देसी जुगाड़:प्लंबर व वेल्डिंग दुकान संचालक ने जंबो सिलेंडर बनाकर अस्पताल में लगाया

खरगोन6 महीने पहले
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  • कोविड केयर सेंटर में खुद ही इंस्टॉल भी किया
  • एक जंबो सिलेंडर से पूर्ण क्षमता से 4 मरीजों को 6 घंटे तक मिल सकती है ऑक्सीजन

किसी भी काम में आ रही तकलीफ को दूर करने के लिए निमाड़ के लोग कोई न कोई देसी जुगाड़ लगा लेते हैं। कोविड संक्रमण के दौर में ऑक्सीजन सिलेंडर की किल्लत सामने आ रही है। ऑक्सीजन से भरा सिलेंडर मिल भी गया तो वह एक व्यक्ति की ही आपूर्ति कर रहा है। अन्य मरीज परेशान हो रहे है।

इस समस्या को दूर करने व लोगों की जिंदगी को बचाने के लिए गोगावां के युवाओं ने नई तकनीक इजाद की। इसकी मदद से एक जंबो सिलेंडर से एक ही समय में 4 मरीजों को पूर्ण क्षमता से 6 घंटे ऑक्सीजन सप्लाय हो सकेगी।

इनकी है पहल

इस तकनीक को बनाने में वेल्डिंग दुकान संचालक व प्लंबर ने खासी मदद की। इसका उपयोग भी शुरू हो गया। इस तकनीक को तैयार करने में मात्र 4 हजार रुपए का खर्च आया। डॉ. पार्थ रत्नपारखी ने बताया यह तकनीक काफी कारगर है। इससे सिलेंडर की कमी होने पर भी एक साथ 4 मरीजों को ऑक्सीजन पहुंचाई जा सकेगी।

खतरा भी नहीं

छोटे सिलेंडर में रिफिल करने में मशीन की जरूरत होती है। बाजार में उपलब्ध नहीं है। इसमें रिस्क भी है। रिफिलिंग के समय छोटा सिलेंडर गर्म होता है। फटने की आशंका रहती है। इसलिए रिफिलिंग की बजाय इस तकनीक पर काम किया। इसमें एलपीजी सिलेंडर का पाइप, एलपीजी चूल्हे का लोहे का पाइप और कनेक्टर व 5 फ्लो मीटर का उपयोग किया है।

आवश्यकता पड़ी तो किया ईजाद

क्षत्रिय महासभा के संभागीय अध्यक्ष व भाजपा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र यादव ने बताया मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे है। क्षेत्र के मरीजों के स्थानीय स्तर पर इलाज के लिए 5 दिन पहले कोविड केयर सेंटर शुरू किया। यहां 10 मरीज है। ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी तो सिलेंडर के लिए वेल्डिंग दुकान संचालकों से संपर्क किया। सिलेंडर खाली होने पर भरवाना जरूरी है। इस दौरान मरीज के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था कैसी हो।

इसलिए एक ही सिलेंडर से 4 मरीजों तक ऑक्सीजन पहुंचाने पर काम शुरू किया। वेल्डिंग दुकान संचालक जाकीर खत्री व प्लंबर पवन कदम ने इस पर काम किया। और कुछ ही समय में नई तकनीक इजाद हो गई। इसमें जितेंद्र यादव, डॉ. सलीम बाबा, सत्तार सेठ आदि ने सहयोग दिया। अब ऑक्सीजन सेचुरेशन 90 से कम होने पर भी मरीजों को यहां रखा जा सकेगा।

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