बड़ी राहत / लौटी शहर की धड़कन, पहले दिन 50% पावरलूम चालू हुए

Restored city beats, 50% powerlooms operational on day one
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Restored city beats, 50% powerlooms operational on day one

  • 69 दिन बाद पावरलूम उद्योग चालू, 30 प्रतिशत श्रमिकों को ही कारखाने में काम करने की अनुमति

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 05:00 AM IST

बुरहानपुर. शहर ने सोमवार से फिर धड़कना शुरू कर दिया है। हालांकि पहले दिन शहरी क्षेत्र में आधे पावरलूम ही चालू हो सके। कई कारखाना संचालक समय पर मजदूरों को बुला नहीं पाए थे, तो कुछ के पास कच्चे माल की कमी थी। इसलिए वे पावरलूम चालू नहीं कर सके। मंगलवार से कंटेनमेंट क्षेत्र को छोड़कर सभी पावरलूम चालू हो जाएंगे।


जिले में 69 दिन बाद कलेक्टर प्रवीण सिंह ने पावरलूम के साथ इससे जुड़े उद्योगों को शुरू करने की अनुमति दी है। 250 से ज्यादा टेक्सटाइल्स के साथ पावरलूम और कपड़ा उद्योग से जुड़ी इकाइयों ने भी काम करना शुरू कर दिया है। हालांकि फिलहाल सिर्फ 30 प्रतिशत स्टाफ और मजदूरों से ही काम कराना है। इसका असर पावरलूम पर ज्यादा नहीं पड़ने वाला है, क्योंकि कारखाने में एक व्यक्ति तीन से चार मशीनें देखता है। इस कारण वे सोशल डिस्टेंस में रहकर ही काम करते हैं। औद्योगिक इकाइयों में काम करने में शुरुआती दौर में थोड़ी समस्या है। उद्योगों में 50 वर्ष से ज्यादा उम्र और कंटेनमेंट क्षेत्र के कर्मचारी व मजदूर काम पर नहीं आ सकते हैं। इसलिए रोटेशन के आधार पर कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है।

अगले सप्ताह से शुरू हो जाएगा कच्चे माल का आयात
शहर में पावरलूम संचालन के लिए जरूरी यार्न की आपूर्ति अगले सप्ताह से शुरू हो जाएगी। फिलहाल इतना कच्चा माल उपलब्ध है कि पावरलूम चल सकें। आपूर्ति होने के बाद इसकी किल्लत भी खत्म हो जाएगी। देश में कपड़ा उद्योग से जुड़े बड़े बाजार भी सोमवार से खुलना शुरू हो गए हैं। इसलिए व्यापार-व्यवसाय को भी इससे फायदा मिलने की उम्मीद है।

70 हजार मजदूर पावरलूम पर निर्भर
शहर के 40 हजार पावरलूम से 70 हजार मजदूर जुड़े हुए हैं। इनमें लूम चलाने वाले श्रमिकों से लेकर अन्य काम करने वाले श्रमिक शामिल हैं। लूम शुरू होने से इन श्रमिकों को रोजगार मिलने लगा है। हालांकि उद्योगों में अभी 30 प्रतिशत श्रमिक ही काम कर सकेंगे लेकिन जल्द ही इसमें भी रियायत मिलने की उम्मीद है।

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