राहत की सांस:बाजार में फ्लो मीटर की किल्लत, डॉक्टर ने जुगाड़ से बनाया, कालाबाजारी से भी छुटकारा

सनावद6 महीने पहले
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  • ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ फ्लो मीटर की रहती है जरूरत, तीन गुना दाम में मरीजों के परिजन खरीदने को मजबूर

शहर के एक डॉक्टर ने देशी जुगाड़ से फ्लो मीटर बनाया है ताकि संक्रमण मरीज के परिजन को फ्लो मीटर न मिलने पर वह देशी जुगाड़ से बने फ्लो मीटर का उपयोग कर अपने मरीज को ऑक्सीजन दे सकें। वर्तमान समय में ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ फ्लो मीटर की भी बाजार में किल्लत हो गई है। कई लोग 500 रुपए में मिलने वाले फ्लो मीटर के दो से तीन गुना दाम चुकाने को मजबूर हैं।

ऐसे में शहर के निजी अस्पताल के संचालक डॉ. अजय मालवीय के देशी जुगाड़ से बने फ्लो मीटर लोगों के लिए कारगार साबित हो सकता है। उन्होंने बताया जब लोग सभी प्रयासों के बाद भी फ्लो मीटर का इंतजाम न कर पाए तो ऐसे में यह तरीका उनके लिए उपयोगी साबित होगा। डॉ. मालवीय ने बताया पिछले दिनों इंदौर निवासी दाेस्ते के परिवार फ्लो मशीन के लिए काफी परेशान हुए और उनको नहीं मिला। इसलिए जुगाड़ का फ्लो मीटर बनाया है।

इन सामग्री से बनाया

  • 20 एमएल की सिरिंज
  • 01 ट्यूब
  • 01 मास्क
  • 01 पानी की आधी भरी बोतल

इन तीन तस्वीरों और उनके बिंदुओं से समझिए जुगाड़ का फ्लो मीटर बनाने की प्रक्रिया

1. सबसे पहले सिरिंज की सुई को निकालना है। इसके बाद सिरिंज में लगे रबर के सिलेंडर को भी निकालना है। सिरिंज के पीछे वाले हिस्से को काटकर अलग करना है। ताकि वह गैस सिलेंडर में लग सके। मास्क व ट्यूब में से ट्यूब में से कुछ हिस्सा काट लें।

2. इस कटी हुई टयूब को पानी की बोतल में ऊपर से छेद कर डाल दें। यह ट्यूब पानी में पूरी डूबी हुई होनी चाहिए। ट्यूब का दूसरा हिस्सा सिरिंज के आगे वाले हिस्से में लगेगा। बोतल के ढक्कन में छेद कर निडिल में लगा दें। ट्यूब से जुड़े मास्क को उस निडिल में लगा दें।

3. बोतल को रस्सी के सहारे ऑक्सीजन सिलेंडर से बांध दें। सिरिंज के कटे हुए हिस्से को ऑक्सीजन सिलेंडर के नोजल में टाइट लगा दें। सिलेंडर की नाब का थोड़ा सा खोलें। मास्क मरीज के मुंह से बांध दें। सिलेंडर में से निकली हुई ऑक्सीजन पानी में फिल्टर होकर मरीज के पास पहुंचेगी।

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