आदिवासी त्योहार:भोंगर्या हाट पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में लगाई जनहित याचिका, आदेश का इंतजार

बड़वानी9 महीने पहले
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  • कलेक्टर के प्रतिबंधात्मक आदेश वापस लेने के बाद आदिवासी एकता परिषद के प्रदेश अध्यक्ष ने उठाया कदम
  • हाट से संक्रमण फैलने का ज्यादा खतरा

जिले में 22 मार्च से भोंगर्या हाट शुरू होना है। भोंगर्या के लिए आदिवासी समाज के लोगों की वापसी का दौर जारी है। आदिवासी एकता परिषद के प्रदेश अध्यक्ष व आदिवासी मुक्ति संगठन के महासचिव गजानंद ब्राह्मणे ने भोंगर्या हाट पर प्रतिबंध लगाने को लेकर 12 मार्च को हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। उन्होंने बताया बड़वानी से महाराष्ट्र राज्य लगा हुआ है। सीमावर्ती शिरपुर, नंदूरबार, धुलिया सहित अन्य क्षेत्र बंद है। क्योंकि महाराष्ट्र में कोरोना तेजी से फेल रहा है।

महाराष्ट्र व गुजरात राज्य में पलायन कर मजदूरी के लिए गए लोगों की घर वापसी हो रही है। ब्राह्मणे ने बताया कोरोना की रोकथाम के लिए 2 मार्च को कलेक्टर शिवराजसिंह वर्मा से चर्चा कर भोंगर्या हाट पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। कलेक्टर ने 6 मार्च को प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए थे। लेकिन किसी के दबाव में 7 मार्च को प्रतिबंधात्मक आदेश निरस्त कर दिए। उन्होंने बताया हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाकर भोंगर्या हाट पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इस याचिका सोमवार या मंगलवार को सुनवाई होना है।

इधर त्योहार मनाने के लिए गुजरात सेे मजदूरों की वापसी जारी
लोगों की घर वापसी

भोंगर्या हाट को लेकर रविवार गुजरात से 40 से ज्यादा लोगों की वापसी हुई। इसमें महिलाएं व बच्चे भी शामिल थे। लोगों ने बताया पाटी के निवासी हैं। मजदूरी के लिए गुजरात गए थे।

पटेल संसद भी भी हाट के पक्ष में नहीं
आदिवासी पटेल संसद के सदस्य भी पिछले दिनों अफसरों को आवेदन देकर भोंगर्या हाट पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर चुके हैं। इसमें उन्होंने भोंगर्या हाट में समाज के लोगों के इकट्‌ठा हाेने पर कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका जताई है।

कम ग्राहकी : खरीदारी में जुटे लोग
22 मार्च से भोंगर्या हाट शुरू होना है। इसको लेकर समाज के लोग खरीदारी में लगे हैं। रविवार शहर में हाट बाजार लगा। लेकिन ग्राहकी कमजोर रही। बाजार में कपड़ा व गहनों की दुकान पर ग्राहकी नजर आई। लोग कपड़ों व गहनों की खरीदारी करते नजर आए।

4 से 5 लाख लोग हिस्सा लेते हैं भोंगर्या हाट में
ब्राह्मणे ने कमिश्नर इंदौर को पत्र भेजकर आदिवासी बाहुल्य जिले धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी व खरगोन में भोंगर्या हाट पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। प्रत्येक हाट में 4 से 5 लाख लोग हिस्सा लेते हैं। इससे केंद्र व राज्य सरकार की गाइडलाइन का पालन संभव नहीं है। वहीं कोरोना संक्रमण फैलने का भी खतरा है।

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