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मासूम की मौत से लेना होगा सबक:फिटनेस न रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस भी नहीं, मुख्य मार्गों पर दौड़ा रहे ट्रैक्टर

खरगोन22 दिन पहले
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इन ट्रैक्टरों से किया जाता है रेत का सप्लाय। - Dainik Bhaskar
इन ट्रैक्टरों से किया जाता है रेत का सप्लाय।
  • कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर-ट्राॅलियों से हो रहा अवैध परिवहन
  • शुक्रवार को उत्खनन कार्य के दौरान ट्रैक्टर ने 10 वर्षीय बालक को रौंदा था

वर्तमान में बड़वाह के नर्मदा किनारे सटे गांवों में रेत से भरकर यह ट्रैक्टर बेखौफ होकर तेज गति से नगर के मुख्य मार्गों से होकर निकलते हैं। नर्मदा से सटे इस पूरे क्षेत्र में करीब 50 से अधिक ट्रैक्टर रेत, मिटटी, मुरुम का अवैध परिवहन का कार्य कर रहे हैं। यह ट्रैक्टर-ट्राॅलियां ओवरलोड होती है। इन ट्रैक्टरों का न तो फिटनेस है न ही रजिस्ट्रेशन।

इन्हें चलाने वाले चालकों को न तो यातायात नियमों की जानकारी है और न ही इनके पास ड्राइविंग लाइसेंस है। इसके साथ ही रेत ढोने वाले अगर ट्रैक्टर का ड्राइवर है तो उसे चलाने के लिए कमर्शियल लाइसेंस या हेवी वीकल लाइसेंस लेना होता है। अधिकांश के पास यह लाइसेंस नहीं है। कई नाबालिग भी ट्रैक्टर चलाते हुए मिल जाएंगे जबकि प्रशासन की अनदेखी के कारण यह चालक खुलेआम नियमों का उल्लंघन करते हुए लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। बड़वाह में शुक्रवार को उत्खनन कार्य के दौरान रेती भरने आए ट्रैक्टर ने 10 वर्षीय बालक लखन पिता विक्रम निवासी नावघाटखेड़ी को रौंद दिया था।

इससे उसकी मौके पर मौत हो गई। पिछले साल भी चालक ने लापरवाहीपूर्वक एक बुजुर्ग महिला को रेत से भरे ट्रैक्टर से कुचलने की बात सामने आई थी। इस वर्ष जनवरी माह में खंडवा नाके पर ट्रैक्टर के चलते सड़क हादसे में बाइक सवार की मौत भी हुई थी।
कृषि कार्य में प्रयोग होने वाले ट्रैक्टरों से रेत ढो रहे
इन ट्रैक्टर का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्य के लिए किया जाता है। पावती के आधार पर परिवहन एक्ट के तहत किसान को कर मुक्त ट्रैक्टर दिया जाता है। इन्हीं का उपयोग रेत के परिवहन में किया जा रहा है। रेत का व्यापार करने वाले लोग बड़वाह सहित आसपास के क्षेत्रों के किसानों से पुराने ट्रैक्टर खरीद लेते हैं। अधिकांश ट्रैक्टर तो कई वर्ष पुराने हैं। जिनका रजिस्ट्रेशन भी नहीं होगा। इन पर तो नंबर भी नहीं लिखे होते हैं। फिर भी यह सड़कों पर बेखौफ होकर दौड़ रहे।

खदान बंद हो तो मजदूरों को करते हैं आगे
पिछले वर्ष रेत का उत्खनन बंद हो गया था। ऐसे में रेत का व्यापार करने वाले कई लोग इन मजदूरों को भीड़ के रूप में एकत्रित कर उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों के सामने खड़े कर देते थे। वह लोग उत्खनन बंद होने पर आर्थिक तंगी का हवाला देकर उत्खनन फिर से शुरू करने गुहार भी लगवाई थी लेकिन जब इस तरह की दुर्घटना में मुट्ठी भर राशि देकर उन्हें मुंह बंद करने का प्रलोभन देते हैं न तो यह रेत व्यापारी उन्हें किसी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलवाते हैं।

पुलिस ने मर्ग कायम किया, जांच जारी
मासूम की मौत के मामले में बड़वाह पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। थाना प्रभारी संजय द्विवेदी ने बताया मामले में जांच शुरू कर दी है। पीड़ित परिवार का पक्ष जानने के लिए पुलिस घर पहुंची थी लेकिन जानकारी मिली कि माता-पिता सदमे में हैं। चिकित्सीय सेवा ले रहे हैं। सभी बिंदुओं पर पुलिस जांच करेगी। ट्रैक्टर चालक, मालिक व संचालक सभी की जानकारी जुटाई जा रही है। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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