जमीन पर रखी है। ​​​​​​​

हम भी दिल से करते हैं सम्मान

कमलनाथ ने भीमा नायक की फोटो टेबल पर रखी थी। टेबल के सामने फोटो किसने रखी, इसकी जानकारी नहीं है। हम भी भीमा नायक का दिल से सम्मान करते हैं। -वीरेंद्र दरबार, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ​​​​​​​

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