समर्थन मूल्य / खरीदी केंद्र तक नहीं पहुंचा 4 हजार किसानों का चना, 1 दिन खरीदी को कहा कोई नहीं आया

4 thousand farmers' gram did not reach the procurement center, no one said to buy 1 day
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4 thousand farmers' gram did not reach the procurement center, no one said to buy 1 day

  • किसानों की शिकायत पर कृषि मंत्री ने कारण ढूंढ़कर रिपोर्ट देने को कहा
  • जिले में 12 हजार 90 मीट्रिक टन खरीदी

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

खरगोन. जिले में समर्थन मूल्य पर 10 हजार 21 किसानों में से 4693 किसानों का चना खरीदी केंद्रों तक नहीं पहुंचा है। किसानों ने कृषि मंत्री कमल पटेल को शिकायत की है। इसके बाद कृषि मंत्री ने निर्देश देकर किसानों को ढूंढ़कर कारणों की रिपोर्ट मांगी है। अब अफसर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। उनका कहना है कि लॉकडाउन व किसानों का पंजीयन के बाद दूसरी फसल लगाना कारण सामने आ रहे हैं। समर्थन मूल्य खरीदी के लिए जिलेभर में 12 केंद्र बनाए थे। इन केंद्रों पर 5328 किसानों ने ही चना बेचा है। जबकि एनआईसी से सभी किसानों के मैसेज भेजे गए हैं। 
कुछ किसानों ने कृषि मंत्री को शिकायत कर दी। इसके बाद कृषि मंत्री ने 30 जून को बलवाड़ी सब्जी मंडी के ऑनलाइन शुभारंभ की वीडियो कान्फ्रेंसिंग में खरीदी करने को कहा। मंगलवार को दिनभर किसान नहीं आए। किसानों का कहना है कि एक दिन में हमें जानकारी नहीं मिल पाई है। दो से तीन दिन का समय मिलना चाहिए। मंत्री ने कम खरीदी के कारण जानने के लिए अफसरों को रिपोर्ट बनाने को कहा है। 29 अप्रैल से 10 जून तक खरीदी की गई थी। 

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  •  कसरावद, महेश्वर व खरगोन के कुछ क्षेत्रों में डॉलर चने की बोवनी हुई है। डॉलर चने वाले किसानों ने भी पंजीयन करा दिया।
  •  किसानों ने पंजीयन तो चने का करा दिया, लेकिन फसल दूसरी लगा दी
  •  लॉकडाउन के कारण कोई भी किसान खरीदी केंद्रों तक नहीं पहुंचे और स्थानीय व्यापारियों को बेच दिया।
  •  लॉकडाउन में रोजगार न होने से व्यापारियों को कम दामों पर बेच दिया है। 

रकबा : जिले में 69 हजार हेक्टेयर में हुई बुवाई
जिले में पिछले सीजन में चने का रकबा 69 हजार हेक्टेयर था। एक हेक्टेयर में  करीब 20 क्विंटल चने का उत्पादन होता है। इस हिसाब से 13 हजार 800 मैट्रिक टन चने का उत्पादन हुआ है। जबकि केंद्रों तक 12 हजार 90 मैट्रिक टन चना पहुंचा है। 1 हजार 700 मैट्रिक टन चना बाकी रह गया। समर्थन मूल्य का भाव 4 हजार 875 रुपए था।  

रिपोर्ट मांगी है
 कृषि मंत्री ने किसानों से चर्चा कर चना बिक्री नहीं होने के कारण पता कर रिपोर्ट देने को कहा है। लॉकडाउन सहित दूसरी उपज लगाना कारण हो सकते हैं। रिपोर्ट बना रहे हैं। 
- एमएल चौहान, उपसंचालक कृषि

हम्माल-तुलावटियों का विरोध, बेरोजगार होंगे 200 परिवार, 9 रुपए क्विंटल तौल की राशि नहीं देंगे

अनाज मंडी में हम्माल-तुलावटी संगठन ने शासन के आदेश के विरोध में मंडी सचिव रामवीरसिंह किरार को ज्ञापन सौंपा है। संगठन के पदाधिकारी लच्छू पाल ने बताया कि कई वर्षों से हम्माल- तुलावटियों को किसान व व्यापारी प्रति क्विंटल पर 9 रुपए देते थे। अब शासन के नए आदेश में इलेक्ट्रॉनिक काटे पर तुलाई के बाद किसान कोई राशि नहीं देगा। ऐसे में 200 हम्माल-तुलावटी परिवार के लोग बेरोजगार हो जाएंगे। भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। मंडी में कोई काम ही नहीं बचेगा। मंडी सचिव ने बताया कि भोपाल से शासन का आदेश आया है। इसमें किसान के माध्यम से हम्माल व तुलावटियों को राशि नहीं देने को कहा है। यदि मंडी में थैलियों में अनाज आता है तो उस पर हम्माली या तुलावटी कर सकते हैं। उसका पैसा मिलेगा। पदाधिकारियों ने बताया कि बुधवार को कलेक्टोरेट में शिकायत करेंगे। मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे। क्योंकि कोरोना महामारी के दौरान 200 हम्माल-तुलावटी क्या काम करेंगे।

 

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