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प्रदर्शनी का शुभारंभ:किताबों से चित्र बनाना सीखकर तैयार किया भव्य भारत

खरगोन16 दिन पहले
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  • शहर की पेंटिंग कलाकार शुचि नीमा ने 100 से ज्यादा चित्र रखे, 2 दिन चलेगी

शहर की कलाकार शुचि विनय नीमा (36) ने बचपन में किताबों से चित्र बनाना सीखा। लगातार मेहनत से कला को निखारा। उनके बाेल उठने वाले चित्र कल्पना के सागर हैं। उन्होंने भव्य भारत की कल्पना को साकार किया है। राधावल्लभ मार्केट में मंगलवार को संस्कार आर्ट मेले उनके चित्रों की प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ।

समाजसेवी मनोज रघुवंशी, शालिनी रतौरिया, सीमा रघुवंशी व एसडी कायरे ने दो दिनी प्रदर्शनी की शुरुआत की। यहां पेटिंग से संबंधी 2 दिन कई जरूरी बातें भी सिखाई जा रही हैं। प्रदर्शनी में शामिल लगभग 100 चित्रों की शृंखला को भव्य भारत नाम दिया है। इसमें भव्य भारत की कल्पना को राज्यों के अनुसार दर्शाया गया है। साथ ही पशु, पक्षी और प्राकृतिक सौंदर्य को भी चित्रों के माध्यम से बताया गया है।

इस दौरान पूजा गुप्ता, कृष्णा महाजन, मंजुला अजय महाजन, याशिका अग्रवाल, प्रदीप महाजन, परवेश महाजन, विनय नीमा, परकुंज महाजन, मानस महाजन, सहित बड़ी सख्या में कला प्रेमी मौजूद थे।

भव्य भारत की कल्पना को उकेरा है

प्रदर्शनी में सुहावना सिक्कम के बौद्ध मंदिर, मन मध्य प्रदेश में सांची स्तूप, महेश्वर के अलियाघाट, पावन पंजाब का स्वर्ण मंदिर, महान महाराष्ट्र में इंडिया गेट, शिवाजी की प्रतिमा, कलाओं का स्त्रोत कर्नाटक, हसीन हिमाचल प्रदेश देश की घड़कन दिल्ली लाल किला इंडिया गेट, उत्तम उड़िया की रथयात्रा, गौरवशाली गुजरात मे स्टेचू आफ यूनिटी शामिल हैं। इसके अलावा देश की विभिन्न कला कृतियों के रूप में दर्शाया गया।

ससुराल में पेंटिंग से तैयार कर लगाई

शुचि बताती हैं पेंटिंग के लिए घर पर वाटर कॅलर तैयार किया। माता मंजुला का कहना है बचपन से ही किताबों को देखकर चित्र बनाने के शौक ने उसे कलाकार बनाया। ससुराल में 6 माह में ये चित्र तैयार किए। जब वह मायके आई तो उसने प्रदर्शनी लगाने की इच्छा जाहिर की। छोटी बहन पूजा बताती हैं चित्रों में कला, संस्कृति के अलावा पशु, पक्षी व प्राकृतिक सौंदर्य भी उकेरा है।

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