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बारिश का असर:अधिक बारिश के कारण कपास के गेठे सड़कर पड़ गए काले, प्रति एकड़ दो क्विंटल तक नुकसान का अंदेशा

बुरहानपुर11 दिन पहले
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  • गर्मी के बोए कपास के हर पौधे पर 10 से 15 गेठे पड़े काले, फसल की हालत देख किसानों की चिंता बढ़ी

पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण निंबोला क्षेत्र में गर्मी में लगाई कपास फसल बुरी तरह प्रभावित हो रही है। अधिक बारिश के कारण गेठे सड़कर काले पड़ गए हैं। हर पौधे पर करीब 10 से 15 गेठे सड़ गए हैं। इससे किसानों को प्रति एकड़ दो क्विंटल तक नुकसान होने का अंदेशा है। फसल की हालत देख रूंआसे हुए किसानों को अब मौसम खुलने और धूप निकलने का इंतजार है। उनका कहना है मौसम नहीं खुला तो बची-खुची फसल भी पूरी तरह खराब हो जाएगी। ऐसे में बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। निंबोला सहित आसपास के गांवों के किसानों ने मई में करीब दो हजार एकड़ में कपास फसल लगाई थी। अधिक बारिश के कारण यह फसल खराब हो रही है। मगरूल के किसान विनोद भावसेकर ने बताया 12 एकड़ में गर्मी की कपास लगाई है। इसमें हर पौधे पर बड़ी संख्या में गेठे सड़कर काले पड़ गए हैं। निम्ना के सोहेल बेग ने बताया पांच एकड़ में गर्मी की कपास लगाई है। यहां भी अन्य खेतों की तरह गेठे सड़कर काले पड़ गए हैं। इनसे कपास निकलना मुश्किल है। किसानों ने कहा खरीफ के सीजन में तीन हजार एकड़ में कपास लगाई गई है। यह फसल बेहतर स्थिति में है लेकिन गर्मी के कपास की फसल खराब हो गई है।

एक एकड़ में 8 से 12 क्विंटल ही होगा उत्पादन
किसानों ने बताया गर्मी के कपास से प्रति एकड़ 10 से 15 क्विंटल तक उत्पादन होता है लेकिन गेठे सड़कर काले पड़ने के कारण इस साल 8 से 12 क्विं. ही उत्पादन होने का अंदेशा है। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। खरीफ सीजन के कपास से प्रति एकड़ पांच से आठ क्विंटल उत्पादन होता है। किसानों ने बताया गेठों को सड़ने और काले पड़ने से बचाने का कोई उपाय नहीं है। इस कारण हमें परेशान होना पड़ रहा है। बारीक मच्छर और इल्ली के प्रकोप से फसल को बचाने के लिए कीटनाशक दवा का छिड़काव कर रहे हैं।
पिछले साल इससे ज्यादा हुआ था नुकसान
किसानों ने जानकारी देते हुए बताया कि निंबोला, मगरूल, चुलखान, झिरी, झांझर, गारबलड़ी, ठाठर, बलड़ी, खामला, निम्ना, नसीराबाद, बोरी, बसाड़, रईपुरा, बोरगांवखुर्द, हसनपुरा, दहीनाला और असीर सहित अन्य गांवों के खेतों मेें इसी तरह गर्मी की कपास फसल के गेठे सड़कर काले पड़ गए हैं। पिछले साल भी ज्यादा बारिश के कारण इस साल से ज्यादा नुकसान हुआ था। एक पौधे पर 25 से 30 गेठे सड़कर काले पड़ गए थे। इस साल इसका असर कम है लेकिन इससे भी बड़ा नुकसान होगा।

मौसम साफ हुआ तो ही उपज हाथ में आएगी
विनोद भावसेकर सहित अन्य किसानों ने बताया गर्मी में लगाई गई कपास की फसल पूरी तरह पककर तैयार है। हफ्तेभर में फसल निकालना है लेकिन ज्यादा बारिश के कारण अधिकांश फसल खराब हो गई है। जल्द मौसम खुला और धूप निकली तो ही उपज हाथ में आ सकती है। मौसम नहीं खुला तो उपज निकलना मुश्किल है। किसानों ने बताया निंबोला क्षेत्र में 18 से 31 मई तक गर्मी के कपास की बोवनी की गई थी। फसल बेहतर स्थिति में देखकर किसान खुश थे लेकिन ज्यादा बारिश ने उनकी उम्मीदें धो डाली। गेठे खराब होने के बाद कुछ किसान इन्हें तोड़कर सूखा रहे हैं लेकिन इनसे कपास निकलना नामुमकिन है। इनसे कपास निकालने में खासी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है।

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