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जलसंकट की ओर शहर:इंटेकवेल के पास दिखाई देने लगी नर्मदा की तलहटी, रोजाना कम हो रहा जलस्तर

बड़वानीएक महीने पहले
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  • 116 मीटर नर्मदा का जलस्तर, इससे कम हुआ तो बंद हो जाएगी इंटेकवेल से सप्लाय

शहर में नर्मदा नदी से जल सप्लाय होता है और पिछले दो साल से जलसंकट जैसी स्थिति नहीं बनी है लेकिन इस साल बन सकती है, क्योंकि इंटेकवेल से पानी दूर हो रहा है। जलस्तर अभी 116 मीटर पर बना हुआ है। इससे कम हुआ तो इंटेकवेल से पानी की सप्लाय बंद हो जाएगी। हालांकि जलसंकट की स्थिति से निपटने के लिए नगर पालिका ने पहले ही पूरी तैयारी कर रखी है।

छोटी कसरावद स्थित बड़े पुल के पास बने पुराने इंटेकवेल के पास महज तीन से चार फीट पानी बचा है। वहीं नए इंटेकवेल के एक तरफ से पानी दूर हो चुका है। जलस्तर कम होने के बाद मछली पकड़ने वालों की भी संख्या बढ़ गई है। इंटेकवेल के पास कई लोग मछली पकड़ते हुए नजर आए।

पानी कम होने के साथ ही मटमैला हो गया है। इस कारण से अब फिल्टर प्लांट पर पानी को साफ करने में ज्यादा एलम और ब्लीचिंग का उपयोग करना पड़ रहा है। नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि घटते जलस्तर को देखते हुए रोजाना अधिकारी इंटेकवेल और फिल्टर प्लांट का निरीक्षण कर रहे हैं। अभी दोनों इंटेकवेल चालू है।

वहीं दोनों फिल्टर प्लांट भी चालू है। अभी किसी भी तरह की परेशानी नहीं है। पहले की तरह ही शहर में पानी सप्लाय किया जा रहा है।

जरुरत पड़ी तो टैंकरों से पहुंचाएंगे लोगों तक पानी
नपाध्यक्ष लक्ष्मण चौहान ने बताया नर्मदा का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। लोग पानी के लिए परेशान न हो। इसकी तैयारी कर ली है। पानी कम हुआ तो मोटरपंप से पानी इंटेकवेल तक पहंुचाया जाएगा। इससे भी बात नहीं बनी तो नाली बनाकर पानी इंटेकवेल तक लाया जाएगा। यदि इससे भी गंभीर स्थिति बनी तो लोगों को टैंकर से पानी सप्लाय किया जाएगा। शहर के किसी वार्ड में पानी की समस्या नहीं आने देंगे। इसके पूरे प्रयास किए जाएंगे।

राजघाट पर खुल गया नया घाट
नर्मदा का जलस्तर पिछले दो साल में सबसे निचले स्तर पर पहुंचा है। राजघाट पर बनाया गया नया घाट पूरा खुल गया है और अभी पानी पुराने घाट तक जाने वाले मार्ग पर जमा है। घाट पर मौजूद नाविकों ने बताया यदि इसी गति से जलस्तर कम हुआ तो एक सप्ताह के भीतर नया पुराना घाट पानी के बाहर आ जाएगा।

मानसून से नहीं अभी उम्मीद
प्रदेश में मानसून का प्रवेश हो चुका है लेकिन बड़वानी जिले में अभी मानसून से कोई उम्मीद नहीं है। भोपाल मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक पीके साहा ने बताया प्रदेश में मानसून आ चुका है। लेकिन बड़वानी जिलेवासियों के लिए अभी मानसून का कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा। एक जुलाई के बाद से जिले में अच्छी बारिश होगी। इसके पहले लोगों को बूंदाबांदी से ही संतुष्ट होना पड़ेगा। अभी जिले में बारिश कराने वाला कोई भी सिस्टम मौजूद नहीं है। जून के अंतिम सप्ताह में सिस्टम बनने की उम्मीद है।

निजी जलस्त्रोतों को अधिग्रहित करके भी सप्लाय करेंगे
शहरवासियों को पानी दिया जाएगा। निजी जलस्त्रोतों को अधिग्रहित करके भी सप्लाय करेंगे। कम हो रहे जलस्तर को देखते हुए नगर पालिका ने पूरी तैयारी कर ली है। पर्याप्त मात्रा में इंटेकवेल से पानी मिल रहा है। -लक्ष्मण चौहान, नपाध्यक्ष बड़वानी।

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