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  • In Indore, We All Became Positive, Ayurvadacharya's Father Gave Courage, 25 Days Got Home And Got Treatment And Everything Went Well.

सकारात्मक खबर:इंदौर में हम सभी लाेग पाॅजिटिव हो गए, आयुर्वेदाचार्य पिता ने हिम्मत बंधाई, 25 दिन होम आइसाेलेट होकर उपचार कराया और सब ठीक हुए

हरसूदएक महीने पहले
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हरसूद के अखिल गौतम बेटी कृतिका व दिशा व पत्नी अंजू खुशी की मुद्रा में। - Dainik Bhaskar
हरसूद के अखिल गौतम बेटी कृतिका व दिशा व पत्नी अंजू खुशी की मुद्रा में।
  • परिवार के चारों सदस्य पॉजिटिव, 25 दिनों में हिम्मत से जीती जंग
  • इंदौर में हरसूद के परिवार काे हौंसले से मिली महामारी से निपटने की सीख
  • होम आइसोलेट होकर हुए स्वस्थ्य, हरसूद लौटे गौतम परिवार ने बताई विकट परिस्थिति की कहानी

मैं अखिल पिता डॉ. जयंत गौतम, अंजू पति अखिल और दोनों बेटियां कृतिका (15), दिशा (10) की आरटीपीसीआर रिपोर्ट 9 अप्रैल को पॉजिटिव आई। सूचना मिलते ही पूरा परिवार सदमे में आ गया। महामारी को लेकर जिस तरह का माहौल इंदौर में बना हुआ है, उससे ऐसा होना स्वाभाविक था। मैंने रिपोर्ट आने और सदमे से उबरकर सबसे पहला फोन हरसूद सेक्टर 6 निवासी पिता डॉ. जयंत गौतम को लगाया।

डॉ. गौतम आयुर्वेदाचार्य भी हैं। उन्होंने कहा माेबाइल का स्पीकर ऑन करो और कहा घबराना नहीं, थोड़ी सी कोशिश से सब ठीक होगा। पिता की इस बात से पूरे परिवार को बड़ी हिम्मत मिली। इसके बाद देवास निवासी बहन मीनाक्षी, भांजी प्रगति ने ऑनलाइन बुकिंग कर दवाई, ड्राइफ्रूट, ऑक्सीमीटर सहित अन्य वस्तुएं पहुंचाई।

10-15 दिनों तक नियमित सात्विक भोजन के लिए थोड़ी दिक्कत आई, लेकिन आरएसएस से जुड़े एक महाराष्ट्रीयन महिला समूह से वह समाधान भी हो गया। इसके बाद शुरू हुआ परिवार में एक-दूसरे की हिम्मत बढ़ाने और उपचार के साथ नियमित दिनचर्या का दौर। 25 दिनाें तक हाेम आइसालेट हाेकर इलाज कराया। अब सभी लाेग स्वस्थ हैं।

संदेश : घबराए नहीं, पॉजिटिव सोच रखें

गौतम परिवार ने कहा महामारी से घिरने के बाद मानसिक तनाव से घबराहट होती है, लेकिन इसका समाधान भी यही है कि घबराकर बात बिगाड़ने से अच्छा है हिम्मत से उसका मुकाबला करें। कक्षा 10वीं की छात्रा कृतिका ने कहा कि पास होकर भी हम मम्मी-पापा से मिल नहीं पाते, मिलने आए परिजन दूर रहते थे। इस पीड़ा से हमें ताकत मिली कि जल्दी स्वस्थ होना है। ईश्वर भी हिम्मत वालों का साथ देता है, यह साबित भी हुआ। पूरा परिवार मंगलवार को हरसूद लौट आया है। उनकी अगवानी खुशी के आंसू से हुई।

प्राणायाम, व्यायाम, भाप व काढ़े से सेहत सुधरी

इंदौर के अभिनंदन नगर में रहने वाले अखिल अब अपने गांव हरसूद लाैट अाए हैं। गौतम परिवार के अखिल, अंजू और दोनों बिटिया कृतिका और दिशा ने बताया कि महामारी से एक बड़ी सीख मिली कि कठिन दौर में थोड़ी सी चूक बड़ा संकट का कारण बन सकती है।

परिजन से लगातार वीडियो कॉल पर रचनात्मक बातें करने के साथ नियमित दवाई लेने और सनातन जीवन पद्धति से योग, प्राणायाम, हल्का व्यायाम, भाप, काढ़ा, गरारे करने से निरंतर स्वास्थ्य में सुधार होता गया। 29 अप्रैल को दूसरा सैंपल दिया। 30 अप्रैल को सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। रिपोर्ट आने के बाद की खुशी को शब्दों में नहीं बताया जा सकता, लेकिन एक ही छत के नीचे एक-दूसरे से दूर रहकर साथ रहने के भाव से यह संभव हुआ।

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