प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना:साढ़े 3 घंटे भूखे रहे उपभोक्ता, महिलाएं जाने लगीं, अफसरों ने रोका

बुरहानपुर2 महीने पहले
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सब्र टूटने पर उपभोक्ता उठकर जा रहे थे। अफसर-कर्मियों ने रोक लिया। - Dainik Bhaskar
सब्र टूटने पर उपभोक्ता उठकर जा रहे थे। अफसर-कर्मियों ने रोक लिया।
  • दोपहर 12 बजे महिलाएं बोलीं- घर जाकर रोटी बनाना है, अब तो जाने दो, राशन बांटने के कार्यक्रम में कुछ उपभोक्ता खाली हाथ भी लौटे

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना। इसके तहत शनिवार को 11 हजार परिवारों को नि:शुल्क राशन बांटा गया। इंदिरा कॉलोनी के गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम में मुख्य कार्यक्रम हुआ। राशन दुकान एजेंट सुबह 8.30 बजे से उपभोक्ताओं को यहां ले आए। ढाई घंटे के कार्यक्रम के लिए साढ़े तीन घंटे तक उपभोक्ता भूखे बैठे रहे। भूख-प्यास सताने पर दोपहर 12 बजे महिलाएं जाने लगीं तो अफसरों ने रोक लिया। परेशान महिलाएं बोलीं- घर पर रोटी बनाना है, अब तो जाने दो।

कार्यक्रम में सुबह 11 बजे से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का लाइव भाषण हुआ। प्रधानमंत्री ने शहर की न्यू इंदिरा कॉलोनी निवासी ऑटो चालक राजेंद्र शर्मा से 3.08 मिनट वर्चुअल बात की। दोपहर 12 बजे स्थानीय जनप्रतिनिधियों के भाषण शुरू हुए। सुबह से बुलाए गए लोगों के लिए यहां नाश्ते की कोई व्यवस्था नहीं थी। सिर्फ चाय का स्टॉल था, वह भी ऑडिटोरियम के बाहर। कुछ महिलाएं उठकर जाने लगीं तो अफसर-कर्मियों ने रोककर फिर बैठा दिया। सब्र टूटने पर सिंधीबस्ती की कुछ महिलाएं जाने लगीं तो एजेंट ने रोककर गेट की चिटकनी लगा दी। सिंधीबस्ती की लीलाबाई भोजयानी और देवीबाई राशन के लिए पूरे समय कार्यक्रम में बैठी रहीं। आखिरी में राशनकार्ड और खाली थैलियां लेकर घर लौटीं। दोनों ने कहा कंट्रोल वाला सुबह 9 बजे से यहां ले आया। बोला था राशन मिलेगा। लीलाबाई ने कहा नाश्ता नहीं मिला। चाय तक का किसी ने नहीं पूछा।

पीएम, सीएम को सुना, हमारे समय बात कर रहे हो- पटेल

प्रभारी मंत्री प्रेमसिंह पटेल बोले पीएम और सीएम बोल रहे थे तो सब चुपचाप सुन रहे थे। अब हम बोल रहे हैं तो बातें कर रहे हैं। क्योंकि देने वाले वो हैं, बोलने वाले अपन। पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस उपभोक्ताओं का मूड भांप ज्यादा कुछ नहीं बोलीं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ज्ञानेश्वर पाटील, पूर्व महापौर अनिल भोसले, अतुल पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज लधवे ने भी संबोधित किया। इस दौरान मंच पर पूर्व विधायक मंजू दादु, पूर्व महापौर माधुरी पटेल, पूर्व निगमाध्यक्ष मनोज तारवाला आदि मौजूद थे।

सुबह 8.30 से 9 बजे के बीच लोग आने लगे थे। अव्यवस्था होती, इसलिए नाश्ता नहीं रखा। जो लोग राशन ले गए, उनके अंगूठे के निशान भी नहीं ले पाए। सभी जाने की जल्दी कर रहे थे।
-अर्चना नागपुरे, खाद्य अधिकारी, बुरहानपुर

राजेंद्र ने पीएम से कहा- कोरोना में मुफ्त राशन मिला

  • पीएम- राजेंद्रजी नमस्ते
  • राजेंद्र- सरजी प्रणाम
  • पीएम- आप क्या करते हैं?
  • राजेंद्र- मैं ऑटो चलाता हूं।
  • पीएम- परिवार में और कोई है, जो कमाते हैं या आप अकेले कमाते हैं?
  • राजेंद्र- मेरा छोटा बेटा पेट्रोल पंप पर काम करता है।
  • पीएम- बच्चे की पढ़ाई क्या करवाई है?
  • राजेंद्र- बड़े बेटे ने 10वीं की। छोटे ने 12वीं की। कॉलेज में प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है।
  • पीएम- ऑटो चलाते हैं तो कोरोना के समय में बिना काम के काफी प्रभाव पड़ा होगा। परिवार का काम कैसे चला?
  • राजेंद्र- नियमित राशन मिलता था। आपके द्वारा नि:शुल्क राशन दिया गया। उससे दोनों टाइम के खाने-पीने की व्यवस्था हो गई।
  • पीएम- आपको किसी और योजना का कोई लाभ मिला है क्या?
  • राजेंद्र- प्रधानमंत्री जनधन खाते में पिछले कोरोना टाइम में 500-500 रुपए दो बार आए थे। मैंने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में लोन लिया था, ऑटो रिक्शा के लिए और कोरोना के पहले चुकता भी कर दिया।
  • पीएम- अभी कोई कर्ज नहीं है?
  • राजेंद्र- जी सर अभी मैं कर्ज मुक्त हूं।
  • पीएम- बहुत अच्छा हो गया कि संकट काल में भी कर्ज का कोई बोझ आपको नया नहीं आया। राजेंद्रजी मैं हमेशा ही विकास के लिए डबल इंजन की सरकारों की बात करता हूं। आपने खुद बताया राज्य सरकार की योजना में आपको ऑटो खरीदने में मदद मिली। लॉकडाउन में ऑटो पर ब्रेक लगा तो कैसे सरकार ने जनधन खाते में सीधे पैसे डालकर व मुफ्त राशन से मदद की। हमारी सरकारों की कोशिश है कि नागरिकों के जीवन में किसी तरह की परेशानी न आए। अगर विपत्ति आ भी जाती है तो हम मिलकर नागरिकों की मदद करें। राजेंद्रजी मेरी बहुत शुभकामनाएं। मैं जरूर चाहूंगा कि अब आपके बेटे ने 12वीं कर ली है, उसको अच्छे कॉलेज में एडमिशन मिल जाए और वो बहुत प्रगति करे।
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