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गाडग्याआम घाट के मोड़ पर हादसा:लखनऊ से मुंबई जा रही 104 प्रवासियों से भरी बस पलटी, 1 की मौत, 35 लोग घायल

खरगोन24 दिन पहले
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चित्तौड़गढ़ भुसावल हाईवे पर सतपुड़ा क्षेत्र में हलकी बारिश में रैलिंग तोड़ा पलटा वाहन। - Dainik Bhaskar
चित्तौड़गढ़ भुसावल हाईवे पर सतपुड़ा क्षेत्र में हलकी बारिश में रैलिंग तोड़ा पलटा वाहन।
  • यूपी से 4 दिन पहले मुंबई के लिए निकले
  • जिले की सीमा पर जांच के डर से दिन में जंगल में रहते थे

लॉकडाउन के बीच उत्तरप्रदेश से मुंबई जा रही 50 से ज्यादा प्रवासी मजदूरों से भरी यात्री बस (एमपी30पी-5394) आंधी-बारिश के बीच रविवार की तड़के 4 बजे चित्तौड़गढ़-भुसावल राजमार्ग पर महाराष्ट्र सीमा से लगे गाडग्याघाट घाट के मोड़ पर पलट गई। इस हादसे में 1 मजदूर की मौत हो गई, वहीं 35 से ज्यादा लोग घायल हो गए। 7 की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को आगे के कांच फोड़कर निकाला गया।

यह सभी यात्री उत्तरप्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं। जो एक ठेकेदार के माध्यम से मजदूरी करने मुंबई जा रहे थे। हलकी बारिश में सतपुड़ा क्षेत्र में घुमावदार रास्ते अनभिज्ञ होने की वजह से ड्रायवर ने वाहन से संतुलन खोने से हादसा हुआ है। सूचना मिलते ही झिरन्या पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को झिरन्या अस्पताल पहुंचाया। 7 घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया। झिरन्या थाने की हेलापड़ावा चौकी के अनुसार खरगोन मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर यह हादसा हुआ।

बस में यूपी के 50 से ज्यादा मजदूर सवार थे। हादसे में मजदूर मदन पिता काशीराम गौतम (28) निवासी शंकरपुरा जिला सिरकिया उत्तर प्रदेश की बस के नीचे दबने से मौत हो गई है। इंदौर-इच्छापुर राजमार्ग की महाराष्ट्र सीमा पर हो रही जांच से बचने के लिए चालक ने बस को बुरहानपुर के धूलकोट होकर इस रास्ते से निकालने का प्रयास किया। आंधी-बारिश के बीच अनजान रास्ते के घुमावदार मोड़ पर चालक ने संतुलन खो दिया और बस गाडग्याआम घाट के मोड़ पर रेलिंग को तोड़ते हुए पलट गई।

नींद में थे मजदूर
घायल रमेश पिता शिवकुमार, हेतराम पिता अयोध्याप्रसाद, बहादुर पिता बम बहादुर नेपाली, कन्हैयालाल पिता नानूराम, रमेश पिता परमेश्वरलाल निवासी उप्र ने बताया सुबह 4 बजे नींद खुली। देखा तो गाड़ी सड़क किनारे पलटी हुई थी।

ये हैं घायल
गंभीर घायलों में कन्हैया पिता नानू, श्रीकांत, रमेश, शिवकुमार, अहिरा को खरगोन रैफर किया गया। जबकि मुकेश पिता सुमलेश, रमेश महाजन, हीरालाल गोपीचंद व सलाउद्दीन उत्तम का झिरन्या में इलाज चल रहा है।

रैलिंग से बच गए
गाड़ग्याआम घाट की रेलिंग की वजह से बस सतपुड़ा की 100 फीट से ज्यादा गहरी खाई में गिरने से बच गई। हादसे के समय वाहन की गति सामान्य होगी। हालांकि ड्रायवर क्षेत्र से अपरिचित होने व बारिश से रात में नियंत्रण नहीं कर पाया।

हादसे के बाद ड्रायवर वाहन छोड़ भागा, 15 गंभीर घायल
पुलिस के अनुसार 35 से अधिक मजदूर घायल हुए हैं। इनमें से 15 को गंभीर चोटें आई है। इन्हें स्वास्थ्य केंद्र झिरन्या व जिला मुख्यालय खरगोन भेजा गया है। जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां से महाराष्ट्र सीमा की दूरी 15 किलोमीटर है। यहां शेरी नाका पर पुलिस की जांच चल रही है। हादसे के बाद ड्रायवर वाहन छोड़कर भाग गया। गंभीर घायलों को खरगोन जिला अस्पताल भेजा है।

थाना प्रभारी राबर्ट गिरवाल ने बताया 28 मई को रात 8 बजे बड़ला चौराहा तहसील भिनका जिला श्रावस्ती उत्तर प्रदेश से रवाना हुए थे। मोहम्मद जागीर खान ने बताया बस में 104 लोग सवार थे। बीएमओ डॉ सुनील चौहान ने प्राथमिक इलाज कर गंभीर घायलों को खरगोन रैफर किया। बस में 40 ऊपर कोच में, 24 पीछे की अोर बाकी 40 सीटों पर सवार थे। हादसे के बाद जपं ने मजदूरों के भाेजन की व्यवस्था की।

दिन में जंगल में मुकाम, रात में ही सफर करते थे
घायलों ने बताया 4 दिन पहले उप्र के ही एक एजेंट के माध्यम से मुंबई जाने के लिए निकले थे। उसने ही मुंबई तक ले जाने की जवाबदारी ली थी। लॉकडाउन में पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए केवल रात में ही सफर करते थे। सुबह होते ही जंगल में कहीं मुकाम बनाकर रहते थे। खाना खाकर रात में सफर करते थे। अभी हम कहां है इसकी जानकारी नहीं है।

पुलिस चौकी के सामने बैरिकेड्स लगे हुए हैं। बस चौकी के सामने से न निकलकर धुलकोट, बुरहानपुर होते हुए शेरीनाका महाराष्ट्र की ओर जा रही थी। मौसम खराब होने से गाडग्याआम घाट पर पलट गई। आगे शेरी नाका पर जांच चल रही थी।
- महबूब खान, प्रभारी पुलिस चौकी हेलापड़ावा

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