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झरने में डूबे युवकों के दोस्त ने बताई आंखों देखी:मयूर व अरबाज को बचाया, उज्जवल व जयेश कब डूबे पता नहीं चला

धुलकोट18 दिन पहले
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  • बोला- हमरे अलावा भी मौके पर कई लोग थे, कोई बचाने नहीं आया

रविवार 5 सितंबर को उज्जवल का जन्मदिन था। उसका जन्मदिन व पिकनिक मनाने 17 दोस्त जलगांव से सुबह 7 बजे निकले थे। दोपहर 1.30 बजे बसाली स्थित झरने पर पहुंचे। यहां सभी नहाने के लिए पानी में उतरे। दोस्त मयूर अहीरवार व अरबाज शेख डूबने लगे। हमने दोनों को बचाया लेकिन इस दौरान गहरे पानी में जाने से उज्जवल व जयेश कब डूब गए, किसी को पता नहीं चला। मयूर व अरबाज को निकालने के बाद सभी को दोनों के डूबने का पता चला। मौके पर हम दोस्तों के अलावा और भी कई लोग थे लेकिन गहरे पानी के कारण कोई बचाने नहीं उतरा। हमने धुलकोट चौकी पहुंचकर पुलिस को हादसे की सूचना दी।

रविवार शाम 4 बजे बसाली के झरने में डूबे उज्जवल राजेंद्र पाटील (23) व जयेश रविंद्र माली (24) के दोस्त व हादसे के चश्मदीद जलगांव निवासी वैभव सिरतुरे ने भास्कर को आंखों देखी बताई। वैभव ने बताया हमने सोशल मीडिया पर बसाली के झरने का वीडियो देखा था। इसके बाद यहां जाने के लिए निकले थे। झरने पर पहुंचने के बाद हमने खाना खाया और सभी दोस्त नहाने के लिए पानी में उतर गए। शाम 4 बजे उज्जवल और जयेश डूब गए। कौन जानता था कि अपने जन्मदिन के दिन ही उज्जवल दोस्त जयेश के साथ हम सबको छोड़कर चला जाएगा। जलगांव जिले के खेड़ी निवासी उज्जवल व वाघनगर निवासी जयेश के परिवार में माता-पिता व छोटा भाई है। उज्जवल ने एमबीए किया था व मार्केटिंग कंपनी में काम करता था।

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