बोरबन तालाब फर्जीवाड़े मामला:नेपानगर की तत्कालीन SDM विशा माधवानी निलंबित, 41.57 लाख रुपए के फर्जीवाड़े में 9 आरोपियों पर दर्ज कराया गया था केस

बुरहानपुर4 महीने पहले
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नेपानगर की तत्कालीन SDM ‌विशा माधवानी। - Dainik Bhaskar
नेपानगर की तत्कालीन SDM ‌विशा माधवानी।

बुरहानपुर जिले के बोरबन तालाब फर्जीवाड़ा मामले में नेपानगर की तत्कालीन एसडीएम व भू-अर्जन अधिकारी आरोपी विशा माधवानी को इंदौर संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा ने निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय अलीराजपुर निर्धारित किया गया है।

ग्राम चैखंडिया में 51.44 लाख के मुआवजा वितरण फर्जीवाड़े में विशा माधवानी सहित 9 आरोपियों पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। जिसमें से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर पिछले दिनों जेल भेजा जा चुका है। वहीं तत्कालीन एसडीएम सहित चार आरोपी फरार चल रहे हैं। इसी बीच निलंबन आदेश जारी हुआ।

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संभागायुक्त की ओर जारी आदेश में कहा गया कि रामेश्वर कल्लू निवासी चैखंडिया तहसील खकनार जिला बुरहानपुर द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नेपानगर के समक्ष होकर आवेदन प्रस्तुत किया था कि उसे खसरा नंबर 190 और 194 की भूमि बोरबन तालाब योजना में अधिग्रहित किए जाने के उपरांत अब तक भू-अर्जन की मुआवजा राशि नहीं मिली। शिकायत की जांच अपर कलेक्टर द्वारा की गई। उनकी ओर से 15 जून को प्रतिवेदन सौंपा गया। जिसमें भूमि सर्वे नंबर 190 की मुआवजा राशि 17.36 लाख 780 रुपए और अधिग्रहित भूमि के सर्वे नंबर 194 की मुआवजा राशि 24.20 लाख के भुगतान में गंभीर अनियमितता होकर उक्त मुआवजा राशि 41.57 लाख 544 मूल भूमि स्वामियों को नहीं दी जाकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्जी खाते खोलकर निकाला जाना प्रतिवेदित किया है।
नेपानगर थाने में दर्ज की गई है आरोपियों के खिलाफ FIR
मामले में थाना नेपानगर में नौ आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पुलिस द्वारा प्रकरण में विवेचना की जा रही है। मामले में डिप्टी कलेक्टर व तत्कालीन नेपानगर एसडीएम विशा माधवानी को भी अभियुक्त बनाया गया है। निलंबन आदेश में संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि माधवानी द्वारा अपने पदीय कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही और उदासीनता बरती गई।

इस संबंध में पुलिस विवेचना जारी है। माधवानी का यह कृत्य मप्र सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के विपरित होने से, उन्हें मप्र सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाकर उनका मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय अलीराजपुर निर्धारित किया जाता है। इस दौरान उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

फर्जीवाड़ा मामले में पुलिस ने तत्कालीन एसडीएम विशा माधवानी समेत तहसील के सहायक ग्रेड तीन कर्मचारी अंकित काटे, जिला सहकारी बैंक तुकईथड़ के कैशियर अनिल पाटीदार, अशोक नागनपुरे सहायक लेखापाल व तत्कालीन प्रबंधक जिला सहकारी बैंक तुकईथड़, संजय माउसकर, इम्तियाज पिता अख्तर निवासी देड़तलाई, जावेद अखतर देड़तलाई, फिरोज खान प्रोप्राइटर राजे ट्रेडर्स धारणी के खिलाफ केस दर्ज किया था।

जिला सहकारी बैंक ने सहायक लेखापाल को 17 जून को ही कर दिया था निलंबित

जिसमें सहायक लेखापाल व तत्कालीन प्रबंधक जिला सहकारी बैंक तुकईथड़ अशोक नागनपुरे को जिला सहकारी बैंक खंडवा द्वारा केस दर्ज होने पर 17 जून को ही निलंबित कर दिया था। लेकिन निलंबन सार्वजनिक नहीं किया गया। जिला सहकारी बैंक खंडवा के सीईओ अरुण कुमार हरसौला ने बताया नागनपुरे को तब ही सस्पेंड कर दिया गया था। अशोक को 18 जून को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया था। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

आदेश।
आदेश।
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