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हाईस्कूल परीक्षा परिणाम:छुट्टी के दिन भी लगी अतिरिक्त कक्षाएं, दो बार प्री-बोर्ड परीक्षा से तैयारी का समय मिला, 5.44 फीसद बढ़ा रिजल्ट

बुरहानपुरएक महीने पहले
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  • छात्रों से 10% ज्यादा छात्राएं हुईं उत्तीर्ण, प्रावीण्य सूची के 5 विद्यार्थियों में 3 छात्राएं

माशिमं भोपाल ने शनिवार को रिजल्ट घोषित किया। इस साल कक्षा 10वीं का रिजल्ट पिछले साल की तुलना में 5.44% बढ़ा है। सरकारी स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं लगाई गई। 2 बार प्री-बोर्ड परीक्षा होने से विद्यार्थियों को पढ़ाई करने का ज्यादा समय मिला। यही कारण रहा कि रिजल्ट बेहतर हुआ है। कोरोना में जिन विषयों के प्रश्नपत्र नहीं हो पाए, उन विषयों में विद्यार्थियों को जनरल प्रमोशन दिया गया। जिले का परीक्षा परिणाम 64.99% रहा। इस बार भी उत्तीर्ण होने का प्रतिशत बालिकाओं का ज्यादा रहा। बालकों से 10% ज्यादा बालिकाएं उत्तीर्ण हुई। हालांकि इस बार जिले से एक भी विद्यार्थी का नाम प्रदेश की प्रावीण्य सूची में शामिल नहीं हो पाया है। जिले की प्रावीण्य सूची में पांच विद्यार्थी शामिल हैं। इनमें दो बालक और तीन बालिकाएं हैं। ये निजी स्कूल के भृत्य, पान गुमटी संचालक और किसान के बच्चे हैं। जिले में इस साल 7364 में से 7251 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। इनमें से 4713 उत्तीर्ण हुए हैं। 1533 अनुत्तीर्ण हुए। 1004 को पूरक आई है। इस साल परीक्षा में 3824 में से 2296 बालक उत्तीर्ण हुए। 1002 अनुत्तीर्ण  और 525 को पूरक आई है। वहीं 3427 में से 2417 बालिकाएं उत्तीर्ण हुई हैं। 531 अनुत्तीर्ण और 479 को पूरक आई है। पिछले साल का रिजल्ट 59.55 प्रतिशत रहा था।

इन कारणों से सुधरा जिले का10वीं का रिजल्ट

  •  बुरहानपुर में सरकारी स्कूलों में छुट्टी के दिनों में भी अतिरिक्त कक्षाएं लगीं।
  •  स्कूल समय से एक घंटा पहले और बाद में हर दिन बच्चों को विषयवार अतिरिक्त समय पढ़ाया गया।
  •  लगातार दो बार प्री-बोर्ड परीक्षा हुई। इसमें विद्यार्थियों को तैयारी और परीक्षा पैटर्न समझने का ज्यादा समय मिला।
  •  पिछले साल कम रिजल्ट वाले स्कूलों के प्राचार्यों की वेतन वृद्धि राेकी गई थी। विषयवार शिक्षकों के तबादले भी किए गए। 
  •  शिक्षकों को विषयवार रिजल्ट सुधारने का लक्ष्य दिया गया। त्रैमासिक और अर्द्धवार्षिक परीक्षा में कम रिजल्ट आने पर चेतावनी भी दी गई।
  •  प्री-बोर्ड परीक्षा के बाद छात्र-छात्राओं के सामने ही कॉपियों को जांच कर उनकी गलती समझाई गई। इससे विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ा और रिजल्ट भी अच्छा रहा।

जिले में 10वीं के विद्यार्थियों का आंकड़ा

नियमित
कुल विद्यार्थी     7364
परीक्षा दी     7251
उत्तीर्ण     4713
अनुत्तीर्ण     1533
पूरक     1004

स्वाध्यायी
कुल विद्यार्थी     1253
परीक्षा दी     1061
उत्तीर्ण     174
अनुत्तीर्ण     750
पूरक     136

