18वें दिन कैद में आया तेंदुआ:वन विभाग को उम्मीद नहीं थी कि इतना बड़ा तेंदुआ पकड़ में आएगा, पिंजरा भी छोटा पड़ गया; गुर्राहट ऐसी कि करीब जाने की किसी की हिम्मत नहीं थी

बुरहानपुर6 महीने पहले

मध्यप्रदेश के बुरहानपुर के भातखेड़ा में तेंदुआ 18वें दिन पिंजरे में कैद हो गया। वन विभाग ने 13 जुलाई को पिंजरा लगाया था। 18वें दिन जब तेंदुआ फंसा तो वन विभाग भी हैरान था। विभाग को उम्मीद नहीं थी कि तेंदुआ इतना बड़ा होगा। हर बार टीम छोटे साइज का पिंजरा लगाती आई है। इस बार भी यही पिंजरा लगाया गया था। छोटे से पिंजरे में छटपटा रहे तेंदुए की गुर्राहट ऐसी थी कि किसी की उसके करीब जाने की हिम्मत नहीं हुई।

भातखेड़ा में केले के खेत में तेंदुए को देखा जा रहा था। लोग दहशत में थे। वन विभाग ने पिंजरा लगाया। 15 दिन तक लगातार इंतजार करने के बाद भी जब तेंदुआ नहीं आया तो 3 दिन पहले वन विभाग ने पिंजरे की लोकेशन बदल दी। शुक्रवार देर रात तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। इन 18 दिनों में रोज बकरे का मटन पिंजरे में रखा गया। विभाग अब तेंदुए को ओंकारेश्वर (खंडवा) के जंगल में छोड़ने की तैयारी कर रहा है।

4 जुलाई को पहली बार दिखा था तेंदुआ
भातखेड़ा पहले ग्रामीण क्षेत्र में आता था, लेकिन अब नपा के वार्ड क्रमांक 15 में आता है। यहां 4 जुलाई को पहली बार तेंदुआ दिनेश बराड़े के खेत में देखा गया था।

पहले भी 2 तेंदुओं का रेस्क्यू
भातखेड़ा इलाके से पहले भी दो तेंदुए रेस्क्यू किए जा चुके हैं। पिछले दिनों ही बाइक सवार दो भाई तेंदुए का शिकार होते-होते बच गए थे। उन्होंने केक फेंककर अपनी जान बचाई थी।

खूंखार है तेंदुआ
तेंदुआ काफी खूंखार है और बढ़ी मुश्किल से हाथ आया है। उसे ओंकारेश्वर, नर्मदानगर के जंगलों में छोड़ा जाएगा। मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। विभागीय प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

- मयंक पांडे, रेंजर नेपानगर

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