राहत:छह माह बाद शुरू हुआ महाराष्ट्र रूट, 20 बसों से ढाई हजार यात्रियों ने किया सफर

बुरहानपुर9 महीने पहले
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  • अमरावती में 74, बुलढाणा में 67, जलगांव में 5 कोरोना मरीज सक्रिय, ढाई माह से जिले में शून्य

महाराष्ट्र रूट पर यात्री बसों के परिवहन पर लगा प्रतिबंध अब हटा दिया गया है। छह माह बाद रूट पर 20 बसों से ढाई हजार यात्रियों ने सफर किया। 12 जून को जिले में आखिरी मरीज मिला था। 16 जून से पूरा जिला कोरोना मुक्त हो गया था।

पिछले ढाई माह से बुरहानपुर में मरीजों की संख्या शून्य है। पड़ोसी जिले अमरावती में अभी 74, बुलढाणा में 67 और जलगांव में सिर्फ 5 मरीज सक्रिय हर गए हैं। यहां भी स्थिति सामान्य होने से छह माह बाद महाराष्ट्र रूट शुरू किया गया है।

पहले दिन गुरुवार को 20 अंतरराज्यीय बसों से ढाई हजार यात्रियों ने सफर किया। त्यौहार के ठीक पहले परिवहन शुरू होने से आम लोगों को राहत मिली है। क्योंकि जलगांव, अमरावती, बुलढाणा से जिला सीधे जुड़ा हुआ है।

लॉकडाउन से पहले तक साल 2020 में 110 बसों का आवागमन होता था। इसमें महाराष्ट्र बस परिवहन निगम की 65 और मध्यप्रदेश राज्य परिवहन की 45 बसें चलती थी। इनसे हर दिन 15 हजार यात्रियों का आवागमन होता था।

मार्च 2020 में कोरोना संक्रमण की पहली लहर आई। यहां से करीब आठ माह तक महाराष्ट्र रूट बंद रहा। नवंबर से दोबारा रूट पर यात्री वाहन शुरू किए और कोरोना की दूसरी लहर आ गई। 7 मार्च 2021 से फिर इस रूट को बंद कर दिया।

ऐसे में दो साल में महाराष्ट्र रूट 14 माह बंद रहा। अभी पिछले छह माह से रूट बंद था। 31 अगस्त तक रूट पर प्रतिबंध रहा। अब यह रोक आगामी आदेश तक हटा दी है। जिले में लगभग 200 में से 120 बसों का संचालन बंद था। उम्मीद है अगले इस माह सभी बसें शुरू हो जाएगी। इंदौर, खंडवा, खरगोन से महाराष्ट्र का यातायात बढ़ जाएगा।

चालक-परिचालकों को मिलेगा रोजगार

चालक-परिचालक सारथी यूनियन प्रदेश महामंत्री मिलिंद चौधरी ने बताया जिले में लगभग आधी बसों का संचालन बंद है। इससे चालक, परिचालक, सहायक और इससे जुड़े दूसरे लोग डेढ़ साल से बेरोजगार हैं। इन्हें अब रोजगार मिलेगा।

ऑटो-ऐपे चालक ले रहे थे 80 से 100 रुपए किराया

दो माह पहले छोटे वाहन महाराष्ट्र में यात्री छोड़ने की शर्त पर शुरू किए थे। सामान्य दिनों में रावेर जाने का किराया 30 से 40 रुपए है। ऑटो चालक एक सवारी से जाने-आने के 80 से 100 रुपए वसूल रहे थे। दूसरा साधन नहीं होने से यात्री मजबूरी में ऑटो-ऐपे से ही महाराष्ट्र जा रहे थे। गुरुवार को बस से रावेर जाने का किराया 35 रु. लिया।

घाटे में चल रहे परिवहन उद्योग को बड़ी राहत

रूट बंद होने से जिले का यात्री परिवहन उद्योग डेढ़ साल से घाटे में चल रहा था। क्योंकि जिले से रोजाना 15 हजार यात्री अकेले महाराष्ट्र रूट पर आवागमन करते हैं। यह कुल यात्रियों का करीब 60 फीसदी हैं। बाकी 10 हजार यात्री प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में सफर करते हैं।

परिवहन प्रतिबंध के नए आदेश नहीं आए

परिवहन विभाग ने 31 अगस्त तक महाराष्ट्र परिवहन पर रोक लगाई थी। इसके बाद प्रतिबंध को लेकर नए आदेश जारी नहीं किए गए है। वरिष्ठ अधिकारियों से इस संबंध में बात की है। उन्होंने प्रतिबंध हटाने की बात कहीं है, इसलिए महाराष्ट्र बसों का परिवहन पहले की तरह शुरू कर दिया है। -राकेश भूरिया, एआरटीओ, बुरहानपुर

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