बेपटरी व्यवस्था / 700 रुपए का टिकट दलाल से दो हजार में खरीदा, पैसे नहीं थे इसलिए घर से बुलवाए, अब खाने-पानी को मोहताज हुए

Purchased a ticket of 700 rupees from a broker for two thousand, there was no money, so called from home, now it is tempting to eat and drink.
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Purchased a ticket of 700 rupees from a broker for two thousand, there was no money, so called from home, now it is tempting to eat and drink.

  • कई घंटे स्टेशनों पर खड़ी रही श्रमिक एक्सप्रेस, बिना पैंट्रीकार अाैर स्टेशन पर कैंटीन के सेवा शुरू होने से फजीहत
  • दिनभर इंतजार के बाद आगे बढ़ी ट्रेन, ट्रैक पर सिग्नल नहीं मिलने के कारण मजदूरों की परेशानी और बढ़ी
  • शर्म करो सरकार... रास्ते में पीने को पानी नहीं मिला, सात घंटे बाद खाने को मिली खिचड़ी और बिस्किट

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:48 AM IST

बुरहानपुर. शुक्रवार दोपहर 12.30 बजे। 43 डिग्री सेल्सियस तापमान। असीरगढ़ रोड स्टेशन। तीन श्रमिक स्पेशल ट्रेन छह से घंटे यहीं खड़ी। भीषण गर्मी में भी ट्रेन में बिजली और पंखे बंद। स्टेशन पर पीने को ठंडा पानी नहीं। बेबस मजदूर ट्रेन से उतरे। टंकी से गर्म-उबलता पानी पीया और आगे के सफर के लिए कैन और बोतलों में भरा। मजदूरों ने बताया दलाल से 700 रुपए का टिकट दो हजार रुपए में खरीदा। पास में पैसे नहीं थे, इसलिए घर से बुलवाए। अब खाने-पीने को मोहताज हैं। गुरुवार शाम 4 बजे ट्रेन में बैठने के बाद से कुछ खाने को नहीं मिला।
यह हालात एक ट्रेन के नहीं, बल्कि महाराष्ट्र और गुजरात से मजदूरों को उप्र, बिहार और झारखंड ले जाने वाली हर श्रमिक स्पेशल ट्रेन के हैं। खाना और पानी नहीं मिलने पर शुक्रवार को मजदूरों ने स्टेशन प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन पर गुस्सा निकाला। ट्रेन से बाहर आकर अधिकारियों से सवाल पूछे। अव्यवस्था पर आक्रोश जताया। मजदूरों ने कहा ट्रेन में पेंट्री कार भी नहीं है।
ब्लैक में बेचे थे टिकट, कहां था रेलवे प्रशासन
असीरगढ़ स्टेशन पर ट्रेन से उतरे सूरत से बिहार जा रहे संजीत सिंह ने कहा- सूरत में काउंटर से टिकट नहीं मिली। दलालों ने खरीदकर रख ली थी। बाद में 700 रुपए का टिकट दो हजार रुपए में बेचा। खाने तक को पैसे नहीं थे, घर फोन कर खाते में ऑनलाइन पैसे बुलवाए। तब कहीं जाकर घर के लिए निकल सकें। दलालों ने ब्लैक में टिकट बेचे, तब कहां था रेलवे।
9 बजे 2 वड़ा-पाव दिए, उसके बाद से भूखे हैं
शुक्रवार सुबह 7 बजे से बुरहानपुर स्टेशन पर झारखंड जाने वाली ट्रेन खड़ी थी। शेख इब्राहिम और विनोद शर्मा ने बताया गुरुवार शाम 4 बजे पुणे से निकले थे। रात 9 बजे खाने को दो वड़ा-पाव दिए थे। इसके बाद से ही भूखे हैं। बुरहानपुर स्टेशन पर भी खाने को कुछ नहीं मिला। 
शुरू कराएंगे कैंटिन
रेलवे मंडल भुसावल के जनसंपर्क अधिकारी जीवन चौधरी ने बताया श्रमिक एक्सप्रेस की संख्या ज्यादा होने से परेशानी हो रही है। स्टेशनों पर फिलहाल कैंटीन बंद है। शनिवार से स्टेशनों पर कैंटिन शुरु कराएंगे।
सेवाभाव: ग्रामीणों ने घर से बनाकर भेजा खाना
मजदूरों की परेशानी पता चलते ही सरकारी मदद से पहले निंबोला के ग्रामीणों ने सहायता के लिए हाथ बढ़ाए। गांव के लोगों ने घरों से भोजन बनाकर स्टेशन पहुंचाया। ग्राम झिरी से 25 किलो चावल की खिचड़ी पहुंचाई गई। निंबोला पंचायत ने तीन क्विंटल चावल, 50 किलो दाल की खिचड़ी बनाई और मजदूरों को बांटी।

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