पुनर्वास अधिकारी से प्रभावितों ने किए सवाल-जवाब:एनवीडीए कार्यालय के बाहर 18 दिन से धरना जारी, कार्यकर्ता बोले- अफसर ने मांगा एक माह का समय

बड़वानी2 महीने पहले
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सरदार सरोवर परियोजना के डूब प्रभावितों का पुनर्वास के लिए एनवीडीए कार्यालय के बाहर 18 दिन से धरना आंदोलन जारी है। भू-अर्जन व पुनर्वास अधिकारी एसपी मंडराह से प्रभावितों व नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने सवाल-जवाब किए। प्रभावितों ने पूछा, उनका पुनर्वास कब होगा। कार्यकर्ताओं ने बताया सवालों के जवाब में मंडराह ने एक महीने का समय मांगा है। एक महीने में उन्होंने समस्याओं का निराकरण कराने का भरोसा दिया है।

डूब प्रभावितों व कार्यकर्ताओं ने ग्राम पिछोड़ी, बिजासन, छोटा बड़दा के पुनर्वास स्थल पर भूखंडों की कमी है। विस्थापितों को प्लाट मिलना बाकी है। 2019 में जिन विस्थापितों को शासन द्वारा अस्थाई रूप से टीनशेड में बसाया था, अभी तक उनका विस्थापन नहीं हुआ है। इस पर मंडराह ने दोबारा सर्वे करवाकर समस्या का निराकरण कराने का भरोसा दिया। आंदोलन कार्यकर्ता पवन यादव ने बताया जिन विस्थापितों को पूर्व में भूखंड आवंटित किए और उन्होंने विभाग में भूखंड जमा कर नगद राशि निकाल ली उन्हें प्रदेश शासन के आदेश अनुसार छोटा भूखंड 30 बाय 50 का विभाग द्वारा आवंटित किया जाए। ऐसे विस्थापित जिनके मकान 2019 की डूब में प्रभावित हुए या मकानों तक पानी पहुंचा, उनका दोबारा सर्वे कर समस्या का निराकरण सर्वे करवाया जाए। जिन विस्थापितों की जमीन 25% से अधिक डूब प्रभावित होने के बावजूद भी अब तक निराकरण नहीं किया है। यादव ने बताया रमेश पिता उमनिया को दूसरे विस्थापित का भूखंड रिक्त बताकर कर 30 हजार रुपए की राशि वसूलने वाले पटवारी लोकेश भालसे पटवारी के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। इस पर मंडराह ने कार्रवाई करने का भरोसा दिया है इस दौरान कैलाश यादव, डाॅ. विनोद यादव, मुकेश भगोरिया, महेंद्र तोमर मौजूद थे।

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