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धर्म-सभा...:संत कहते हैं कुछ भी मेरा नहीं, ऐसी भावना से तू 3 लोक का स्वामी होगा

बड़वानी8 महीने पहले
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संत कहते है कुछ भी मेरा नहीं, ऐसी भावना करने से तू शीघ्र ही तीन लोक का स्वामी होगा। परिग्रह का त्याग अवश्य ही अजर अमर बनाता है। मुनिश्री अपने आत्मा रुपी घर में रहते है। किंतु गृहस्थ अपने आत्मा रुपी घर से बाहर भटकते हैं। ये बात प्रवचनों के दौरान मुनिश्री अध्ययन सागर महाराज ने कही। सिद्ध क्षेत्र बावनगजा में मुनिश्री अध्ययन सागर महाराज और आर्यिका विदक्षाश्री माता चातुर्मास कर रही है। मुनिश्री ने बताया एक लंगोटी का परिग्रह भी एलकजी को सोलहवें स्वर्ग के ऊपर नहीं जाने देता है, तो फिर जो संसारी सभी प्रकार के परिग्रह के साथ लगे हुए हैं। जहां पर बाहरी तो सब कुछ छूट ही जाता है। लेकिन आंतरिक संकल्प विकल्प भी शांत हो जाते है। जैसे पहाड़ की चोटी पर चढ़ने के लिए हल्का होना पड़ता है। उसी प्रकार मोक्ष की प्राप्ति के लिए अंतरंग व बहिरंग से खाली होना जरुरी है।

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