पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

श्री बालाजी रथ भ्रमण:दो पुजारी, 8 सेवकों संग निकला बालाजी रथ, भक्तों ने दूर से किए दर्शन-आरती

बुरहानपुर10 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • साढ़े 400 साल पुरानी परम्परा जारी रखने के लिए एकजुट हुए भक्त, भाजपा जिलाध्यक्ष व पूर्व मंत्री के हस्तक्षेप पर माना प्रशासन, अखाड़ा, साउंड बजाने पर प्रतिबंध

दो पुजारी,8 सेवकों संग शनिवार रात भगवान श्री बालाजी महाराज का रथ निकला। पुलिस की सख्ती के बीच श्रद्घालुओं ने दूर से श्रीजी के दर्शन और आरती की। श्री बालाजी महाराज के रथ भ्रमण की साढ़े 400 पुरानी परम्परा शनिवार को नहीं टूटी। प्रशासन की शर्त पर रात9 बजे महाजनापेठ स्थित मंदिर से रथ में भ्रमण के लिए बालाजी शहर में निकले। पहले दिन पुलिस के सुरक्षा घेरे के बीच भक्तों ने दूर से दर्शन किए। महिलाओं ने ओटलों पर खड़े रहकर आरती की। सोशल डिस्टेंसिंग के लिए तिलक भी नहीं लगाया। रथ गांधी चौक, फव्वारा चौक, शनि मंदिर, पांडूमल चौराहा से गुजरा। पूरे मार्ग गोविंदा के बालाजी, बालाजी के गोविंदा के जयकारे लगे। रात 12 बजे से पहले रथ मंदिर लौट आया। कोविड-19 की सख्त गाइडलाइन की वजह से बालाजी रथ यात्रा की मंजूरी को लेकर प्रशासन असमंजस में था। करीब20 दिन पहले से मंदिर और बालाजी उत्सव समिति आवेदन दे चुकी थी। इस बीच पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस ने कलेक्टर प्रवीण सिंह को पत्र भेज रथ भ्रमण की अनुमति जारी करने की मांग की। हालांकि फिर भी प्रशासन नहीं माना और शर्त पर मंदिर परिसर में दर्शन की मौखिक अनुमति दी। शुक्रवार देरशाम तक प्रशासन से कोई लिखित अनुमति नहीं मिली। मौखिक अनुमति के आधार पर मंदिर व उत्सव समिति ने सारी तैयारियां पूरी की। शनिवार सुबह मंदिर में पुण्याः वाचन हुआ। श्रीजी का अभिषेक कर आरती की। श्रीजी को मंदिर के गर्भग्रह में विराजित किया।

सीएम से चर्चा के बाद रात 8.30 बजे प्रशासन ने दी अनुमति

रथ भ्रमण से एक घंटे पहले मिली अनुमति
कलेक्टर ने शाम 6 बजे एसडीएम को अनुमति देने के निर्देश दिए। रात करीब 8 बजे एसडीएम केआर बड़ोले ने अनुमति बनाई। मंदिर व उत्सव समिति को रथ की अनुमति दी। इस बीच समिति ने तैयारियां पूरी की। पहली बार एक घंटे पहले अनुमति के साथ रथ निकाला।

परम्परा जारी रखना ही हमारी जिम्मेदारी है
भाजपा जिलाध्यक्ष लधवे ने कहा कलेक्टर से मंदिर के साथ अब यह हमारी जिम्मेदारी है हम परम्परा जारी रखने में प्रशासन की शर्त मानेंगे। सभी भक्त मास्क में रहेंगे। दो सेवक भक्तों को सैनिटाइज करेंगे। रथ में पूजन के लिए पुजारी रहेंगे। अखाड़ा काे इस बार विराम देना है।

सीएम की स्वीकृति पर कलेक्टर ने दी अनुमति
सीएम की स्वीकृति के बाद कलेक्टर प्रवीण सिंह नगर रथ भ्रमण पर माने। 50 से ज्यादा भक्तों के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज लधवे, मंदिर पुजारी मोहन बालाजीवाले के साथ एसडीएम ऑफिस पहुंचे। मांग पत्र देकर सभी श्री बालाजी मंदिर पहुंचे।

30 को देंगे श्रीजी दर्शन

25 अक्टूबर तक रथ भ्रमण के लिए निकाल सकेंगे। भ्रमण का समयरात 8.50 से 12 बजे तक रहेगा। पूर्व से निर्धारित रूट अनुसार 9 दिन अलग-अलग क्षेत्र में रथ भ्रमण करेगा। 30अक्टूबर को श्रीजी मंदिर परिसर में दर्शन देंगे। यहीं चांदनी चौक में श्रद्घालु दर्शन को पहुंच सकेंगे।

ये रखीं शर्तें

  • समिति को सामाजिक दूरी का पालन करना होगा।
  • रथ निकालने में 8 से ज्यादा लोग शामिल नहीं होंगे।
  • रथ के आगे-पीछे चल समारोह, अखाड़ा प्रतिबंधित रहेगा।
  • कोई उदबोधन, भाषाण या कृत्य न हो, जिससे किसी समुदाय विशेष की भावना पर विपरीत प्रभाव पड़े।
  • डीजे, साउंड सिस्टम पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
  • आयोजक व वालंटियरों के फोटो परिचय पत्र थाने में जमा कराना व वालिंटियर की नियुक्ति की जाना होगी।
  • किसी व्यक्ति द्वारा शर्तों का उल्लंघन या कानून व्यवस्था बिगाड़ने पर आयोजक जिम्मेदार होगा।
  • शर्त के उल्लंघन पर अनुमति निरस्त मानी जाएगी। आयोजक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई होगी।

जिलाध्यक्ष ने की सीएम के ओएसडी से चर्चा
दोपहर तक रथ भ्रमण की अनुमति नहीं मिलने पर शहरभर के विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के सैकड़ों भक्त एकजुट हो गए। भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज लधवे ने मध्यस्ता कर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के ओएसडी से चर्चा की। उन्हें रथ भ्रमण की साढ़े400 साल पुरानी परम्परा बताई। जिस जारी रखने के लिए मुख्यमंत्री की ओर से सहमति दी गई। इसके बाद उन्होंने कलेक्टर और एसडीएम से चर्चा की।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- चल रहा कोई पुराना विवाद आज आपसी सूझबूझ से हल हो जाएगा। जिससे रिश्ते दोबारा मधुर हो जाएंगे। अपनी पिछली गलतियों से सीख लेकर वर्तमान को सुधारने हेतु मनन करें और अपनी योजनाओं को क्रियान्वित करें।...

और पढ़ें