पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

महामारी:स्थिति अब भी गंभीर है, छह दिन में 572 कोरोना संक्रमित मिले, दो ने गंवाई जान

बड़वानीएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
सर्वे के दौरान व्यक्ति का तापमान देखते स्वास्थ्यकर्मी। - Dainik Bhaskar
सर्वे के दौरान व्यक्ति का तापमान देखते स्वास्थ्यकर्मी।
  • अब समझदारी से ही जीत सकते हैं कोरोना की जंग, जिले में अब तक 7644 मरीज
  • हर चौथे घर में लोग सर्दी-खांसी से पीड़ित, नहीं दे रहे जानकारी

अप्रैल का पूरा माह मुसीबतों भरा निकला है। अब मई में भी राहत नहीं है। माह के 6 दिन में ही 572 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं और दो लोगों ने जान गंवाई है। वहीं ठीक होने की संख्या बहुत कम 273 है। यानि इन 6 दिनों में रिकवरी रेट 47.73 रहा। जो पिछले दिनों की तुलना में बहुत कम है। अब लोगों की समझदारी ही कोरोना की चेन को तोड़ सकती है।

जिले में लगातार कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अप्रैल में जो रफ्तार थी, वह मई में भी है। इसके बावजूद लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। अब भी कई लोग बेवजह ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। प्रशासन की सख्ती भी मुख्य मार्गों पर तो है, लेकिन कई लोग मुख्य मार्गों के सहायक मार्गों से आना-जाना कर रहे हैं। हालांकि जिला प्रशासन की मोबाइल पार्टी इन मार्गों पर भी सर्चिंग करती है। लेकिन पिछले दिनों की तुलना में अब सख्ती कम बरती जा रही है। रणजीत क्लब के पास भी शुक्रवार को पुलिस जवान तो तैनात थे। लेकिन सभी को आने-जाने दिया। जबकि अन्य दिनों यहां पर सुबह सभी लोगों से पूछताछ की जाती थी। अधिकारियों का कहना है कि कोरोना की चेन तोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों के सहयोग के बिना चेन को तोड़ना मुश्किल है। इसलिए लोग भी सहयोग दे और बेवजह घरों से बाहर न निकले।

किल कोरोना-3 शुरू: अप्रैल में मिले 1000 संदिग्ध, टीम को अधूरी जानकारी दे रहे लोग
कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए गांवों व शहरों में किल कोरोना-2 अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों की जानकारी जुटा रहे हैं। कर्मचारियों ने बताया हर चौथे घर में सर्दी-खांसी व बुखार से लोग पीड़ित है। लेकिन गांवों की तरह लोग घर पर इलाज करवा रहे हैं। जानकारी छिपा रहे हैं। इसके चलते संक्रमण की चेन नहीं टूट रही है। सर्वे के दौरान अप्रैल में 1000 संदिग्ध मिले हैं। वहीं अब किल कोरोना-3 अभियान शुरू हो गया है, जो 7 मई से 25 मई तक चलेगा। इस दौरान कर्मचारी गांवों व शहरों में घर-घर दस्तक देंगे।

बीईई दुर्गा सोनी ने बताया शहर में 8 टीमें सर्वे कर रही है। प्रत्येक टीम 4-4 सदस्य शामिल हैं। लेकिन लोगों द्वारा जानकारी नहीं दी जा रही है। टीम द्वारा 1 अप्रैल से सर्वे किया जा रहा है। एक दिन में 70 से 100 घर तक टीम दस्तक दे रही है। कई वार्डों में दोबारा सर्वे शुरू किया है। उन्होंने बताया सर्दी-खांसी व बुखार से पीड़ित मिलने पर कर्मचारी थर्मल स्कैन व ऑक्सी मीटर से संबंधित की जांच करते हैं। जरूरत होने पर दवाई भी दे रहे हैं। वहीं संदिग्धों की सूची बनाकर आरआरटी व एमएमयू टीम को सूची बनाकर देते हैं। इसके बाद टीम संबंधित के घर जाकर सैंपल लेने की कार्रवाई कर रही है।

हेल्थ बुलेटिन : 112 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव, 509 की निगेटिव
सीएमएचओ डॉ. अनिता सिंगारे ने बताया जिले में गुरूवार की देर शाम को 112 और व्यक्तियों की रिपोर्ट कोरोना वायरस पॉजिटिव प्राप्त हुई है। जिले में अब कोरोना वायरस पॉजिटिव लोगों की संख्या बढ़कर 7644 हो गई है। इनमें से 6434 लोग इलाज के बाद ठीक होकर घर लौट चुके हैं। वहीं 966 लोगों का इलाज चल रहा है और 57 लोगों ने कोरोना से जान गंवाई है। उन्होंने बताया गुरुवार की देर शाम को जिन व्यक्तियों की पॉजिटिव रिपोर्ट आई है, उनमें बड़वानी के 28, राजपुर के 10, अंजड़ के 7, मोरतलाई के पांच, खेतिया के तीन, ओझर के तीन, बोरलाय के तीन, मोहीपुरा के तीन, टेमला, साली के दो, निवाली के दो, बकवाड़ी के दो, मंडवाड़ा के दो, ठीकरी के दो, बरूफाटक के दो, हरिबड़ के दो, धवली के दो, गांेगवाड़ा, बहेड़ियापुरा, रेहगुन, जूनाझीरा, मलफा, मतराला, सकराली बुजुर्ग,, उचावद, छोटी कसरावद, तलून, लोनसरा, धाबाबावड़ी, मदरानिया, खजूरी, उमरदा, नरावला, मुंडला, पाटी, धमनई, सेंधवा, धनोरा, देवझीरी, सुराना, मोयदा, बिलवानी, जुलवानिया, वासवी, बुदरा,टांडा, सेगवाल, राखीखुर्द, सनगांव, टांडा के एक-एक व्यक्ति शामिल हैं। वहीं शुक्रवार को 509 और लोगो की रिपोर्ट निगेटिव आई।

राहत: 25 कंसंट्रेटर मशीनें आई, मरीजों को मिलेगी सांसें
जिला अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी दूर करने के लिए कलेक्टर शिवराजसिंह वर्मा ने 25 और अत्याधुनिक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीनें मंगाई हैं। 10 लीटर क्षमता की यह मशीनें मरीजों को बार-बार ऑक्सीजन सिलेंडर बदलने समस्या से निजात दिलाएगी।

कलेक्टर जिला अस्पताल पहुंचकर मशीनों को वार्डों में लगवाया। मौके पर उपस्थित सिविल सर्जन डॉ. अरविंद सत्य को निर्देशित किया कि इन मशीनों का उपयोग करते हुए एक अलग से 25 बेड का वार्ड बनाया जाए। जिसमें सामान्य अवस्था के रोगियों को रखकर उनका इलाज ओर बेहतर तरीके से किया जा सके। कलेक्टर ने बताया की 25 और मशीनें खरीदी जानी है। अभी जिला अस्पताल में 200 से ज्यादा कंसंट्रेटर मशीनों से मरीजों को ऑक्सीजन मिल रही है। मशीनों के आने के बाद से ऑक्सीजन की खपत कम हो रही है।

खबरें और भी हैं...