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लापरवाही:ठेकेदारों ने कहा था- मार्च 2021 तक पूरा कर देंगे आंगनवाड़ियों का निर्माण, अब भी अधूरा

बुरहानपुर5 दिन पहले
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  • क्षेत्र में 27 आंगनवाड़ी भवनों का हो रहा निर्माण, परियोजना अधिकारी ने लिखा एसडीएम को पत्र

नगर पालिका में हर विकास कार्य की गति धीमी है। जिस तेजी से परिषद की बैठकों में निर्माण और टेंडर जारी होने की प्रक्रिया की जाती है, उतनी तेजी से कभी विकास कार्य नहीं होते। नगर में चल रहे कई कामों की स्थिति ऐसी ही है। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से नगर पालिका के ठेकेदारों बनाई जा रही 27 आंगनवाड़ियों का काम अधूरा पड़ा है। इस ओर जिम्मेदार अफसर भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। प्रत्येक आंगनवाड़ी भवन करीब पांच लाख रुपए की लागत से बनाए जाना है। ठेकेदारों ने कहा था इनका निर्माण मार्च 2021 में पूरा कर लिया जाएगा। पिछले दिनों सीएमओ राजेश मिश्रा ने भी कहा था कि कुछ आंगनवाड़ी केंद्रों का काम लगभग पूरा होने को है, जल्द इन्हें हैंडओवर कर लिया जाएगा लेकिन मौके पर स्थिति कुछ और ही है। अधिकांश भवनों का काम तक शुरू नहीं हो पाया है। जहां काम शुरू हुआ है, वहां कहीं छत, कहीं प्लास्टर, फर्श और नींव तक ही काम रुका है। चार-पांच महीने में भी भवनों का काम पूरा नहीं हो पाएगा।

जानिए... किन वार्डों में क्या है स्थिति

सिर्फ छत ही बनी : सम्राट अशोक नगर, शहीद भगतसिंह वार्ड, शिवाजी वार्ड क्रमांक 2, स्वामी विवेकानंद वार्ड। काम ही शुरू नहीं हुआ : इंदिरा नगर, सांईनाथ वार्ड, मां भवानी वार्ड, राजीव नगर क्रमांक 1, राजीव नगर क्रमांक 2, संजय नगर क्रमांक एक और दो। सिर्फ नींव डली : बाबा साहेब आंबेडकर वार्ड, चंद्रशेखर वार्ड, सातपायरी क्रमांक दो। यहां प्लास्टर तक ही काम : शहीद भगतसिंह वार्ड, डाॅ.राधाकृष्णन वार्ड, शिवा नगर केंद्र क्रमांक 2, रानी लक्ष्मीबाई वार्ड, भातखेड़ा क्रमांक एक और दो, गुरुनानक वार्ड, पंडित जवाहरलाल नेहरू वार्ड, तिलक नगर क्रमांक एक और दो, शीतला माता वार्ड।

यहां यह है स्थिति
एमजी नगर में आंगनवाड़ी भवन की सिर्फ दीवारें बनाई गई हैं। सरदार वल्लभभाई पटेल वार्ड में बाउंड्रीवॉल नहीं बनी है। शिवाजी नगर के एक भवन में सिर्फ फर्श बन पाया है। इसी तरह 27 आंगनवाड़ी केंद्रों में से एक का भी पूरा नहीं हो पाया है। परियोजना अधिकारी ने एसडीएम से काम जल्द पूरा कराने की मांग की है।

कई केंद्र लग रहे निजी भवनों में, चुकाना पड़ रहा किराया
समस्या को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रभारी परियोजना अधिकारी ने एसडीएम को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है नेपानगर परियोजना के तहत 27 आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत हुए थे। ठेकेदार द्वारा कहा गया था कि मार्च 2021 तक काम पूरा करा लिया जाएगा लेकिन अब तक किसी भी भवन का काम पूरा नहीं किया गया है। इस कारण विभाग को परेशानी हो रही है। अधिकांश आंगनवाड़ी केंद्र सरकारी या निजी भवनों में लग रही है। कई केंद्रों का हर महीने किराया चुकाना पड़ रहा है। जबकि अब विभाग किराए के भवन में आंगनवाड़ी लगाने का पक्षधर नहीं है। इसको लेकर पिछले दिनों आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को भी पत्र जारी कर स्पष्ट कर दिया गया था कि अब उनके यहां केंद्र संचालित नहीं होंगे।

इधर... पहली से 8वीं तक के स्कूल बंद, लेकिन लग रही आंगनवाड़ियां

कोरोना संक्रमण के कारण स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा पहली से8वीं तक के स्कूल बंद कर रखे हैं, लेकिन आंगनवाड़ियां लग रहीं हैं। यहां बच्चों को भी बुलाया जा रहा है। यहां तक की पोषण पखवाड़ा सहित अन्य कार्यक्रम भी हो रहे हैं। ऐसे में बच्चों सहित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को संक्रमण का खतरा है। आंगनवाड़ी किसके आदेश पर लगाई जा रही है, यह बताने वाला कोई नहीं है, क्योंकि नेपानगर में स्थायी परियोजना अधिकारी की भी नियुक्ति नहीं हुई है। यहां चल रहे कार्यों की भी माॅनीटरिंग नहीं हो पा रही है।​​​​​​​

आंगनवाड़ी केंद्रों का काम चल रहा है

^आंगनवाड़ी केंद्रों का काम चल रहा है। पहले ग्रुप में 18 में से 16 का काम हो गया है। दूसरे ग्रुप में 9 में से सात का काम चालू हो गया है। वार्ड क्रमांक एक में एनओसी की समस्या आ रही है। यहां वन विभाग की जमीन है। एक जगह की स्वीकृति मिल गई है। जो काम बचा है, उसे जल्द पूरा करा लिया जाएगा।
राजेश मिश्रा, सीमएओ नगर पालिका नेपानगर​​​​​​​​​​​​​​
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