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तीर्थ स्थल:नन्हेश्वरधाम को पर्यटन स्थल बनाने की मांग की

खरगोन24 दिन पहले
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नन्हेश्वरधाम को पर्यटन स्थल बनाने की मांग की गई। - Dainik Bhaskar
नन्हेश्वरधाम को पर्यटन स्थल बनाने की मांग की गई।
  • हाटकेश्वर महादेव की शिवलिंग 12 महीने रहती हैं जलमग्न, कार्यों की बनाई रूपरेखा

निमाड़ सहित प्रदेश में अपनी ख्याति प्राप्त कर चुका प्रसिद्ध तीर्थ स्थल नन्हेंश्वर धाम को भी पर्यटन स्थल बनाने के लिए मांग उठने लगी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि नन्हेश्वर धाम प्राकृतिक सौंदर्य का एहसास कराता है। यहां पर अद्भुत व प्राकृतिक हाटकेश्वर महादेव की शिवलिंग है जो 12 महीने जलमग्न रहती है।

जिसे देखने आसपास के जिलों सहित राजस्थान गुजरात महाराष्ट्र से भी श्रद्धालु आते हैं। यदि नन्हेश्वर धाम पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होता है तो यहां पर रोजगार के अवसर भी खुल जाएंगे। साथ ही निमाड़ के लिए गौरव की बात होगी। सोमवार को कलेक्टर अनुग्रह पी ने पुरातत्व एवं संस्कृति परिषद की बैठक ली थी जिसमें जिले के चयनित पर्यटन स्थलों पर मनरेगा के तहत निर्माण कार्य करवाने के लिए रूपरेखा तैयार की गई थी।

नन्हेश्वर धाम की यह है विशेषता
यह स्थल ऋषि मार्केंडेय की तपोभूमि है श्रावण माह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। हजारों वर्षों से इस स्थान का इतिहास रहा है। पूज्य श्री हरिओम बाबाजी के मार्गदर्शन में जल मंदिर में विराजित हाटकेश्वर महादेव का लाल पत्थरों से निर्मित मंदिर निर्माण पूर्ण हो चुका है। पास ही स्थित लक्ष्मीनारायण भगवान के मंदिर कार्य जारी है।

इसके साथ ही प्रदेश का अनोखा पुल जो कुंदा नदी पर बन रहा है वो भी लाल पत्थरों से बनेगा। ये सभी जनसहयोग से बन रहे हैं। वहीं सुदूर पहाड़ी क्षेत्र के प्रसिद्ध स्थल सिरवेल महादेव को पहले से ही पर्यटन में लिया है, लेकिन अभी तक विकास के कार्य इतने ज्यादा हुए नही हैं। देखरेख के अभाव में उपेक्षा का शिकार हो रहा है।

सिरवेल महादेव यहां पर प्राकृतिक झरना सैलानियों को बारिश के मौसम में खासा लुभाता है। संशाेधनों की कमी के चलते सिरवेल महादेव अपनी पहचान खो रहा है।

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