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मलेरिया जांच में राहत:4500 स्लाइड की जांच में एक भी मरीज नहीं मिला

खरगोनएक महीने पहले
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  • 1250 गांवों में स्वास्थ्य अमले ने सैंपल लिए, स्वच्छता जागरुकता काम आई

कोरोना महामारी के चलते लोगों में स्वास्थ्य व स्वच्छता के प्रति जागरुकता बढ़ने से मलेरिया व डेंगू के मरीजों में पिछले साल की तुलना में कमी आई है लेकिन खतरा भी टला नहीं है। स्वास्थ्य विभाग जून को मलेरिया निरोधक माह मनाया। जुलाई को डेंगू निरोधक माह के रूप में मना रहा है।

मच्छर लार्वा स्तर पर ही नष्ट करने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। मलेरिया माह के दौरान स्वास्थ्य अमला जिले के 1250 गांवों में पहुंचा। बुखार पीड़ित 4500 लोगों की जांच की। इनमें एक भी मरीज सामने नहीं आया। पिछले साल जिले में मलेरिया के 7 मरीज मिले थे। इस साल 1 मरीज ऊन क्षेत्र में मिला है।

शहरी क्षेत्र में मिल रहे डेंगू के मरीज
मलेरिया विभाग के मुताबिक 2020 में जिले में डेंगू के 35 मरीज मिले थे। इनमें अधिकांश शहरी क्षेत्र के थे। पुलिस लाइन में 2 लोग पीड़ित हुए थे। इस साल 5 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। ग्रामीण क्षेत्र के बजाय शहरी क्षेत्र में डेंगू का खतरा बढ़ रहा है। डेंगू का मच्छर साफ पानी में बढ़ता है।

बारिश के बाद नालियों की नियमित सफाई नहीं होती। नालियों में नीचे गंदगी जमा रहती है और ऊपरी सतह पर पानी साफ होता है। यह मच्छर के पनपने के लिए अनुकूल रहता है। इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है।

कोरोना व डेंगू से बिगड़ी स्थिति
जिन लोगों को कोरोना के साथ डेंगू हुआ उनकी स्थिति गंभीर देखी गई थी। मलेरिया अधिकारी डॉ. सुनील वर्मा ने बताया जिला अस्पताल में भर्ती तीन कोरोना मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। ऐसे पीड़ितों के स्वास्थ्य में सुधार में समय लगता है।

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