शहीद दिवस आज:कलेक्टर, एसपी, न्यायाधीश के साथ मनाया गया शहीद दिवस, पुलिस के जवानों ने दी श्रद्धांजलि

बुरहानपुरएक वर्ष पहले
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पुलिस के जवानों ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि - Dainik Bhaskar
पुलिस के जवानों ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि

21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के बर्फीले इलाके में चीन की सैनाओं ने अचानक हमला बोल दिया था। उस वक्त सेना और बीएसएफ न होकर केंद्रीय रिजर्व फोर्स सीआरपीएफ के 10 जवानों की टुकड़ी तैनात थी। चीनी सेना की टुकड़ी बड़ी और अत्याधुनिक मात्रा में उन्नत हथियारों से लैस थी। लेकिन सीआरपीएफ के जवान पीछे हटने की बजाए डटे रहे और पोस्ट की रक्षा के लिए शहीद हो गए। बाद में सेना की टुकड़ी ने मोर्चा संभाला।

यह बात एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने पुलिस स्मृति दिवस पर पुलिस लाइन में सुबह 9 बजे से आयोजित कार्यक्रम में कही। एसपी ने जवानों की शहादत को याद करते हुए कहा सीआरपीएफ की टुकड़ी ने शहादत देकर देश की पोस्ट चीन के हाथों में जाने बचा लिया। उस दिन से हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस फोर्स इसे शहीद दिवस के रूप में मनाती है। इन 60 वर्षाें में पुलिस की शहादतों का सिलसिला थमा नहीं है। अब तक देश में 34,440 अफसर और जवान शहीद हुए हैं। पिछले साल में देश में 292 पुलिस अफसर और जवानों ने शहादत दी है।

शहीद स्मारक से गुजरकर परेड ने सलामी दी
पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद स्मारक के पास से गुजरकर परेड ने सलामी दी। अफसर और कर्मचारियों ने स्मारक पर फूल अर्पित किए। इस दौरान जिला न्यायालय के न्यायाधीश, कलेक्टर प्रवीण सिंह सहित अन्य मौजूद थे। विभिन्न त्योहारों में ड्यूटी के कारण पुलिसकर्मियों ने एक दिन में ही स्मृति दिवस की सारी तैयारी की थी। वहीं आचार संहिता के चलते इस बार जनप्रतिनिधि यहां श्रद्धा सुमन अर्पित करने नहीं पहुंच सके।

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