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एक्शन पर रिएक्शन:बगैर सूचना दिए 20 से ज्यादा निजी क्लीनिक बंद रहे; स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन को पता ही नहीं

हरसूद10 महीने पहले
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  • रविवार कोे लॉकडाउन के दौरान डिग्री विरुद्ध उपचार करने पर प्रशासन ने सील किया था क्लीनिक

नगर की दृष्टि से सोमवार हफ्ते का पहला और महत्वपूर्ण दिन रहता है। इस दिन अचानक शहर के सभी निजी क्लीनिक बंद रहे। इससे दिनभर निजी चिकित्सकों से उपचार कराने वाले मरीज परेशान होते नजर आए। मजे की बात ये है कि इससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अनभिज्ञ रहा। शहरी क्षेत्र के चिकित्सकों द्वारा उठाए गए इस कदम को संपूर्ण लॉकडाउन के दौरान सील किए गए क्लीनिक से जोड़कर देखा जा रहा है। क्योंकि क्लीनिक संचालक बंद की वजह खुलकर नहीं बता पाए और ना ही इस संदर्भ में प्रशासन को कोई सूचना देना मुनासिब समझा गया। 

सुबह 11 बजे तक मुख्य बाजार सहित नगर के अन्य क्षेत्रों में स्थित निजी क्लीनिक नहीं खुलने से हलचल तेज हो गई। पहले लोग ये समझे कि क्लीनिक खोले जाने का नया समय निर्धारित हुआ होगा, लेकिन दोपहर फिर शाम तक एक भी निजी क्लीनिक नहीं खोला गया। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले सैकड़ों मरीज इधर उधर भटकते रहे। आखिर में निराश होकर लौट गए। 

नियम उल्लंघन में सील की कार्रवाई की प्रतिक्रिया 
अचानक एक साथ शहर के सभी क्लीनिक स्वतः बंद किए जाने के निर्णय को रविवार लॉकडाउन के दौरान हरसूद के सेक्टर 5 स्थित डॉ. मनोज गुजराती के विरूद्ध प्रशासन की कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल इस मामले में निजी चिकित्सकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि डॉ. गुजराती के ट्रेड से ही बाकी लोग उपचार करते हैं। ऐसे में उन पर भी कार्रवाई हो सकती है। एक तर्क ये भी दिया गया कि 70 दिनों के लॉकडाउन में क्लीनिक खुले रहे, तब कार्रवाई नहीं की गई। साथ ही ये भी निजी चिकित्सकों को क्लीनिक बंद रखने के निर्देश नहीं थे। पूरे मामले में प्रथम दृष्टया 1 दिन पूर्व की गई कार्रवाई से सभी चिकित्सक आक्रोशित है। इधर बीएमओ डॉ. महेश जैन ने कहा कि खंडवा मीटिंग से लौट रहा हूं, इस मामले की जानकारी मुझे नहीं है। निजी चिकित्सकों से चर्चा कर बंद का कारण पूछूंगा।

सर्दी, खांसी, बुखार के रोगियों की जानकारी देना अनिवार्य
कोविड-19 के तहत जिले में सभी मेडिकल संचालकों और निजी चिकित्सकों को प्रतिदिन निर्धारित प्रारूप में मरीजों की जानकारी बीएमओ व प्रशासन को देनी अनिवार्य है। बताया जाता है कि प्रशासन द्वारा इसकी मॉनिटरिंग रेंडम सैंपलिंग से कराई जा रही है।
नियम के खिलाफ पाए जाने पर कार्रवाई होगी
कार्रवाई संपूर्ण लॉकडाउन के उल्लंघन के तहत की गई। कार्रवाई के दौरान डिग्री का मामला सामने आया। निजी चिकित्सक उनकी डिग्री अनुसार प्राथमिक उपचार कर सकते हैं। नियम के खिलाफ पाए जाने पर कार्रवाई होगी। - डॉ. परीक्षित झाड़े, एसडीएम, हरसूद

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