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पर्युषण पर्व का चौथा दिन:सत्य अपने आप में एक धर्म है, झूठ बोलना पाप है

बड़वानी4 दिन पहले
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शांतिधारा करते हुए समाज के लोग। - Dainik Bhaskar
शांतिधारा करते हुए समाज के लोग।

दिगंबर जैन समाज के पर्वराज पर्युषण पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है और जैन मंदिरों में अलग-अलग धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। मंगलवार को उत्तम सत्य धर्म के दिन विद्वानों ने बताया सत्य अपने आप मे एक धर्म है, झूठ बोलना महा पाप है। झूठे व्यक्ति का कोई विश्वास नही करता है। दूसरी तरफ सत्यवादी हमेशा सुख की नींद सोता है और जन-जन का विश्वास भी प्राप्त करता है। सदियों से मानव झूठ बोलता आया है पर सत्य मेव जयते का सिद्धांत कभी भी नहीं बदल सका। सत्य को धर्म और असत्य को अधर्म कहा है। वास्तविक धर्म तो सत्य और अहिंसा ही है। अतः सभी को सत्य धर्म का पालन करना चाहिए।

समाज के मनीष जैन ने बताया मंगलवार पर्युषण पर्व के चौथे दिन जैन मंदिर में संजय के निर्देशन में भगवान के अभिषेक, शांतिधारा, आरती व पूजन हुआ। जैन धर्म के 9वें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत का मोक्षकल्याणक भी मनाकर निर्वाणकांड का वाचन किया और निर्वाण लाडू चढ़ाया। पर्युषण पर्व के दौरान बावनगजा में भी धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। आर्यिका विदक्षाश्री माताजी के सानिध्य ने 16 मंदिरों में विराजित भगवान पुष्पदंत को निर्वाण लाड़ू चढ़ाया।

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