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जिला अस्पताल:40 ऑक्सीजन सिलेंडर की रोज जरूरत, प्रबंधन 20 ही भरवा पा रहा

बुरहानपुर7 दिन पहले
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जिला अस्पताल के कोविड सहित अन्य वार्डों में भर्ती मरीजों के लिए यहां पर्याप्त ऑक्सीजन का स्टॉक नहीं है। यहां मरीजों के लिए रोज 40 सिलेंडर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है लेकिन अस्पताल प्रबंधन मुश्किल से 20 सिलेंडर ही भरवा पा रहा है। जबकि इमरजेंसी के लिए यहां 150 ऑक्सीजन सिलेंडर हैं लेकिन इनमें से एक तिहाई सिलेंडर भी प्रबंधन भरवा नहीं पा रहा है।

ऐसे में कोविड वार्ड सहित अन्य वार्डों में भर्ती गंभीर मरीजों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पा रहा है। कोविड वार्ड में मंगलवार को दम तोड़ने वाली नेपानगर की महिला मौत भी ऑक्सीजन का सेचुरेशन 36 से 37 पर होने के कारण हुई थी।

जिला कोविड स्वास्थ्य सेंटर में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आधे से ज्यादा मरीजों को 15 जम्बो ऑक्सीजन सिलेंडर की जरुरत है। लेकिन शाम तक स्टॉक में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं बच रही है। ऐसे में घबराहट से रात में मरीजों की सांसें फूल रही हैं। इस अव्यवस्था की वजह से कई मरीजों की सांसें भी टूट रही हैं। कोविड वार्ड के डॉ. राजिक ने भी माना है कि यहां हर दो-तीन दिन में एक-दो मरीज दम तोड़ रहे हैं।

फाॅलोअप : कोरोना संदिग्ध वार्ड के लिए एक अटेंडर को अनुमति, शाम तक भी गार्ड नहीं किया तैनात

बुधवार के अंक में भास्कर की ‘बिना सुरक्षा डॉक्टर ने टटोली नब्ज, महिला की सांस टूटी, परिजन बोले- यहां भोजन और पानी तक नहीं’ खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन जागा। सुबह से कलेक्टर प्रवीणसिंह ने प्रभारी सीएमएचओ डॉ. एमपी गर्ग और सिविल सर्जन डॉ. शकील अहमद खान की क्लास शुरू कर दी।

इसके बाद दोनों स्वास्थ्य अफसरों ने स्टाफ के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर चर्चा की। कोरोना संदिग्ध वार्ड में एक अटेंडर को अनुमति दी। इन्हें 10-10 रुपए वाले पास जारी किए गए। हालांकि अटेंडर्स से कोई शुल्क नहीं लिया, ताकि मरीजों की जरुरत पड़ने पर वे मदद कर सकें। बाकी समय उनके बैठने के लिए कोविड वार्ड के बाहर कुर्सियां लगवाई गई।

कैंटीन से उनके लिए भोजन उपलब्ध कराया गया। अटेंडर्स को अन्नपूर्णा रसोई केंद्र से भोजन कराया गया। हालांकि सिक्योरिटी गार्ड की तैनाती नहीं होने से अटेंडर फिर भी वार्डों में पहुंचते रहे। कलेक्टर प्रवीणसिंह यहां गार्ड तैनात करने के निर्देश दे चुके हैं। फिर भी लापरवाही बरत रहे हैं।

सुबह 24 सिलेंडर की जरूरत, 10 सिलेंडर सप्लाय हो रही थी

बुधवार सुबह तक यहां 24 ऑक्सीजन सिलेंडर की जरुरत महसूस हुई। लेकिन मुश्किल से 10 सिलेंडर ही सप्लाय हो रही थी। दोपहर करीब 3 बजे डीलर ने ऑक्सीजन पहुंचाई। इससे19 जंबो और 5 मिनी सिलेंडर में ऑक्सीजन भरी गई। इसके अलावा पूरे अस्पताल में 5 सिलेंडर से सप्लाय चलता रहा।

डीलर ने माना, ऑक्सीजन की किल्लत, बोले- रोजाना 50 सिलेंडर मांग रहे

जिला अस्पताल में ऑक्सीजन की किल्लत को डीलर दिलीप खुराना भी मान रहे हैं। उन्होंने बताया जिला अस्पताल में मरीज ज्यादा हो गए हैं। अभी रोज 50 सिलेंडर की मांग आ रही है लेकिन बुधवार दोपहर 24 सिलेंडर दे पाए हैं। अब उनसे 150 सिलेंडर भरने का ऑर्डर मिला है। जिले में मैं अकेला सप्लायर हूं। रोज पूरे जिले के अस्पतालों में 100 सिलेंडर से ज्यादा भिजवा रहा हूं।

जिले में कोराना संक्रमण के 50 से ज्यादा मरीज गंभीर

तीन महीने से जिले में कोरोना की दूसरी लहर तेजी से बढ़ रही है। जिले में कोरोना के 175 सक्रिय मरीज हो चुके हैं। इनमें से 50 से ज्यादा मरीज गंभीर हैं। आधे से ज्यादा मरीजों का जिला कोविड स्वास्थ्य सेंटर में इलाज चल रहा। इन्हें रोजाना 15 सिलेंडर ऑक्सीजन की जरुरत पड़ रही है लेकिन उपलब्ध 6-7 ही हो पा रहे हैं। वहीं अन्य गंभीर मरीजों का मेडिकल व सर्जिकल वार्ड में इलाज चल रहा है। यहां रोजाना 20 से ज्यादा ऑक्सीजन सिलेंडर की जरुरत है। इमरजेंसी के लिए जिला अस्पताल में 150 ऑक्सीजन सिलेंडर हैं लेकिन अस्पताल प्रबंधन द्वारा इनमें से एक तिहाई सिलेंडर भी नहीं भरवाने के कारण शाम तक स्टॉक में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं बचती है।

सुबह से संपर्क करते हैं

रोज ऑक्सीजन खत्म होती है और रोज सिलेंडर भरवाते हैं। सुबह जरुरत पर संपर्क करते हैं। डीलर दोपहर तक ऑक्सीजन लाता है। बुधवार को मुश्किल से 25 सिलेंडर भी नहीं भरे।

-अशोक सोनी, स्टीवर्ड, जिला अस्पताल

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