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मिलेगी सुविधा:इंदौर-इच्छापुर हाईवे, मरम्मत के लिए एनएचएआई खर्च करेगा 4.46 करोड़ रु.

बुरहानपुर19 दिन पहले
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  • बोरगांव बुजुर्ग से इच्छापुर तक 58.60 किमी हाईवे का 2 महीने में करना है मेंटेनेंस

इंदौर-इच्छापुर हाईवे की 3 साल बाद मरम्मत होगी। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया इसके मेंटेनेंस पर 4.46 करोड़ रुपए खर्च करेगा। इसके लिए एनएचएआई ने टेंडर जारी किया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के दो महीने में एजेंसी को मेंटेनेंस का काम पूरा करना होगा।

इंदौर-इच्छापुर हाईवे अब इंदौर-एदलाबाद नेशनल हाईवे क्र. 753एल का हिस्सा बन गया है। डेढ़ साल पहले यह एनएचएआई के अधीन हो गया था। अब इसके सुधार का काम शुरू हो गया है लेकिन पहले चरण में खंडवा जिले के बोरगांव बुजुर्ग के पास तक ही नया रोड बनेगा। पिछली बार 2019 में एमपीआरडीसी ने इसका मेंटेनेंस किया था। तब भी इसकी हालत काफी खराब हो गई थी।

मेंटेनेंस बोरगांव बुजुर्ग से इच्छापुर तक 58.60 किमी के हिस्से में ही होगा। इंदौर से बोरगांव बुजुर्ग तक रोड बनाने का काम अभी चल रहा है। एनएचएआई ने तत्काल मेंटेनेंस कार्य का टेंडर जारी किया है। इसका बड़ा कारण बारिश के बाद हाईवे का और बदहाल होना है। गड्ढों के कारण यहां हादसे बढ़े हैं।

कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी - हाईवे की खराब हालत को लेकर जनप्रतिनिधि व प्रशासन भी प्रयास कर रहा है। पिछले महीने लगातार सड़क हादसों में मौतों के बाद कांग्रेस ने विरोध जताया था। हाईवे की मरम्मत नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। हाईवे की खराब स्थिति को लेकर कलेक्टर प्रवीण सिंह ने एनएचएआई के डायरेक्टर से फोन पर बात कर हाईवे का मेंटेनेंस करने की मांग की थी।

शहर से गुजरे हिस्सों में गड्‌ढों की अस्थायी मरम्मत

एनएचएआई ने टेंडर जारी कर दिए हैं, लेकिन इसकी प्रक्रिया पूरी होने में अभी एक महीने से ज्यादा समय लगेगा। बारिश से हाईवे पर गहरे गड्‌ढे हो गए हैं। शहर के भीतरी हिस्से में हादसे न हो, इसलिए गड्‌ढों की अस्थायी मरम्मत की जा रही है। बड़े गड्‌ढो में पहले पेवर ब्लॉक लगाए जा रहे हैं, इसके बाद इसमें कांक्रीट का मिश्रण डाला जा रहा है। इससे हाईवे भारी वाहनों का वजन सहन सकेगा।

गड्ढे से बचने लगाया कपड़ा

बारिश के बाद हाईवे की साइड पटरी 1-2 फीट तक गहरी हो गई है। मिट्टी बहने से जमीन व रोड के बीच का अंतर एक फीट से ज्यादा हो गया है। कई जगह हाईवे किनारे पानी भरा है। गड्ढों से बचाव के लिए यहां चेतावनी संकेतक के रूप में लाल कपड़ा लगाया है। हाईवे पर कई जगह ऐसे ही कपड़ा लगाया है।

30 किमी में दर्जनों मोड़

हाईवे पर दहीनाला से निंबोला तक 30 किमी में दर्जनों अंधे मोड़ हैं। यहां हादसे का सबसे ज्यादा खतरा है। बारिश के बाद रोड काफी खराब हो गया है। इन अंधे मोड़ों पर रोज बड़े वाहन पलट रहे हैं। इंदौर-इच्छापुर हाईवे किलर हाईवे के नाम से कुख्यात है।

इसका कारण जिले में दहीनाला से इच्छापुर तक 50 किमी के हिस्से में 4 साल में 300 मौतें होना है। 4 साल में सड़क हादसों में 350 लोगों की मौत हुई। सबसे ज्यादा हादसे इंदाैर-इच्छापुर हाईवे पर ही हुए। हाईवे पर 2018 में 82, 2019 में 116, 2020 में 90 व इस साल 62 लोगों की मौत हुई।

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