निजीकरण का विरोध:हड़ताल पर रहे बिजली कर्मचारी नहीं हुई उपभोक्ताओं की सुनवाई, 13 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

बड़वानी2 महीने पहले
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कार्यालय में विरोध प्रदर्शन करते हुए अधिकारी, कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
कार्यालय में विरोध प्रदर्शन करते हुए अधिकारी, कर्मचारी।
  • 5 सूत्रीय मांगों के निराकरण को लेकर की एक दिनी हड़ताल

पांच सूत्रीय मांगों के निराकरण को लेकर शनिवार को बिजली कंपनी अधिकारी, कर्मचारी एक दिनी हड़ताल पर रहे। चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं किया गया तो 13 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। कर्मचारी, अधिकारियों के हड़ताल पर रहने के कारण शनिवार को उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण नहीं किया गया। मप्र विद्युत अधिकारी, कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनरतले बिजली कंपनी कर्मचारियों ने आंदोलन शुरू किया है। सुबह 9 से शाम पांच बजे तक कार्यालय परिसर में खाली बैठकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इनकी प्रमुख मांगे है कि बिजली कंपनियों का निजीकरण नहीं किया जाए। संविदा कर्मियों का नियमितिकरण करने व आउटसोर्स कर्मचारियों का संविलियन किया जाए।

कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बिजली बिल तक नहीं भरे गए। कई लोग बिल में सुधार कराने और भरने के लिए कार्यालय पहुंचे थे। जिन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ा। विरोध प्रदर्शन के दौरान केएस मालवीय, आरएन वर्मा, गंगाराम बड़ोले, बबन मोर्य, अजय व्यास, सहित सभी अधिकारी, कर्मचारी मौजूद थे।

बिल जारी होने के बाद आती है 50 से ज्यादा शिकायतें

बिजली कंपनी ने हालही में बिजली बिल जारी किए है। कई लोग ज्यादा बिजली बिल आने की शिकायत लेकर कार्यालय पहुंचे थे। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। क्योंकि सभी कर्मचारी, अधिकारी हड़ताल पर थे। हालांकि सोमवार से उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान किया जाएगा।

इधर गुस्सा... एएनएम ने जमा किए टेबलेट, कहा- ऑनलाइन नहीं करेंगे काम, कई बार बताया पर नेटवर्क का ढर्रा नहीं सुधरा

शनिवार को जिले की सभी एएनएम ने टेबलेट जमा कर दिए। अब वह ऑनलाइन कार्य नहीं करेगी। सभी कार्य पहले की तरह ऑफ लाइन करेगी। नेटवर्क की समस्या के कारण एएनएम ने टेबलेट जमा किए है। क्योंकि यदि टेबलेट में अटेंडेंस सहित एंट्री नहीं होती तो काम करने के बाद भी उनकी रिपोर्ट शून्य मानी जाती है और वेतन भी काट लिया जाता है।

न्यू बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनरतले जिले के मैदानी अमले ने आंदोलन शुरू किया है। जिलाध्यक्ष दुर्गा सोनी का कहना है कि पांच से ज्यादा बार अधिकारियों को समस्या बता चुके है। लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा था। अब मैदानी अमला अपनी जिद पर अड़ गया है कि ऑफलाइन ही काम करेंगे। टेबलेट में काम नहीं करेंगे। यदि समस्या का समाधान नहीं किया गया तो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जा सकते है। एएनएम ने ब्लॉक स्तर पर बीएमओ और जिला स्तर पर सिविल सर्जन को टेबलेट जमा कराए है। जिले में 380 से ज्यादा एएनएम कार्यरत है।

टेबलेट के कारण ये थी परेशानी

  • टेबलेट में बार-बार वर्जन बदल जाता है। जिसे बार-बार अपडेट करना पड़ता है। कई बार अपडेट नहीं होता।
  • दुर्गम क्षेत्रों में नेटवर्क नहीं मिलने से एएनएम एंट्री नहीं कर पाती फिर वहीं काम घर आकर करना पड़ता है।
  • अटेंडेंस नहीं लगती तो वेतन काट लिया जाता है। काम करने के बाद भी अनुपस्थित बताया जाता है।
  • टेबलेट में पूरी एंट्री नहीं होती तो कारण बताओ नोटिस दिया जाता है और कार्रवाई की जाती है।
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