निमाड़ में दूसरे और संभाग में चौथे स्थान पर जिला
परिणाम सुधरने के साथ जिले की निमाड़ और संभाग में भी स्थिति सुधरी है। पिछले साल परिणाम खराब होने से बुरहानपुर जिला आखिरी पायदान पर था लेकिन इस साल निमाड़ में दूसरे और संभाग में चौथे स्थान पर है। निमाड़ में खरगोन पहले स्थान पर है। 64.39 प्रतिशत के साथ खंडवा तीसरे और 63.23 प्रतिशत के साथ बड़वानी चौथे स्थान पर है।

सफलता का कारण
बिना कोचिंग शिक्षकों के मार्गदर्शन में रोजाना 4 से 5 घंटे की पढ़ाई 

बिना कोचिंग शिक्षकों के मार्गदर्शन में हर दिन 4 से 5 घंटे पढ़ाई की। इसी से परीक्षा में सफलता मिली। जिले की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान पर रहे सूफियान व द्वितीय रहे भावेश ने वीडियो कॉल से एक-दूसरे की पढ़ाई का तरीका और सफलता का राज जाना। दोनों छात्र निजी स्कूल में पढ़ते हैं। सूफियान के पिता नईम खान सूफियान के ही स्कूल में भृत्य हैं। सूफियान ने बताया सीए बनना चाहता हूं। पूरे साल स्कूल में शिक्षकों के मार्गदर्शन में पढ़ाई की। स्कूल के अलावा जितना समय मिला, उसमें कठिन प्रश्नों को हल करने व समझने का प्रयास किया। भावेश के पिता सतीश पवार किसान हैं। भावेश ने बताया बिना कोचिंग के पूरे साल पढ़ाई की। स्कूल के अलावा हर दिन 5 घंटे से ज्यादा पढ़ाई को दिया। डॉक्टर बनना चाहता हूं। इसलिए अब बायोलॉजी विषय ले रहा हूं। पान गुमटी चलाने वाले 2 पालकों की बेटियां प्रावीण्य सूची में तीसरे स्थान पर आईं हैं। सावित्रीबाई फुले स्कूल में पढ़ने वाली दिव्यानी बारी के पिता गोपाल की मंडी बाजार में पान की गुमटी है। दिव्यानी ने बताया भारतीय पुलिस सेवा में जाना चाहती हूं। इसकी तैयारी के लिए गणित संकाय से पढ़ाई कर रही हूं। लालबाग की माही जाधव के पिता प्रमोद जाधव दुर्गा चौक में पान गुमटी चलाते हैं। माही ने बताया पूरे साल माता-पिता ने पढ़ाई में सहयोग किया। हर परेशानी में मार्गदर्शन दिया। मैं इंटेलीजेंस ब्यूरो में जाना चाहती हूं। गणित संकाय से पढ़ाई के बाद इसकी परीक्षा की तैयारी करूंगी।

किसान की बेटी चाहती है इंजीनियर बनना
शाहपुर निवासी प्रतीक्षा ने जिले की प्रावीण्य सूची में दूसरा स्थान पाया है। उसके पिता संजय चाैधरी किसान हैं। प्रतीक्षा इंजीनियर बनना चाहती है। प्रतीक्षा ने बताया पढ़ाई के लिए पूरे साल का टाइम टेबल बनाया। इसमें स्कूल के अलावा घर पर पढ़ाई के लिए समय निकाला। माता-पिता दोनों ने मनोबल बढ़ाया। इसी से सफलता मिली।

^पिछले साल परीक्षा परिणाम बिगड़ने के बाद से सरकारी स्कूलों में व्यवस्थाएं बदली हैं। सालभर छुट्टी के दिनों में भी अतिरिक्त कक्षाएं लगाई गईं। स्कूल शुरू होने और खत्म होने के बाद भी अतिरिक्त कक्षाएं लगाईं। इसीलिए इस साल रिजल्ट सुधरा है। - राकेश दलाल, वरिष्ठ व्याख्याता, शासकीय कन्या स्कूल, बुरहानपुर

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