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ईद-उल-अजहा:ईदगाह पर 7 व मस्जिदों में 25 लोगों ने ही पढ़ी ईद की नमाज

बड़वानी4 दिन पहले
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ईदगाह पर नमाज अदा करते समाज के लोग। - Dainik Bhaskar
ईदगाह पर नमाज अदा करते समाज के लोग।
  • पाटी रोड स्थित ईदगाह व 6 मस्जिदों में सुबह 6 बजे हुई नमाज, कोरोना खात्मे की मांगी दुआ

कोरोना संक्रमण के चलते दो सालों से मुस्लिम समाजजन ईदगाह पर सार्वजनिक ईद की नमाज अदा नहीं कर पा रहे थे। इस साल बुधवार को ईद-उल-अजहा पर समाज के सात लोगों ने ही ईदगाह पर सुबह नमाज अदा की। वहीं शहर के छ: मस्जिदों में समाज के 20-25 लोगों ने सम्मिलित होकर ईद की नमाज पढ़ी। वहीं समाजजनों ने एक दूसरे के गले लगकर मुबारक बात दी।

मुस्लिम जमात के सदर फरीद मंसूरी ने बताया दो साल से पर्व घरों में ही मनाया जा रहा है। इस बार संक्रमण कम होने से प्रशासन से राहत मिली है। नई गाइडलाइन अनुसार ईदगाह व मस्जिद में 50 लाेगों को सम्मिलित करने की अनुमति दी गई थी। प्रशासन की तय गाइडलाइन व सोशल डिस्टेंस का पालन करने के लिए पाटी रोड स्थित ईदगाह पर समाज के सात लोगों व छ: मस्जिदाें में समाज के 20-25 लोगों को सोशल डिस्टेंस का पालन करवाकर सुबह 6.30 बजे ईद की नमाज अदा करवाई गई।

समाजजनों ने देश व दुनिया से काेराेना महामारी के खात्मे की दुआएं मांगी। ईदगाह पर मौलाना हाफिज नूरमोहम्मद ने नमाज अदा करवाई। एक-दूसरे के गले मिलकर मुबारकबाद दी गई। तीन साल पहले सुबह 9 बजे नमाज अदा करवाई जाती थी। ईदगाह व मस्जिदों में भीड़ एकत्रित ना हो इसके लिए सुबह 6.30 बजे ही नमाज अदा करवाई गई। इस दौरान ईदगाह पर पूर्व सदर शौकत कुरैशी, नायब सदर हाजी स्माइल खान, रजा हुसैन शेख, बिलाल अशरफी व जावेद खान मौजूद थे।

जरूरतमंद लोगों को बांटे दूध और फल
सदर मंसूरी ने बताया बकरीद पर्व पर कुर्बानी के बाद तकसीम किया गया। इसके तीन हिस्से कर एक हिस्सा परिवार, दूसरा रिश्तेदार व तीसरा जरूरतमंद लोगों को दिया गया। समाज के लोगाें ने जरूरतमंद लोगाें को दूध-फल वितरित कर त्योहार मनाया। समाजजनों ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल वितरित किए।

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