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  • In 2005, In The Centenary Year Of The Cooperative, Rs 2.5 Crore Was Awarded To The Institution Honored For Excellent Services. Fraud Of

थोक उपभोक्ता भंडार:2005 में सहकारिता शताब्दी वर्ष में उत्कृष्ट सेवाओं पर सम्मानित संस्था में ढाई करोड़ रु. की धोखाधड़ी

खरगोन7 दिन पहले
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जिला सहकारी थोक उपभोक्ता भंडार के पूर्व अध्यक्ष कन्हैयालाल पिता जगदीशचंद्र महाजन (कानु कुप्पा) को पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया। कोर्ट से 2 दिन की रिमांड मिली है। अंकेक्षण अधिकारी सहकारिता व उपभोक्ता प्रशासक जिला थोक सहकारी भंडार काशीराम लोण्याजी अवासे ने बाजार रेट से कम दाम पर परिचितों को 16 दुकान बेचकर अवैध तरीके से लाभ हासिल करने को लेकर 28 फरवरी 2021 को शिकायत दर्ज करवाई थी। आवेदन पर पुलिस ने कन्हैयालाल महाजन व पूर्व मैनेजर पुरुषोत्तम जोशी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की। इसमें पद का दुरुपयोग कर निर्धारित मापदंड व शासन की गाइडलाइन का पालन न करते हुए दुकानें बेचना व आर्थिक लाभ हासिल करना पाया। सहकारिता वर्ष 2005 में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए संस्था को मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर व वित्तमंत्री राघवजी ने प्रथम पुरस्कार का सम्मान मिला था।

शिकायत के अनुसार जिला थोक उपभोक्ता सहकारी भंडार ने जिला सहकारी संघ से 18 जून 82 में रजिस्टर्ड डीड के माध्यम से जमीन खरीदी। इस जमीन पर रविंद्र नगर क्षेत्र में 16 दुकानें बनाई। नगर पालिका क्षेत्र में होने से दुकानों की नीलामी के लिए निविदा बुलाना थी। इसमें अचल संपत्ति का मूल्य प्रचलित कलेक्टर की गाइडलाइन अनुसार व निर्माण की लागत शामिल होना थी। लेकिन थोक उपभोक्ता भंडार ने अंतरण में आरक्षित मूल्य की गणना ही नहीं की।

दुकानों की बिक्री की राशि भी संस्था के खाते में जमा नहीं करवाई। वर्ष 2017-18 व 18-19 के ऑडिट रिपोर्ट में गबन, धोखाधड़ी व आर्थिक अनियमितताएं पाई गई। 25 सितंबर 2020 को हुई बैठक में इस मामले को रखा गया। इसमें दोषियों के खिलाफ केस दर्ज करवाने का निर्णय लिया।

2017-18 और 18-19 के ऑडिट में गड़बड़ी की प्रशासक ने दर्ज कराई शिकायत

3.10 करोड़ की दुकानों के जमा हुए केवल 1 करोड़ 74 लाख

प्रशासक ने शिकायत में उल्लेख किया 16 दुकानों की बिक्री से कलेक्टर गाइडलाइन के मुताबिक 3 करोड़ 10 लाख 2 हजार 437 रु. मिलना थे। तत्कालीन अध्यक्ष ने मनमाने तौर पर लीज राशि का निर्धारण 5500 रु. प्रतिवर्ग फीट किया। इस हिसाब से खरीदारों से 2 करोड़ 54 लाख 20 हजार 540 रु. लेने थे। लेकिन 1 करोड़ 74 लाख 82 हजार रु. लिए। 80 लाख 80 हजार 40 रु. नहीं मिले। तत्कालीन अध्यक्ष ने 1 करोड़ 35 लाख 20 हजार 437 रुपए ऊपरी तौर पर ले लिए। वर्ष 17-18 में 13 व 18-19 में 5 व्यवसायिक गोदाम-दुकानों की रजिस्ट्री भी गलत तरीके से हुई।

2005: उत्कृष्ट कार्य पर सम्मान, 2021: धोखाधड़ी से गिरी साख

सहकारिता शताब्दी वर्ष में 2005 में तत्कालीन अध्यक्ष मनमोहनसिंह चावला के अध्यक्ष रहते बेहतर कामों के लिए जानी जाने वाली थोक उपभोक्ता भंडार संस्था को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह पुरस्कार तत्कालीन अध्यक्ष चावला, प्रबंधक जहानसिंह वर्मा व संचालक रमिंद्रसिंह भाटिया को मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर व वित्त मंत्री राघवजी ने ने दिया था। सहकारिता संस्था घरेलू एवं आवश्यक वस्तुएं सामान्य बाजार से कम दामों पर उपलब्ध करा रही है। ताजा मामले से संस्था की अब तक की साख को धूमिल कर दिया।

35 माह किराए पर देना था, 29 साल के लिए करा दी लीज डीड

प्रशासक के अनुसार नीलामी की शर्त में गोदाम-दुकान पहले 35 माह के लिए किराए पर देना थी। 3 साल में इसका नवीनीकरण करा था। लेकिन 18 गोदाम-दुकान की 29 साल 11 माह के लिए लीज डीड रजिस्ट्री करवा दी गई। एक दुकान 20 साल के लिए किराए पर दे दी गई। वहीं प्रथम तल की छत 29 साल 11 माह के लिए लीज पर दे दी।

तत्कालीन प्रबंधक के नाम पर भी दुकान

28 फरवरी 18 को 207 वर्गफीट की दुकान तत्कालीन प्रबंधक जोशी के नाम पर रजिस्ट्री की गई। इसकी लीज राशि 11 लाख 38 हजार 500 रुपए थी। लेकिन यह नहीं ली गई। इतनी राशि के पूर्व के चेक नंबर रजिस्ट्री पर लिखे है। लेकिन यह राशि संस्था के खाते में जमा ही नहीं हुई। महाजन व जाेशी ने 7 फरवरी 19 के नाम माधुरी रघुवंशी को एक दुकान की रजिस्ट्री की। इसके बदले 5 लाख 40 रुपए संस्था को मिलने थे। 1 लाख रुपए 15 फरवरी 19 को चेक क्लियरिंग के माध्यम से संस्था को मिले। बाकी राशि के चेक बैंक में लगाए ही नहीं।

ढाई करोड़ का घोटाला मिला है

नीलामी किए बगैर बाजार दर से कम राशि में अपने परिचितों को 16 दुकानें बेचने की शिकायत मिली थी। जांच में थोक उपभोक्ता भंडार के पूर्व अध्यक्ष कन्हैयालाल महाजन व पूर्व प्रबंधक पुरुषोत्तम के अवैध तरीके से लाभ हासिल करना पाया है। करीब ढाई करोड़ का घोटाला मिला है। पूर्व अध्यक्ष महाजन को कोर्ट पेश करने पर दो दिन की रिमांड मिली है।
- प्रकाश वास्कले, टीआई कोतवाली

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