अन्नदाताओं का धरना:मंडी में 10 घंटे इंतजार के बाद भी नहीं हुई चना खरीदी तो धरने पर बैठ गए किसान

बुरहानपुर6 महीने पहले
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निंबोला सासोयटी में खरीदी शेड़ भरा रहा। किसान यहां बैठकर अपनी बारी आने का इंतजार करते रहे। - Dainik Bhaskar
निंबोला सासोयटी में खरीदी शेड़ भरा रहा। किसान यहां बैठकर अपनी बारी आने का इंतजार करते रहे।

बुधवार शाम 6.30 बजे। रेणुका कृषि उपज मंडी। 10 घंटे से वाहनों की कतार लगाकर उपज खरीदी का इंतजार कर रहे किसानों का सब्र टूट गया। उन्होंने निंबोला सोसायटी प्रबंधक को घेर लिया। प्रबंधक ने उपज खरीदी से मना किया तो किसान धरने पर बैठ गए, तब जाकर प्रबंधक ने खरीदी शुरू कराई। रेणुका देवी कृषि उपज मंडी में मंगलवार से आम नीलामी बंद है। इसलिए समर्थन मूल्य पर चने की आवक में अचानक तेजी आ गई। मंडी के चार केंद्रों पर मंगलवार को 2376 क्विंटल चना खरीदा गया। इससे शेड पूरी तरह भर गए। बुधवार सुबह चार केंद्रों पर 250 से ज्यादा किसान पहुंच गए।

सिरपुर, एमार्गिद और शाहपुर सोसायटी ने जैसे-तैसे शेड में जगह बनाकर खरीदी शुरू की। यहां रात 8 बजे तक सभी किसानों की उपज तोल ली गई लेकिन निंबोला सोसायटी में मंगलवार को ही एक हजार क्विंटल उपज खरीदी थी। इससे जगह नहीं बची। दोपहर 12 बजे तक प्रबंधक माल खाली कराने के लिए फोन करते रहे।

1 बजे परिवहनकर्ता ने ट्रक भेजा। शाम तक 4 ट्रक उपज हटाई। इससे 20% शेड ही खाली हुआ। खरीदी का पोर्टल शाम 6 बजे बंद होने के बाद प्रबंधक प्रकाश धुर्वेकर ने खरीदी करने से मना कर दिया। इस पर किसानों से विवाद हुआ और किसान धरने पर बैठ गए। स्थिति बिगड़ती देख प्रबंधक ने खाली जगह पर माल रखने को कहा।

दो दिन में किसानों से हुई चना खरीदी

टोकन नहीं देने पर भड़के किसान, प्रबंधक बोले- कर दो शिकायत
शाम 6 बजे तक निंबोला साेसायटी में खरीदी नहीं हुई थी। 60 से ज्यादा वाहन कतार में लगाकर किसान सुबह 6 बजे से खड़े थे। प्रबंधक धुर्वेकर को घेर कर किसानों ने कहा टोकन बांट दो, हम खरीदी के लिए कल आ जाएंगे।

मौसम खराब है, बारिश हुई तो गीला माल खरीदोगे नहीं। प्रबंधक ने टोकन देने से मना कर दिया। प्रबंधक ने कहा जिसे शिकायत करना हो कर दो, टोकन नहीं दूंगा। कल आना, तब खरीदी होगी।

किसानों ने कहा- व्यापारियों ने शेड खाली नहीं किए, आधी मंडी में पड़ा है उनका माल
किसान शिवराम महाजन ने कहा सुबह 6 बजे मंडी पहुंचे थे। सोसायटी के कर्मचारी 9 बजे बाद आए। शेड खाली नहीं थे। फिर भी परिवहनकर्ता को सूचना नहीं दी। दोपहर 1 बजे ट्रक माल लेने आया। शाम तक 4 ट्रक माल खाली किया।

आधी मंडी में व्यापारियों का माल पड़ा है। इसे खाली कराकर किसानों को माल रखने की जगह देना चाहिए। प्रवीण चौधरी ने बताया सबसे आगे ट्रैक्टर लगाकर खड़ा हूं लेकिन खरीदी नहीं हुई। भूखे-प्यासे किसान दिनभर से बैठे हैं। पीने को पानी नहीं है। कैंटीन भी बंद है। खरीदी नहीं हुई तो रातभर यहीं बैठना पड़ेगा।

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