बाघों के आंकलन का आखिरी दिन आज:साल 2022 के तहत की गई वन्यप्राणियों की गणना, तेंदुए के कुनबें में हुआ है इजाफा

बुरहानपुर2 महीने पहले
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बाघ के पंजे - Dainik Bhaskar
बाघ के पंजे

वन विभाग ने ‌बाघ आंकलन वर्ष 2022 के तहत जिलेभर में वन्यप्राणियों की गणना कराई है। एक दिसंबर से शुरू हुई यह गणना 7 दिसंबर को खत्म हो गई। इस दौरान वन क्षेत्रों में जगह जगह वन्यप्राणियों की उपस्थिति के साक्ष्य मिले हैं। कहीं पैर के निशान तो कहीं मल से वन्य प्राणियों की उपस्थिति सर्वे ऑफ इंडिया की गाइड लाइन के अनुसार ऐप में दर्ज की गई है।

प्रदेश नंबर वन

जानकारी के अनुसार, इस बार जिले के वन क्षेत्र में वन्यप्राणियों की संख्या में इजाफा होने की संभावना है। टीम ने ऐप के माध्यम से वन्यप्राणियों की सारी गतिविधियां आनलाइन फीड की हैं। जिसके आंकड़े एक दो दिन में कंपाइल किए जाएंगे। इसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी कि बुरहानपुर में कितने वन्य प्राणी हैं। यहां बाघ की उपस्थिति भी लगातार दर्ज होती रही है। लेकिन हर बार वन विभाग इससे इनकार करता रहा। लेकिन बाघों के मामले में मप्र देश में नंबर एक पर होने के कारण इस बार गणना का नाम ही बाघ आंकलन वर्ष 2022 दिया गया है।

2014 में करीब 13 तेंदुए पाए गए थे

कुछ महीने पहले पर्यावरण और वन मंत्रालय ने तेंदुओं की आबादी पर 2018 की एक रिपोर्ट जारी की थी। जिसके तहत मप्र में 3,421 तेंदुआ पाया गया था। इसमें बुरहानपुर वन मंडल का भी योगदान है। वन्य प्राणी गणना 2014 में बुरहानपुर वन मंडल में करीब 13 तेंदुए पाए गए थे। अब इनका कुनबा भी बढ़ गया है। करीब छह साल में वन मंडल में करीब 40 से अधिक तेंदुए हो गए थे। इस सर्वे में उनकी संख्या और बढ़कर सामने आने की संभावना है।

5 दिन बाद पकड़ाया तेंदुआ

सालभर में ही करीब चार पांच से अधिक तेंदुए जंगल से गांव, शहर की ओर कूच करने पर वन विभाग उन्हें ओंकारेश्वर अभ्यारण्य छोड़ आया था तो वहीं हाल ही में नावरा रेंज के डालमहू में भी एक तेंदुए को रेस्क्यू कर पकड़ा गया था। जिसे इंदौर ले जाया गया। जहां वह जू से भाग गया था। हालांकि, 5 दिन बाद विभाग ने तेंदुए को ढूंढ लिया। समय समय पर तेंदुए नेपानगर, नावरा, खकनार वन क्षेत्रों में नजर आते हैं। इसके अलावा अन्य वन्यप्राणियों की उपस्थिति के आंकड़े भी जल्द सामने आ सकते हैं।