पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

सवालों से घिरी हिरासत में मौत मामले की कार्रवाई:जेल अधीक्षक-एसपी हटाए, टीआई व गंभीर बीमार को जेल भेजने वाले डॉक्टर को बचाया

खरगोन14 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • 1 एएसआई व 3 आरक्षक पहले ही कर चुके सस्पेंड, विधायक जांच दल प्रमुख ने कार्रवाई को नाकाफी व भेदभावपूर्ण बताया

बिस्टान थाना क्षेत्र के महाराष्ट्र सीमा से लगे झगड़ी घाट क्षेत्र में लूट के आरोपी आदिवासी युवक बिसन पिता हाबु (35) की हिरासत में मौत के मामले में 3 आरक्षक व एएसआई व जेल अधीक्षक जीएल औसारी को पहले सस्पेंड किया जा चुका है। रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को खरगोन एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान को सुपरविजन में कमी कमी मानते हुए हटा दिया है। उन्हें सहायक पुलिस महानिरीक्षक बनाकर पीएचक्यू भोपाल भेजा है। पूरे मामले पुलिस की कार्रवाई सवालों से घिरी है।

घटनाक्रम से सीधे जुड़े लोगों को अभी भी बचाया जा रहा है। विवेचना अधिकारी एएसआई जितेंद्र कवचे, कार्रवाई में शामिल आरक्षक आवेश शेख, भरत मिलन यादव व हरिओम मीणा को सस्पेंड किया व एसपी हटाए लेकिन थाना प्रभारी राकेश आर्य पर आंच नहीं आई। ऐसे ही अस्वस्थ आरोपियों की जांच कर भर्ती करने के लिए कहने वाले जेल अधीक्षक औसारी को सस्पेंड किया गया, लेकिन अस्पताल में भर्ती न कर एमएलसी बनाकर दोबारा जेल भेजने वाले डॉ जेपी बडेरिया सुरक्षित है।

कांग्रेस विधायक दल प्रमुख डॉ विजयलक्ष्मी साधौ ने सीएम की कार्रवाई को नाकाफी व भेदभावपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि नीमच की तरह ही आदिवासी परिवार को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाना चाहिए। इस मामले में आरोपी मृतक बिसन का बेटा मिथुन कह चुका है कि पुलिसकर्मियों ने पिता को तड़पाकर मारा। जब वह खाना देने थाने में गया था तो बैठा लिया। थप्पड़ मारा। पत्नी रमतूबाई ने कहा कि उन्हें स्वस्थ हालत में एक सप्ताह पहले पुलिसवाले ले गए थे। पीटकर मरा हुआ भेज दिया।

इन आरोपों और सवालों से घिरी है पुलिस की कार्रवाई

1. विवेचक एएसआई सहित 4 पुलिसकर्मियों को हटाया लेकिन थाना प्रभारी को नहीं?

2. 7 दिन पुराना घाव है तो पुलिस को रिमांड व बाद तक पता क्यों नहीं चला?

3. आरोपी मृतक बिसन व भावसिंह को एक जैसी चोट व इंफेक्शन कैसे हो सकता है?

4. एसपी को भी हटा दिया गया लेकिन प्रशिक्षु डीएसपी को क्यों नहीं?

5. आरोप है 1-2 सितंबर को बंद कर लिया जबकि 5 को गिरफ्तारी क्यों बताई?

रिकॉल भास्कर-

झगड़ी घाट में लूट की घटना से सीएम की कार्रवाई तक

24 अगस्त : महाराष्ट्र सीमा स्थित झगड़ी घाट पर वाहन रोककर लोगों से मारपीट व लूट हुई। 1 सितंबर : खैरकुंडी गांव के 12 लोगों को हिरासत में लिया। 5 सितंबर : बिस्टान पुलिस ने सभी की गिरफ्तारी बताकर 4 की 1 दिन की रिमांड मांगी। 6 सितंबर : रिमांड के आरोपी बिसन पिता हाबू व भावसिंह पिता फूलसिंह को 2 बार मेडिकल कराकर जेल भेजा। कुल्हे में घाव से रात में बिसन की मौत हो गई। 7 सितंबर : सुबह गुस्साए परिजन व आदिवासियों ने थाने में तोड़फोड़ की। दोपहर में कमलनाथ ने 4 कांग्रेस विधायकों का जांच दल बनाया। शाम को एसआई समेत 4 पुलिसकर्मी व जेल अधीक्षक सस्पेंड। 8 सितंबर : एसडीएम ने रेडक्रास सोसायटी से 25 हजार व विधायक केदार डावर 10 हजार निधि से सहायता दी। 9 सितंबर : सुबह संबल योजना 2 लाख की सहायता। दोपहर में कांग्रेस विधायक दल ने रिपोर्ट बनाकर भेजी। 10 सितंबर : सांसद ने गांव जाकर 50 हजार सहायता दी। स्वेच्छानुदान से प्रकरण बनवाया।

दूसरे आरोपी को 1-2 दिन में मिल सकती है छुट्‌टी
लूट के एक अन्य आरोपी भावसिंह का जिला अस्पताल में 5 दिन से इलाज चल रहा है। सिविल सर्जन डॉ. दिव्येश वर्मा के मुताबिक उसकी हालत में सुधार है। एक-दो दिन में छुट्‌टी हो सकती है।

पहले दिन से ही हुई है कार्रवाई : डीआईजी
बिस्टान घटना के पहले दिन एसपी ने 4 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की। डीएसपी प्रशिक्षु है। अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर काम किया था। एसपी का तबादला शासन स्तर का आदेश है। - तिलकसिंह, डीआईजी

खबरें और भी हैं...