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अव्यवस्था:एक एएनएम के भरोसे तहसील का अस्पताल, भटकते रहे मरीज व परिजन

कसरावद15 दिन पहले
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स्टाफ ड्यूटी रूम, इंजेक्शन व इमरजेंसी कक्ष बंद मिला। - Dainik Bhaskar
स्टाफ ड्यूटी रूम, इंजेक्शन व इमरजेंसी कक्ष बंद मिला।
  • बोर्ड लगाया पर ड्यूटी डॉक्टर का नाम न नंबर

विधायक सचिन यादव ने शुक्रवार को रोगी कल्याण समिति की बैठक लेकर अस्पताल की लचर व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिए थे लेकिन बैठक के दूसरे दिन ही यहां अव्यवस्था का आलम था। तहसील मुख्यालय का अस्पताल रविवार को एक एएनएम के भरोसे रहा। अवकाश का बहाना बताकर कम कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। हालात यह थे कि आपात स्थिति में पहुंचे मरीजों को इंजेक्शन लगाने वाला भी नहीं मिला।

मजबूरी में मरीज के परिजन उन्हें निजी अस्पताल में ले जाने को मजबूर हुए। अस्पताल के मुख्य गेट के पास बोर्ड लगा है। इस पर चिकित्सकों के नाम व नंबर लिखना है ताकि मरीज के परिजनों को परेशानी ना हो लेकिन यहां इस तरह की कोई जानकारी नहीं रहती। मरीजों के परिजन डॉक्टर को तलाशते रहते हैं। आपात स्थिति में दिक्कतें और बढ़ जाती है। थंब मशीन भी लंबे समय से बंद है। सैनिटाइजेशन की मशीन धूल खा रही है। ड्रेस कोर्ड का पालन तक नहीं हो रहा है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है वैक्सीनेशन के कारण स्वास्थ्य कर्मचारियों की ड्यूटी अन्यत्र लगाने से परेशानी आई है। लोगों ने समस्या निराकरण की मांग की है।

इंतजार के बाद निजी अस्पताल में करवाया इलाज
रविवार को मरीज अस्पताल में मरीज व नर्स को ढूंढते नजर आए। हीरूबाई ने बताया बहन लताबाई को घबराहट के बाद पेट दर्द की शिकायत हुई। डॉक्टर ने इंजेक्शन लिख दिया। लेकिन इसे लगाने वाला कोई नहीं मिला। एएनएम कक्ष का दरवाजा लगा हुआ था। पूछने पर बताया एएनएम प्रसव करवा रही है। अन्य एएनएम की ड्यूटी वैक्सीनेशन में लगी है। 1 घंटे इंतजार के बाद निजी अस्पताल जाना पड़ा। धर्मेंद्र मंडलोई ने बताया अचानक तबीयत खराब होने पर सरकारी अस्पताल पहुंचे। इलाज नहीं होने पर खरगोन के निजी अस्पताल जाना पड़ा।

संसाधन के बाद भी लड़खड़ा रही व्यवस्था
नगर के जगदीश वर्मा ने कहा विकासखंड का क्षेत्रफल बड़ा है। एबी रोड पर आए दिन हादसे होते रहते है। लेकिन यहां सुविधाएं नहीं है। मरीजों को खरगोन रैफर करने का चलन हो गया है। संसाधन जुटाए भी जा रहे हैं तो जिम्मेदारों के उदासीन रवैए से सेवाएं लड़खड़ा रही है। इसमें सुधार होना चाहिए। देवा सोलंकी ने कहा जनप्रतिनिधि, प्रशासन व अस्पताल प्रबंधन की अनदेखी से व्यवस्थाएं चरमरा रही है। इसका खामियाजा मरीज व उसके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है।

पीड़ित महिला काे अस्पताल लाने के दौरान ड्यूटीरत एएनएम एक महिला का प्रसव करवा रही थी। रविवार को वैक्सीनेशन का दिन होने से सरकारी अस्पताल की अन्य एएनएम की ड्यूटी लगाई थी। व्यवस्था सुधार के प्रयास करेंगे। -राकेश पाटीदार, बीएमओ

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