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जिला स्तरीय समिति को भेजेंगे प्रस्ताव:दावे-आपत्तियों की जांच करने के लिए पहुंचे अफसर, वनरक्षक व पंचायत सचिवों का करते रहे इंतजार

बुरहानपुर4 दिन पहले
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  • वनाधिकार पट्‌टों के लिए 150 से ज्यादा आवेदनों की जांच

जनपद पंचायत बुरहानपुर क्षेत्र में रविवार को वनाधिकार पट्‌टों के दावे-आपत्तियों के आवेदनों का सत्यापन हुआ। दोपहर 12 बजे से इसकी शुरुआत होना थी। अफसर तो समय पर पहुंचे लेकिन वनरक्षक व पंचायत सचिवों का इंतजार करते रहे। जपं कार्यालय में ग्राम पंचायत स्तर समिति से अनुमोदित होकर पहुंचे आवेदनों की जांच की गई। जांच के बाद इसे जिला समिति को भेजा जाएगा।

वनाधिकार अधिनियम लागू होने के बाद वनों में दशकों से रह रहे आदिवासियों को उनकी जमीन पर पट्‌टा दिया जाना है। आदिवासियों से उनके काबिज होने की तारीख से दस्तावेज मांगे हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर ग्राम स्तर की समिति के पास आवेदन पहुंचते हैं। समिति जांच कर सत्यापन के लिए इसे खंड स्तरीय समिति को अनुमोदित कर देती है। रविवार को एसडीएम काशीराम बड़ोले, वन विभाग के एसडीओ दिनेश यादव व जपं सीईओ केके खेड़े ने 150 से ज्यादा आवेदनों की जांच की।

जांच के लिए संबंधित गांव के पंचायत सचिव व वन विभाग के वनरक्षकों को बुलाकर जानकारी लेना थी लेकिन दोपहर 1 बजे तक अफसर ही फाइलें देखते रहे। सत्यापन की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में आदिवासी पहुंच गए। इनमें से कई ऐसे थे, जिनके आवेदन ग्राम स्तरीय समिति ने निरस्त कर दिए थे लेकिन वे भी सत्यापन कराना चाहते थे। समिति सदस्यों ने उनसे कहा जो आवेदन उन्हें ग्राम स्तरीय समिति से मिले हैं, उन्हीं की जांच व सत्यापन होगा। जांच के बाद आवेदनों को जिला स्तरीय समिति को भेजा जाएगा। यहां से अनुमोदन के बाद वनाधिकार पट्‌टे दिए जाएंगे।

40 साल से काबिज, नहीं मिला पट्‌टा

बुरहानपुर जनपद के अलग-अलग गांवों से आए आदिवासियों ने धीमी गति से हो रही प्रक्रिया पर विरोध जताया। उन्होंने कहा जंगलों में 40 साल से ज्यादा समय बीता दिया। जब से योजना शुरू हुई, तब से कई बार आवेदन दिए हैं। लेकिन हर बार जांच के बाद इसे निरस्त कर दिया जाता है। हजारों लोग हैं, जो दशकों से वन भूमि पर काबिज हैं, फिर भी उन्हें वनाधिकार पट्‌टा नहीं मिला है।

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