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शिक्षा:परीक्षा परिणाम के लिए प्रोत्साहित करें, कार्रवाई का डंडा न दिखाएं

खरगोनएक महीने पहले
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  • लोक शिक्षण आयुक्त के आदेश से शिक्षकों में भय, डीईओ को समस्या बताई

लोक शिक्षण आयुक्त ने पिछले माह एक आदेश जारी कर बेहतर परीक्षा परिणाम लाने के लिए कहा है। उत्कृष्ट व मॉडल और अन्य स्कूल के लिए 4-4 श्रेणियों में विद्यार्थियों को बांटा गया है। साथ ही कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ाने वाले शिक्षकों का लक्ष्य निर्धारण भी किया है। परीक्षा परिणाम संतोषजनक नहीं होने पर कार्रवाई की बात कही गई है। इस आदेश के बाद शिक्षकों में भय है। शिक्षकों का कहना है कोरोना काल की विपरीत परिस्थिति को देखते हुए बेहतर परिणाम के लिए शिक्षकों प्रोत्साहित करना चाहिए।

इसकी बजाय विभाग कार्रवाई का डंडा दिखा रहा है। इसको लेकर पिछले दिनों विकासखंड के प्राचार्यों ने डीईओ कार्यालय पहुंचकर समस्या बताई। प्राचार्य संघ के बैनर तले आयुक्त के नाम ज्ञापन भी दिया। जिलाध्यक्ष मनोहर पाटिल ने कहा कोरोना के चलते कई महीने स्कूल बंद रहे। पालकों की सहमति से 15 दिसंबर से स्कूल में उपस्थिति को कहा गया। अब भी विद्यार्थियाें की उपस्थिति अनिवार्य नहीं है। 20 से 40 बच्चे ही आ रहे हैं। सामान्य दिनों में 210 दिन स्कूल लगता है। अभी आधे दिन भी स्कूल संचालन नहीं हो सकेगा। 70 प्रतिशत स्कूलों में शिक्षक नहीं है। अतिथि शिक्षक की उपस्थिति 7 दिसंबर से करवाई गई। अब भी कई स्कूलों में गणित व अंग्रेजी के शिक्षक नहीं है। 30 अप्रैल से बोर्ड परीक्षा होना है। विकासखंड में कक्षा 9 व 10 में करीब 3800 और कक्षा 11 व 12 में 2000 विद्यार्थी दर्ज है।

लक्ष्य पूर्ति नहीं होने पर कार्रवाई का डर
जिलाध्यक्ष व प्राचार्यों ने कहा- शिक्षकों को लक्ष्य निर्धारण से परहेज नहीं है लेकिन लक्ष्य पूर्ति नहीं होने पर कार्रवाई होने का डर है। लक्ष्य में 10 प्रतिशत की कमी होने तक तो कोई कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन 20 प्रतिशत की कमी पर एक व 21 से 40 प्रतिशत की कमी होने पर 2 वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए है। इससे कम परिणाम आने पर विभागीय जांच व अनुशासनात्मक कार्रवाई का फरमान भी दिया है।

शिक्षकों ने कहा बड़ी मुश्किल से बच्चों को शाला लाने का काम किया और अचानक ऐसे आदेश से शिक्षकों में भय पैदा कर रहे है। संघ के दिलीप कुमार दुबे, शिवशंकर पाटीदार, महेश सैते व अरुण यादव में कहा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए वे प्रतिबद्ध है। लेकिन भय दिखाकर परिणाम लाना गलत है। शिक्षक जैसे बच्चों का मनोबल बढ़ाकर शिक्षण कर रहे है ऐसे ही सरकार शिक्षकों को प्रोत्साहित कर लक्ष्य प्राप्त करें।

उच्च स्तर से ही विचार होना है
^प्राचार्य संघ का ज्ञापन मिला है। इसे आयुक्त कार्यालय भिजवाया है। आदेश को लेकर उच्च स्तर से ही विचार होना है।
-केके डोंगरे, जिला शिक्षा अधिकारी, खरगोन

अनुत्तीर्ण का निर्धारण ही नहीं- प्राचार्य संघ
प्राचार्य संघ ने कहा पिछले साल के परिणाम के आधार पर लक्ष्य का निर्धारण किया गया है। इसमें अनुत्तीर्ण की श्रेणी ही नहीं रखी गई है। जबकि पिछले वर्ष कई विद्यार्थी फैल भी हुए थे। यदि लक्ष्य के अनुरूप परिणाम के प्रयास होते भी है तो अनुपस्थिति विद्यार्थी को उत्तीर्ण दिखाना संभव नहीं होगा। वर्तमान में अर्द्धवार्षिक परीक्षा में ही कई विद्यार्थी अनुपस्थित है। संघ ने आदेश पर दोबारा विचार करने की मांग की।
उत्कृष्ट व मॉडल स्कूल के लिए निर्धारित श्रेणी

  • श्रेणी 1 (A+) 90%
  • श्रेणी 2 (A) 80%
  • श्रेणी 3 (B) 70 से 79%
  • श्रेणी 4 (C) 60 से 69%

अन्य स्कूल के लिए निर्धारित श्रेणी

  • श्रेणी 1 (A+) 80%
  • श्रेणी 2 (A) 60%
  • श्रेणी 3 (B) 45 से 59%
  • श्रेणी 4 (C) 33 से 44%
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