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सोशल मीडिया:गणगौर पर्व की तैयारियां शुरू, जगह-जगह गूंजने लगे झालरिया गीत

खरगोन11 दिन पहले
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निमाड़ के मुख्य पर्व गणगौर की तैयारियां शुरू हो चुकी है। गली-मोहल्लों में गणगौर गीत गूंजने लगे है। 7 अप्रैल को एकादशी पर माता की मूठ रखी जाएगी। 8 दिन माता की बाड़ी में सेवा के बाद 15 अप्रैल गणगौरी तीज पर माता पाट बैठेगी। श्रद्धालु शृंगारित रथों में माता की टोकनियां लेकर घर ले जाएंगे। अगले दिन रथ बौढ़ाए जाएंगे। 17 अप्रैल को पर्व का समापन होगा। पर्व को लेकर निमाड़ी लोकगीत गायक शिव गुप्ता ने “नर नारी झालरिया दईं रा अपना निमाड़म...’ गीत तैयार किया है। यह गीत सोशल मीडिया पर पसंद किया जा रहा है।

इसमें माता की महिमा बताई गई है। गुप्ता ने बताया मान्यता अनुसार मां गणगौर माता पार्वती का स्वरूप है। सबसे पहले राणा वंश की बहू काजल रानी ने मनाया। बाड़ी में जुवारे बोए और माता की आराधना की थी। काजल रानी का विवाह कुंदई राणा से हुआ था। उन्होंने राणा परिवार की गरीबी दूर करने, गड़ भंवरा का राज वापस मिलने व दुष्ट राक्षक को मारने के लिए मन्नत ली। इसके बाद राणाओं के भांजे देव मालन ने दैवीय शक्ति से राक्षक को मार दिया। राज भी वापस मिल गया। तब से पर्व मनाने की परंपरा शुरू हुई। इस गीत को तैयार करने में मोहन यादव, बादामसिंह सावनेर व पीयूष कुशवाह ने सहयोग दिया।

टोकनियां खरीदी, घरों की सफाई शुरू

घुघरियाखेड़ी | गणगौर पर्व की तैयारियां शुरू हो चुकी है। सोमवार को ग्राम लाखी में श्रद्धालुओं ने बांस की टोकनियां खरीदी। कमलेश गवली, संतोष शर्मा, पप्पू यादव आदि ने बताया इन टोकनियाें में माता की बाड़ी के पुजारी जुवारे बोएंगे। माता की अगवानी के लिए महिलाएं घरों की सफाई में जुटी है। कपड़े-बिस्तर भी धोए जा रहे हैं।

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