विरोध / उद्योगपतियों के लिए बनाया श्रम कानून

Labor laws made for industrialists
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Labor laws made for industrialists

  • काली पट्‌टी बांधकर 10 संगठनों ने किया श्रम कानून में बदलाव का विरोध

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

खरगोन. कोरोना की आड़ में भारत सरकार व राज्य सरकारों द्वारा श्रम कानूनों में बदलाव का लगातार विरोध किया जा रहा है। शुक्रवार को मजदूरों व कर्मचारियों के संगठनों ने विरोध किया है। इसमें ग्रामीण बैंक की शाखा के कर्मचारियों ने काली पट्‌टी बांधकर विरोध किया है। पदाधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार श्रम कानूनों को समाप्त कर श्रम संहिता बनाने जा रही है। यह श्रमिक वर्ग के अधिकारों को कम कर उद्योग पतियों के अधिकारों को बढ़ाने का उद्देश्य है। कुछ राज्य सरकारें मजदूरों के लिए निर्धारित कार्य के घंटों को 8 के स्थान पर 12 करने का प्रस्ताव किया है। यह अमानवीय पहल है। केंद्र सरकार ने श्रमिकों के हितों की परवाह किए बगैर रक्षा क्षेत्र सहित कई अन्य क्षेत्रों में निजीकरण करने की घोषणा कोरोना पैकेज की आड़ में कर दी है। लॉक डाउन की घोषणा के पहले दिहाड़ी मजदूरों के लिए समुचित व्यवस्था न कर उन्हें भूखों मरने की नौबत तक ला दिया गया है। सैकड़ों किमी पैदल मजदूर घर पहुंचे हैं। अब कानून में बदलाव करना मजदूरों का खून चूसने के समान है। 
निजी हाथों में सरकारी संस्थान
सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को महंगाई भत्ता नहीं देने का निर्णय कर सरकार ने कोरोना संकट में सरकारी कर्मचारियों के सहयोग को भी भूला दिया है।  इसके अलावा कोरोना की आड़ में बिजली वितरण, हवाई अड्डे,रक्षा उत्पादन, परमाणु व अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों को निजी हाथों में देने की घोषणा की गई है। आगे आंदोलन किया जाएगा।

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