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लापरवाही:अग्निशामक यंत्र 22 दिन पहले एक्सपायर, अब तक नहीं भरवाए

बड़वानी10 महीने पहले
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  • आग लगने की स्थिति में आएगी परेशानी, जिम्मेदार बोले- कलेक्टर के पास भेजी है भरवाने की फाइल

जिला व महिला अस्पताल में आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए जगह-जगह अग्निशामक यंत्र लगे है। इनमें भरी गैस के उपयोग की अंतिम तिथि (एक्सपायरी डेट) को बीते 22 दिन हो गए। लेकिन अब तक दोबारा से गैस नहीं भरवाई गई। यदि इस दौरान आग लगने की घटना होती है तो बड़ा हादसा हो सकता है।
जिला अस्पताल प्रबंधकों ने बताया अग्निशामक यंत्रों को भरवाने की प्रक्रिया चल रही है। स्वीकृति के लिए फाइल कलेक्टर को भेजी गई है। स्वीकृति मिलते हुई भरवाने की कार्रवाई की जाएगी। जिला व महिला अस्पताल में 72 से ज्यादा स्थानों पर अग्निशामक यंत्र लगे है। इन सभी की अंतिम तिथि पूरी हो चुकी है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को कुछ परिजनों से इस संबंध में चर्चा करने पर बताया गया कि अग्निशामक यंत्रों में भरी गैस को दोबारा से कब भरवाना है। इसकी जानकारी जिम्मेदारों को पहले से पता थी। तो जो प्रक्रिया अभी अपनाई जा रही है। वह प्रक्रिया अंतिम तिथि बीतने के पहले क्यों नहीं अपनाई गई। जानकारी के अनुसार पिछली बार 11 नवंबर 2019 को सभी अग्निशामक यंत्र भरवाए गए थे। जिन्हें दोबारा से 10 नवंबर 2020 को भरवाया जाना चाहिए था। जो नहीं भरवाए।
राजकोट में हो चुकी घटना
कुछ दिन पहले ही राजकोट के अस्पताल में आग लग गई थी और कोरोना के पांच मरीज जिंदा जल गए थे। इस तरह की घटनाएं देश के अन्य कई अस्पतालों में हो चुकी है।
भरवाने की प्रक्रिया जारी
^ अग्निशामक यंत्रों को भरवाने की प्रक्रिया चल रही है। कलेक्टर की स्वीकृति के लिए फाइल भेजी है। जल्द यंत्र भरवा दिए जाएंगे।
-डॉ. आरसी चोयल, सिविल सर्जन जिला अस्पताल बड़वानी।

नॉलेज: दो तरह की गैस होती है अग्निशामक यंत्रों में

CO2 : ये गैस से जल्दी आग पर काबू पाया जा सकता है। इनका उपयोग मुख्य रुप से आईसीयू या एसएनसीयू में होता है। जिला अस्पताल में इस गैस के 10 से ज्यादा अग्निशामक यंत्र है। ABC : ये गैस जिन अग्निशामक यंत्रों में होती है। इससे आग पर काबू पाने में देरी लगती है। हालांकि ये भी आग को बुझा देती है। जिला अस्पताल में इस गैस से 60 से ज्यादा अग्निशामक यंत्र है।

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