सरदार सरोवर बांध / मुआवजा मिला न घर, प्रभावितों को पुनर्वास का इंतजार

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  • नर्मदा बचाओ आंदोलन कार्यकर्ताओं व प्रभावितों ने कलेक्टर से की शिकायत

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 08:15 AM IST

बड़वानी. बारिश का सीजन आ गया है। बादल भी छा रहे हैं। लेकिन बरस नहीं रहे हैं।  वहीं सरदार सरोवर बांध के प्रभावितों को फिर से बिना पुनर्वास डूब आने की चिंता सता रही है। सोमवार को नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं व प्रभावितों ने कलेक्टर अमित तोमर को आवेदन दिया। इसमें उन्होंने अफसरों पर पुनर्वास नहीं करने के आरोप लगाए। नर्मदा घाटी में बांध के बैक वाटर का असर 6 माह पहले कम हुआ था। वहीं पिछले साल सरकार व अफसर डूब प्रभावितों को पुनर्वास करने का दावा कर रहा हैं। लेकिन छुटे हुए प्रभावितों के मकानों का अब तक भू-अर्जन नहीं हुआ है। इस कारण मुआवजा भी नहीं मिल सका है।
आंदोलन कार्यकर्ता राहुल यादव व रामेश्वर सोलंकी ने बताया पिछले साल हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि टापू बनी थी। अभी तक पुल-पुलिया का निर्माण होना बाकी है। सैकड़ों परिवारों को 60 लाख रुपए और 15 लाख रुपए का भुगतान होना बाकी है। सुप्रीम कोर्ट, एनजीटी ने बसाहटों में मुलभूत सुविधाओं के लिए डेड लाइन तय की थी, जो अब तक पूरी नहीं हुई है। किसानों की कृषि भूमि पुनर्वास स्थल के लिए अधिग्रहित की है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने 29 जुलाई 2017 को भोपाल में प्रत्येक पट्टेधारी को मकान बनाने के लिए 5.80 लाख रुपए की पात्रता देने की घोषणा की थी, जो अब नहीं दी गई। पुनर्वास स्थलों पर मुलभूत सुविधाएं जैसे बिजली, पानी, सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट की समय सीमा निर्धारित की थी। लेकिन एनवीडीए अफसरों ने अब तक इसे पूरा नहीं किया है। धार्मिक, मांगलिक भवन को मुआवजा व भूखंड देना बाकी है। उन्होंने प्रभावितों को जल्द से जल्द पुनर्वास कराने की मांग की है। इस दौरान बालाराम यादव, हरेसिंह दरबार मौजूद थे।

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