चना ई-उपार्जन / एकसाथ 250 किसानों को भेजे मैसेज, लगी कतारें

Message sent to 250 farmers simultaneously, queues started
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Message sent to 250 farmers simultaneously, queues started

  • भोपाल सूचना केंद्र की इस चूक से 44 डिग्री तापमान में ट्रैक्टर-ट्रॉली के नीचे बैठ समय बिता रहे किसान
  • तीन ई-उपार्जन केंद्रों पर एकसाथ 65 से 68 मैसेज से गड़बड़ाई व्यवस्था

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

हरसूद. रबी की दूसरी प्रमुख उपज चना समर्थन मूल्य पर क्रय किया जा रहा है। तीन खरीदी केंद्रों पर एकसाथ 65 से 68 किसानों को मैसेज किए जाने से व्यवस्था गड़बड़ा गई है। भोपाल सूचना केंद्र की इस चूक से 44 डिग्री तापमान में किसानों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को मार्केटिंग सोसायटी हरसूद, सेवा सहकारी समिति छनेरा व अजाक सेवा समिति आशापुर केंद्रों पर करीब 250 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतार लग गई। एकसाथ इतने किसानों के बुलाने से सोशल डिस्टेंस व लॉकडाउन का उल्लंघन भी होता रहा। 
एक ही दिन में तौल रहे हैं
तुलाई पूरी हो रही है। किसानों की वृद्धि के बावजूद एक दिन में तौल कर रहे हैं। अचानक संख्या बढ़ने से थोड़ी अव्यवस्था जरूर हो रही है।
आरएन विश्नोई, प्रबंधक मार्केटिंग सोसायटी हरसूद
मैसेज भोपाल से आते हैं
चना उपार्जन के लिए मैसेज भोपाल से जारी होते हैं। केंद्र का स्थान वरिष्ठ कार्यालय तय करते हैं। व्यवस्था जुटाकर उसी दिन तुलाई का पूरा प्रयास कर रहे हैं।
संतोष शर्मा, प्रबंधक आशापुर सोसायटी
मार्केटिंग हरसूद व सोसायटी छनेरा : राज्य मार्ग पर डेढ़ किमी कतार, सोशल डिस्टेंस भी धराशायी
ई-उपार्जन केंद्र के लिए मुख्यालय से 5 किमी दूर बेड़ियाखाल स्थित निजी वेयर हाउस का चयन किया। यहां मार्केटिंग सोसायटी हरसूद व सेवा सहकारी समिति छनेरा द्वारा खरीदी की जा रही है। गुरुवार को इन केंद्रों पर 65-65 किसानों को मैसेज भेजे गए जबकि शुक्रवार को यह संख्या बढ़कर 68-68 हो गई। एकसाथ इतनी ज्यादा संख्या में मैसेज से केंद्रों पर 200 से 300 किसान एकत्रित हुए। दोनों केंद्रों पर पंजीकृत किसानों की संख्या 768 व 1046 है। इसमें से अब तक 558 व 495 किसानों से करीब 17 हजार क्विंटल चना खरीदा जा चुका है। 
अजाक सोसायटी आशापुर : जोगीबीड़ा में रोड पर ट्रैक्टर-ट्रॉली व परिसर चने से पैक
ब्लाक का तीसरा ई-उपार्जन केंद्र अजाक समिति आशापुर है। खरीदी जोगीबीड़ा स्थित निजी वेयर हाउस पर की जा रही है। शुक्रवार को यहां भी 68 किसानों को मैसेज किए गए। खंडवा-आशापुर हाईवे पर ट्रैक्टरों की लंबी कतार लगी रही, जबकि वेयर हाउस परिसर में खरीदी गई उपज से पूरा मैदान भरा हुआ है। इससे सोशल डिस्टेंस धराशायी होना स्वाभाविक था। आशापुर में पंजीकृत किसान 896 हैं। करीब 305 किसानों से 5114 क्विंटल चना खरीदा जा चुका है। उपार्जित चना जोगीबीड़ा से खालवा परिवहन किया जा रहा है। 
यह है कारण... तीनों केंद्रों के भंडारण गेहूं से पूर्ण होने से भी परेशानी बढ़ रही है
समर्थन मूल्य पर चना खरीदी में अव्यवस्था का मुख्य कारण प्रारंभिक दो सप्ताह में 5 से 19 मई तक छोटे किसानों को मैसेज दिए गए। छोटे किसानों को समर्थन पर उपज बेचने में भाड़ा भारी पड़ रहा था। 18-19 मई से अचानक पहले 50 व 60 तथा अब 68 किसानों को बुलाया जा रहा है। तीनों केंद्रों के भंडारण गेहूं से पूर्ण होने से भी परेशानी बढ़ रही है। जिम्मेदारों द्वारा शुरू से छोटे-बड़े किसानों के एकसाथ मैसेज दिए जाते तो यह स्थिति नहीं बनती। खरीदी 10 जून तक होना है।

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