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कब बढ़ेगी फाइल:मंत्रालय में अटक गई धुलकोट को तहसील का दर्जा देने वाली फाइल

बुरहानपुर3 दिन पहले
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  • टप्पे को दिया जाना है तहसील का दर्जा, विधानसभा उपचुनाव के समय मुख्यमंत्री ने की थी घोषणा
  • अब तक जारी नहीं हुए आदेश, संसाधन जुटाने में भी लगेगा समय, गांवों की संख्या कम होने से अटकी है फाइल

नेपानगर विधानसभा उपचुनाव के समय मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने घोषणा की थी कि धुलकोट को टप्पे से तहसील का दर्जा दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया भी चल रही थी। करीब 2 महीने पहले प्रदेश के परिवहन तथा राजस्व मामलों के मंत्री गोविंदसिंह राजपूत ने नेपानगर विधायक सुमित्रा कास्डेकर को फोन कर बताया था कि धुलकोट को तहसील का दर्जा दिए जाने के आदेश जल्द जारी होने वाले हैं, लेकिन अब तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि इसकी फाइल मंत्रालय स्तर पर अटक गई है। इसके पीछे टप्पा को तहसील बनाए जाने के लिए गांवों की संख्या कम होना कारण बताया जा रहा है।नेपानगर तहसील में 66 गांव हैं। जबकि धुलकोट को मिलाकर 16 गांव ही हो रहे हैं। ऐसे में तहसील का दर्जा मिलना मुश्किल है।

सूत्रों के अनुसार राजस्व प्रमुख सचिव राजस्व के पास फाइल पहुंचने के बाद अब यह विचार किया जा रहा है कि किस तरह मुख्यमंत्री की घोषणा को अमल में लाया जाए। धुलकोट टप्पा से तहसील बनता है तो इससे जुड़े करीब दर्जनभर से अधिक गांव इसके तहत आ जाएंगे। लेकिन यहां संसाधन जुटाने पर मंथन चल रहा है, क्योंकि पहले ही प्रदेशभर में तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के सैकड़ों पद खाली हैं। धुलकोट में टप्पा कार्यालय ही होने से ग्रामीणों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां एक नायब तहसीलदार की पदस्थापना भी की गई है, लेकिन उनके पास नेपानगर का का भी कार्यभार है। सप्ताह में दो बार ही उनका टप्पा कार्यालय में बैठना होता है। आमजन की मांग पर ही मुख्यमंत्री ने धुलकोट को टप्पा से तहसील का दर्जा दिए जाने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद ही नेपानगर तहसीलदार की ओर से प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया था।

विधायक को ही नहीं मालूम धुलकोट तहसील नहीं बनी
मामले में विधायक सुमित्रा कास्डेकर का कहना है धुलकोट तहसील बन गई है। जबकि इसके अब तक कोई आदेश ही जारी नहीं हुए हैं। स्थानीय स्तर पर भी अधिकारियों के पास कोई आदेश नहीं आया है। कुछ दिन पहले विधायक ने धुलकोट और खकनार में एंबुलेंस की व्यवस्था चार-पांच दिन में कराने की बात कही थी, लेकिन अब तक एंबुलेंस भी नहीं आई है।

धुलकोट को तहसील का दर्जा मिलने से क्षेत्र के ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए नेपानगर या बुरहानपुर नहीं जाना पड़ेगा। यहां तहसील बनाने पर तहसीलदार, रीडर, डीडीओ, नाजिर और कैशियर सहित अन्य की नियुक्ति करना होगी।

प्रस्ताव बनाकर भेजा था, तहसील बनने के आदेश नहीं आए

  • धुलकोट को तहसील का दर्जा देने की घोषणा मुख्यमंत्री ने उप चुनाव से पहले की थी। हमारी ओर से प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया था। इसमें कितने गांव शामिल होंगे, यह शासन तय करेगा। अभी तहसील बनाने के आदेश नहीं आए हैं। -सुंदरलाल ठाकुर, तहसीलदार नेपानगर
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